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  • कॉकरोच जनता पार्टी पर सरकारी शिकंजा, X अकाउंट ब्लॉक…लेकिन ।

    कॉकरोच जनता पार्टी पर सरकारी शिकंजा, X अकाउंट ब्लॉक…लेकिन ।

    दिल्ली—  सोशल मीडिया पर पिछले एक हफ्ते से सुर्खियों में छाई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब सरकार के रडार पर आ गई है। युवाओं के बीच तेजी से वायरल हुए इस डिजिटल कैंपेन पर केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए X (पूर्व ट्विटर) को पार्टी का अकाउंट ब्लॉक करने का निर्देश दिया है।

    हालांकि अकाउंट बंद होने के कुछ ही घंटों बाद CJP ने “Cockroach Is Back” नाम से नया हैंडल बनाकर फिर वापसी कर ली।

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आईटी एक्ट 2000 की धारा 69(A) के तहत कार्रवाई करते हुए X को अकाउंट ब्लॉक करने का आदेश दिया। बताया जा रहा है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की सिफारिश के बाद यह कदम उठाया गया।

    एजेंसियों का मानना था कि अकाउंट पर साझा किया जा रहा कंटेंट देश की संप्रभुता, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए संवेदनशील हो सकता है।

    एक हफ्ते में “टॉक ऑफ द कंट्री” बनी CJP

    16 मई को शुरू हुई यह ऑनलाइन मुहिम देखते ही देखते देशभर में चर्चा का विषय बन गई। अकाउंट ब्लॉक होने से पहले CJP के X हैंडल पर करीब 90 हजार फॉलोअर्स थे। लेकिन 21 मई को अकाउंट बंद होते ही नया हैंडल “Cockroach Is Back” लॉन्च कर दिया गया, जिसकी बायो लाइन थी -“Cockroach Don’t Die”।
    महज एक दिन के भीतर नए अकाउंट पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़ गए।

    वहीं इंस्टाग्राम पर CJP का प्रभाव और भी बड़ा दिखाई दे रहा है, जहां इसके करीब 19 मिलियन फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अब सरकार की नजर इस प्लेटफॉर्म पर भी है और आगे कार्रवाई संभव मानी जा रही है।

    कैसे शुरू हुआ CJP कैंपेन

    ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कैंपेन की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की उस टिप्पणी के बाद हुई, जिसमें युवाओं और सिस्टम की आलोचना को लेकर दिए गए बयान पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। हालांकि बाद में जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया।

    इसके बाद सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से व्यंग्यात्मक डिजिटल कैंपेन शुरू हुआ, जिसने युवाओं के बीच बड़ी पकड़ बना ली। कैंपेन चलाने वाले अभिजीत दीपके का दावा है कि उन्होंने केवल छात्रों के मुद्दों और जवाबदेही की मांग को उठाया था।

    NEET पर्चा लीक का गुस्सा भी बना वजह

    कैंपेन के पीछे NEET पेपर लीक और उससे जुड़े छात्र आत्महत्या मामले को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट्स में छात्रों के भविष्य, बेरोजगारी और व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आई। यही वजह रही कि यह डिजिटल मुहिम कुछ ही दिनों में लाखों युवाओं की आवाज बनती दिखाई दी।

    सरकार बनाम सोशल मीडिया कैंपेन

    आईटी एक्ट की धारा 69(A) सरकार को ऐसे ऑनलाइन कंटेंट को ब्लॉक करने का अधिकार देती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा माना जाए। X की नीति के अनुसार भी किसी अकाउंट पर तभी कार्रवाई होती है जब अधिकृत सरकारी एजेंसी की ओर से वैध कानूनी अनुरोध मिले।

    फिलहाल CJP का पुराना अकाउंट भारत में ब्लॉक है, लेकिन दूसरे देशों में वह अब भी दिखाई दे रहा है। दूसरी तरफ “Cockroach Is Back” के जरिए इस कैंपेन की वापसी ने यह साफ कर दिया है कि डिजिटल दौर में ऑनलाइन आंदोलनों को पूरी तरह रोक पाना आसान नहीं है।