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सूचना पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई,,, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उपखनिज लेने गया वाहन कब्जे में,,,।
हल्द्वानी— वन विभाग ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक ऐसे वाहन को अपनी अभिरक्षा में लिया है, जो बिना पंजीकरण के होने के बावजूद किसी अन्य पंजीकृत वाहन की नंबर प्लेट और चिप लगाकर नदी क्षेत्र में उपखनिज लेने पहुंचा था। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग के उपनिरीक्षक संदीप सूंठा ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग को मुखबिर खास के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि एक वाहन, जो बिना पंजीकरण का है, किसी अन्य पंजीकृत वाहन की नंबर प्लेट और चिप का उपयोग कर नदी क्षेत्र में उपखनिज लेने गया है। सूचना पर विश्वास करते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल वाहन की जांच की।
जांच के दौरान पाया गया कि एक बिना पंजीकृत वाहन ने पंजीकृत वाहन संख्या UK06 0810 की नंबर प्लेट लगाई हुई थी तथा उसी वाहन की चिप का उपयोग कर नदी क्षेत्र में प्रवेश किया गया था।
प्रथम दृष्टया मामला नियमों के उल्लंघन एवं धोखाधड़ी से जुड़ा प्रतीत हुआ, जिसके बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन को अपनी अभिरक्षा में ले लिया।
उपनिरीक्षक संदीप सूंठा के अनुसार, विभागीय संसाधनों की सहायता से उक्त वाहन को डोली रेंज परिसर में खड़ा करा दिया गया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई गतिमान है तथा यह जांच की जा रही है कि बिना पंजीकरण वाहन किसके स्वामित्व में है और पंजीकृत वाहन की नंबर प्लेट एवं चिप का उपयोग किस प्रकार किया गया।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी गोला चन्दन सिंह अधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी अनिल जोशी तथा प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी हिमांशु बागड़ी के निर्देशन में कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नदी क्षेत्रों में अवैध उपखनिज निकासी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
वन विभाग का कहना है कि अवैध खनन और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी गहन जांच की जा रही है।
देश
हाइकोर्ट— जस्टिस आशीष नैथानी को फुल कोर्ट रेफ्रेंस के साथ दी गई विदाई..।
नैनीताल— उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आशीष नैथानी को आज फ़ुल कोर्ट रैफ्रेन्स के साथ सेवानिवृत्त होने पर भावभीनी विदाई दी। बार के साथ बेंच ने भी उनके सभ्य और सरल व्यवहार को याद किया।
उच्च न्यायालय में आज मुख्य न्यायाधीश हॉल में फूल बेंच रेफरेंस का आयोजन किया गया। इसमें, न्यायमूर्ति आशीष नैथानी को विदाई दी गई। मुख्य न्यायाधीश मंनोज कुमार गुप्ता, वरिष्ठ न्यायमूर्ति मंनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी, न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल, न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित, न्यायमूर्ति आलोक मेहरा, न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की मौजूदगी में रजिस्ट्रार जर्नल योगेश कुमार गुप्ता ने अनुमाती मांगी।
सेवानिवृत्ति की कार्यवाही शुरू हुई तो सी.एस.सी.पूरन सिंह बिष्ट, बार एसोसिएशन अध्यक्ष डी.सी.एस.रावत ने न्यायमूर्ति आशीष नैथानी के बारे में उल्लेख किया। बताया गया कि न्यायमूर्ति नैथानी ने वर्ष 2011 में जिला जज बनने के बाद 13 वर्षों तक कार्य किया। वो सेवानिवृत्ति के कुछ समय बाद 9 जनवरी 2025 को हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने। फोटोग्राफी का शौक रखने वाले सौम्य व्यवहार के सरल व्यक्ति आशीष कॉफी पीना बहुत पसंद करते हैं।
मुख्य न्यायाधीश मंनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि ऊत्तराखण्ड में जौनसार के हालसी के रहने वाले आशीष, ज्युडिसिरी के पहले ऐसे न्यायाधीश बने जिसका एलिवेशन रिटायरमेंट के बाद हुआ। उनके जजमेंट भी न्यायपालिका को मान सम्मान दिलाने वाले थे।
उन्होंने अपने साथी जजों, अधिवक्ताओं और स्टाफ से बराबर का व्यवहार किया। न्यायाधीश से परे, वो एक फोटोग्राफर, पेंटर और टेलीग्राफर हैं। “मैं सभी जजों और न्यायिक परिवार की तरफ से उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विदा करता हूँ। वो न्यायालय से बेशक सेवानिवृत हो रहे हैं, लेकिन व्यवहार में वो कभी हमारे दिलों से नहीं हटेंगे”
भावुक दिख रहे सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आशीष नैथानी ने कहा, “मैं सबसे पहले अपनी माँ को नमन करता हूँ, उनके संस्कार से मैं आज यहां हूँ, पत्नी और लड़के ने हर वक्त प्यार और सहारा दिया” उन्होंने सभी रिश्तेदारों को कम्फर्ट और शक्ति प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया। जजों के लिए कहा कि उनसे बहुत कुछ सीखा है।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश ऋतु बाहरी, नरेंद्र गौहानाथन और वर्तमान मुख्य न्यायाधीश मंनोज कुमार गुप्ता की मदद मिली और उनसे सीखने को मिला। उन्होंने अपने पी.एस., ऑफिस स्टाफ, सुरक्षाकर्मी, ग्रह कर्मचारी और चालक का भी सहायता के लिए आभार जताया। यहां बनी हमारी दोस्ती सदा बने रहेगी।
