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  • डिजिटल होगी जनगणना:- मोबाइल ऐप से होगा डेटा का संग्रहण।

    डिजिटल होगी जनगणना:- मोबाइल ऐप से होगा डेटा का संग्रहण।

    हल्द्वानी—   जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। जनपद नैनीताल में 25 अप्रैल से 24 मई 2026 के बीच मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य किया जाएगा।

    इस क्रम में काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में तीन दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की नींव जनगणना के आंकड़ों पर ही आधारित होगी, इसलिए यह अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है।

    प्रशिक्षण के दौरान जनगणना की प्रक्रिया, मकानों व परिवारों के सूचीकरण और डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रहण की विस्तृत जानकारी दी गई। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी ने बताया कि पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए डेटा संकलन होगा।

    जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि 10 से 24 अप्रैल 2026 के बीच नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा।

    प्रशासन ने सभी प्रशिक्षुओं से सटीक और त्रुटिरहित डेटा संकलन सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि जनगणना के आंकड़े विकास योजनाओं की मजबूत आधारशिला बन सकें।

  • जनगणना 2027 :-  पहली बार मोबाइल ऐप से होगा डेटा संग्रह।

    जनगणना 2027 :- पहली बार मोबाइल ऐप से होगा डेटा संग्रह।

    हल्द्वानी—   भारत की प्रस्तावित जनगणना 2027 के तहत द्वितीय दिवस का प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को सर्किट हाउस, काठगोदाम में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रधान जिला जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जनगणना कार्य को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।

    जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें तथ्यों का व्यवस्थित और प्रामाणिक संकलन किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया शासन की पारदर्शिता और प्रशासन की विश्वसनीयता की परीक्षा भी है। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान सभी शंकाओं का समाधान कर कार्य को त्रुटिरहित, समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से संपन्न करना आवश्यक है।

    उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि आंकड़े अधूरे या त्रुटिपूर्ण नहीं होने चाहिए। सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन बिना भेदभाव और पूर्ण निष्ठा के साथ करें, ताकि भविष्य की विकास योजनाओं के लिए सटीक आधार तैयार हो सके।

    जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 में पहली बार डिजिटल मोड के तहत मोबाइल ऐप्स के माध्यम से डेटा एकत्र किया जाएगा। प्रगणक और पर्यवेक्षक स्वयं मोबाइल उपकरण का उपयोग करेंगे, जबकि निगरानी एवं प्रबंधन सी.एम.एम.एस. (Census Management & Monitoring System) पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।

    उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना दो पालियों में सम्पन्न होगी और सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्धता सुनिश्चित करनी होगी। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनर एवं उपनिदेशक जनगणना प्रवीन कुमार ने विस्तृत जानकारी प्रदान की और प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी (जिला जनगणना अधिकारी), जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी (सहायक जिला जनगणना अधिकारी) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    डिजिटल तकनीक के समावेशन के साथ जनगणना 2027 पारदर्शिता, दक्षता और सटीकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।