हल्द्वानी–बैठक में जिलाधिकारी सरस मेेले के आयोजित हेतु की जा रही विभिन्न व्यस्थाओं की जानकारी लेते हेतु निर्देश दिये कि सरस मेेले का मुख्य उद्देश्य विभिन्न स्वंय सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी के माध्यम से उनकी बिक्री हो, जिससे की वह समूह आर्थिक रूप से मजबूत हो,

 

इस हेतु जिलाधिकारी ने कहा कि मेले में लगाई जाने वाली प्रदर्शनी/स्टालों को मेले का मुख्य आकर्षण रखा जाए। इस हेतु सभी स्टालों की एक रूपता के साथ ही वह आकर्षक हों तथा बेहतर से बेहतर उत्पाद समूहों द्वारा निर्मित किए गए हैं उनकी प्रदर्शनी लगे ताकि आने वाला प्रत्येक व्यक्ति उन उत्पादों से आकर्षित हो और वह अपने उपयोग के साथ ही जरूरत के तौर पर उन उत्पादों के क्रय करे।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि यह प्रदर्शनी राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी हो साथ ही सफाई आदि व्यवस्था का विशेष ध्यान रखते हुए विभिन्न राज्यों से मेले में प्रतिभाग कर रहे स्वंय सहायता समूहों को आवश्यकतानुसार स्टॉल उपलब्ध कराए जाए।

 

 

उन्होंने कहा कि एसएचजी को बेहतर बाजार यहॉ मिल सके ऐसे प्रयास किए जाए। जिलाधिकारी ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरस मेले में बेहतर से बेहतर एसएचजी को बुलाया जाए। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के बेहतर इंतजाम रखे जाए। क्षेत्र में उचित पार्किंग, पेयजल, सफाई व्यवस्था रखी जाए।

 

 

जिलाधिकारी ने कृषि, उद्यान आदि विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये है कि जिले में जो भी प्रगतिशील किसान, काश्तकार, उद्यमी आदि हैं उनका मेले में एक्सपोजर विजिट कराया जाए।

See also  उत्तराखंड में मदरसों की शिक्षा व्यवस्था में हुआ बड़ा बदलाव,,, अब जुमे(शुक्रवार) को नहीं होगी छुट्टी,,।

 

 

जिलाधिकारी ने कहा कि मेले के दौरान आगंतुकों को स्थानीय संस्कृति की झलक मिले इस हेतु कुछ संख्या में स्थानीय लोक कलाकारों को भी मंच प्रदान कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाए।

 

बैठक में जिला विकास अधिकारी गोापाल गिरी गोस्वामी ने बताया कि सरस मेले में कुल 250 स्टॉल लगाए जा रहे हैं जिसमें 74 एसएचजी देश के विभिन्न राज्यों के, 117 उत्तराखंड राज्य के एसएचजी प्रतिभाग करेंगे 69 स्टॉल व्यसायिक लगाए जाएंगे।

बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, एपीडी चंदा फर्त्याल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

You missed