हल्द्वानी— प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने खाद्य विभाग की लैब टेस्टिंग प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाए हैं। संगठन के प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि विभाग की मौजूदा प्रणाली व्यापारियों और आम जनता दोनों के लिए उत्पीड़न का कारण बन रही है।
वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि खाद्य विभाग द्वारा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों से सैंपल लिए जाते हैं, लेकिन उनकी लैब टेस्टिंग रिपोर्ट कई महीनों बाद दी जाती है, जो सरासर गलत है और भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती है। इस देरी से न केवल व्यापारी परेशान होता है, बल्कि इस बीच मिलावटी सामान बाजार में बिकता रहता है, जिसका शिकार आम जनता होती है और जनहानि का खतरा बना रहता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार मंडल कभी भी मिलावटखोरों और नकली सामान बेचने वालों का समर्थन नहीं करता है। उन्होंने मांग की कि खाद्य विभाग को जिला प्रशासन के साथ मिलकर जिले और शहर की सीमाओं पर ही नकली और मिलावटी सामानों की धरपकड़ के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाना चाहिए और मौके पर ही लैब टेस्टिंग कर जांच रिपोर्ट देनी चाहिए।
वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस संदर्भ में प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल का एक शिष्टमंडल जल्द ही खाद्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलेगा।
