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  • हल्द्वानी:-  संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर बड़ा एक्शन,,, जिलाधिकारी ने किया प्रमाण पत्र निरस्त,,,।

    हल्द्वानी:- संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र पर बड़ा एक्शन,,, जिलाधिकारी ने किया प्रमाण पत्र निरस्त,,,।

    हल्द्वानी—   संदिग्ध जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नियुक्ति हासिल करने के मामले में नैनीताल जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।

    जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की संस्तुति के बाद होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. मनीषा कायथ का हल्द्वानी तहसील से जारी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है।

    मामले की शिकायत अनिल कुमार कंबोज, निवासी खैराना, सितारगंज ने की थी। जांच में सामने आया कि डॉ. मनीषा कायथ का मूल निवास हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में है। उन्हें वर्ष 1999 में हिमाचल प्रदेश के कसौली तहसील से छिब्बे जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी हुआ था।

    विवाह के बाद उन्होंने वर्ष 2014 में हल्द्वानी तहसील से धोबी जाति का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उनका चयन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के पद पर हुआ था। वर्तमान में वह चंपावत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटी में एनएचएम के तहत संविदा पर कार्यरत हैं।

    सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों का भी परीक्षण

    मामले की जांच के लिए 3 अगस्त 2026 को जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की बैठक हुई। कमेटी ने संबंधित दस्तावेजों के साथ सुप्रीम कोर्ट के Ranjana Kumari Vs State of Uttaranchal और उत्तराखंड हाईकोर्ट के Smt. Anshu Sagar Vs State of Uttarakhand मामलों में दिए गए फैसलों का भी परीक्षण किया।

    कमेटी के अनुसार, न्यायिक व्यवस्था में यह स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ मूल राज्य से संबंधित होने के आधार पर ही राज्य की सेवाओं में दिया जाता है। विवाह के बाद दूसरे राज्य में जाकर वहां की अनुसूचित जाति श्रेणी का लाभ लेने का प्रावधान नहीं है।

    प्रमाण पत्र जब्त करने के निर्देश

    जिलाधिकारी ने जांच और कानूनी प्रावधानों के आधार पर 22 जनवरी 2014 को हल्द्वानी तहसील से जारी जाति प्रमाण पत्र संख्या 040201400069/266 को निरस्त कर दिया है। साथ ही तहसीलदार हल्द्वानी को प्रमाण पत्र जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

    प्रकरण के निस्तारण के बाद संबंधित विभागों को भी आगे की कार्रवाई के लिए पत्र भेजे गए हैं।

    जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखते हुए नियमों और लागू कानूनी व्यवस्थाओं के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

  • जिलाधिकारी के एक्शन से मचा हड़कंप,,, पटवारी निलंबित,,, दूसरे अधिकारी पर जांच की आंच,,,।

    जिलाधिकारी के एक्शन से मचा हड़कंप,,, पटवारी निलंबित,,, दूसरे अधिकारी पर जांच की आंच,,,।

    उत्तराखंड—  हल्द्वानी में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के औचक निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में बड़ी लापरवाही सामने आई। भू-राजस्व अधिनियम की धारा-41 और पैमाइश से जुड़े कई मामलों को महीनों तक लंबित रखने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) संजय प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

    वहीं तत्कालीन राजस्व निरीक्षक ब्रजेश कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

    निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई मामलों में तहसीलदार के आदेश के बाद भी समय पर कार्रवाई नहीं की गई। कई पत्रावलियां दिसंबर 2025 से लंबित थीं, जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ा।

    जांच में सामने आया कि ग्राम किशनपुर रैकवाल, बमौरी तल्ली और प्रतापगढ़ी मल्ली, काठगोदाम से जुड़े मामलों में आदेश जारी होने के कई महीनों बाद भी पैमाइश और आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

    इसे सरकारी दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के तहत संजय प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय तहसील भीमताल निर्धारित किया गया है।

    जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सौरभ असवाल और नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेयी को सभी लंबित पत्रावलियों का दोबारा निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    डीएम ललित मोहन रयाल ने साफ कहा कि राजस्व मामलों में देरी और जनहित के कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • जामरानी बांध परियोजना :- धीमी रफ्तार,,, अधूरा मुआवजा,,??,

    जामरानी बांध परियोजना :- धीमी रफ्तार,,, अधूरा मुआवजा,,??,

    हल्द्वानी—   बहुप्रतीक्षित जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना की धीमी रफ्तार और कई स्तरों पर सामने आई लापरवाहियों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अरविन्द कुमार पांडे ने बुधवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को जमकर फटकार लगाई।

    निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी चिंता मलबा निस्तारण को लेकर सामने आई। परियोजना के लिए तीन डंपिंग साइटें तय होने के बावजूद केवल एक ही साइट पर मलबा डाला जा रहा है। इतना ही नहीं, मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं होने के कारण बारिश में उसका हिस्सा नदी में बह रहा है। इस पर CDO ने नाराजगी जताते हुए सभी डंपिंग साइटों को जल्द विकसित करने और पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।

    बैठक में पुनर्वास एवं मुआवजा की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि लगभग ₹408 करोड़ के मुआवजे में से अभी भी ₹68 करोड़ का भुगतान बाकी है, जबकि 14 परिवारों से जुड़े लगभग ₹12 करोड़ के मामले मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) में लंबित हैं। CDO ने इन मामलों का जल्द निस्तारण कर प्रभावित परिवारों को समय पर राहत देने के निर्देश दिए।

    समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करने वाली थर्ड पार्टी एजेंसी पिछले चार-पांच महीनों से साइट पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंची, जबकि नियमानुसार हर तीन महीने में निरीक्षण होना चाहिए। इस पर भी उन्होंने नाराजगी जताते हुए नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    अधिकारियों ने बताया कि परियोजना में पर्याप्त मैनपावर और मशीनरी की कमी के कारण निर्माण कार्य निर्धारित लक्ष्य से पीछे चल रहे हैं। इस पर CDO ने संसाधन बढ़ाकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान विस्थापित परिवारों के लिए पराग फार्म में विकसित की जा रही पुनर्वास कॉलोनी की प्रगति की भी समीक्षा की गई और सभी जरूरी सुविधाएं समय पर पूरी करने को कहा गया।

    कॉर्पोरेट पर्यावरणीय जिम्मेदारी (CER) के तहत प्रभावित 19 गांवों में 1,175 सोलर लाइटें लगाने की योजना की भी समीक्षा हुई। CDO ने निर्देश दिए कि पूरी प्रक्रिया जिला प्रशासन की निगरानी में कराई जाए और पहले से लगाई गई सोलर लाइटों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाए।

    सामाजिक विकास कार्यों को लेकर भी CDO ने नाराजगी जताई। शिक्षा, स्मार्ट क्लास, शौचालय और अन्य विकास कार्यों के लिए निर्धारित ₹13 करोड़ की राशि में अब तक केवल ₹40 लाख खर्च होने पर उन्होंने अधिकारियों से जवाब तलब किया और प्रभावित गांवों के लिए वर्षवार कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम करने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान एक और बड़ी बात सामने आई कि परियोजना के महाप्रबंधक मौके पर मौजूद नहीं थे। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए जवाबदेही तय करने के संकेत दिए।

    CDO ने स्पष्ट कहा कि जमरानी बांध परियोजना में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

  • नैनीताल– कौन्ता–ककोड़–हरीशताल सड़क की होगी हाई-लेवल जांच…।

    नैनीताल– कौन्ता–ककोड़–हरीशताल सड़क की होगी हाई-लेवल जांच…।

    उत्तराखंड–  नैनीताल जिले के ओखलकांडा क्षेत्र में बनी कौन्ता-ककोड़-हरीशताल मोटर मार्ग की गुणवत्ता को लेकर उठी शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर दी है।

    यह सड़क पीएमजीएसवाई, काठगोदाम खंड के अंतर्गत निर्मित हुई है। जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सड़क का स्थलीय निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष आकलन किया जा सके।

    गठित समिति में मुख्य विकास अधिकारी, नैनीताल को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को सदस्य नामित किया गया है।

    डीएम ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह कार्यस्थल का विस्तृत निरीक्षण करे, निर्माण गुणवत्ता की जांच करे और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल कर तीन सप्ताह के भीतर स्पष्ट और तथ्यपरक रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

    जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को भी जांच में पूरा सहयोग देने, सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने और तकनीकी सहायता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि यदि जांच में अनियमितता, घटिया निर्माण या लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    जिला प्रशासन ने दोहराया है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और जनहित से जुड़े हर निर्माण कार्य में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

  • हल्द्वानी,,, रॉन्ग साइड वाले सावधान हो जाएं,,..डीएम ऑन ग्राउंड,,।

    हल्द्वानी,,, रॉन्ग साइड वाले सावधान हो जाएं,,..डीएम ऑन ग्राउंड,,।

    हल्द्वानी—  ब्लैक स्पॉट सुधारने से लेकर LED लाइट, कैमरे, रंबल स्ट्रिप और रॉन्ग साइड चलने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, बिना हेलमेट वालों को खुद हेलमेट बांटकर दिया सुरक्षा का संदेश।

    हल्द्वानी, लगातार बढ़ते सड़क हादसों को गंभीरता से लेते हुए नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तीनपानी बाईपास समेत जिले के सभी दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

    जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने तीनपानी बाईपास पर सेंसरयुक्त एलईडी स्ट्रीट लाइट, रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, स्पीड कंट्रोल के लिए रंबल स्ट्रिप बढ़ाने और पीक आवर्स में पुलिस व परिवहन विभाग की तैनाती के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों पर चालान, लाइसेंस निलंबन, वाहन सीज और भारतीय न्याय संहिता की धारा-281 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

    डीएम ने जिले के सभी ब्लैक स्पॉट पर क्रैश बैरियर, चेतावनी बोर्ड, पैराफिट और गति नियंत्रण के उपाय तत्काल लागू करने के निर्देश भी दिए। वहीं, कोसी, अमृतपुर और गौला क्षेत्र में खनिज वाहनों से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    बैठक में डीएम ने केंद्र सरकार की ‘पीएम-राहत’ योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है।

    सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत जिलाधिकारी स्वयं सड़क पर उतरे और बिना हेलमेट दोपहिया चला रहे लोगों को हेलमेट वितरित कर यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि **हेलमेट केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच है।

  • चार शस्त्र लाइसेंस निरस्त,,, चार मामलों में कार्रवाई समाप्त,,, कानून व्यवस्था से समझौता नहीं :- जिलाधिकारी

    चार शस्त्र लाइसेंस निरस्त,,, चार मामलों में कार्रवाई समाप्त,,, कानून व्यवस्था से समझौता नहीं :- जिलाधिकारी

    उत्तराखंड—  जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर जनपद में शस्त्रों के दुरुपयोग एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए चार शस्त्र अनुज्ञप्तियां निरस्त कर दी गई हैं। वहीं परीक्षण एवं अभिलेखों के आधार पर चार अन्य मामलों में शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही समाप्त कर दी गई है।

    जिला अधिकारी कार्यालय से प्राप्त सूचना अनुसार त्रिभुवन चंद पुत्र बसंत बल्लभ, निवासी पोस्ट ऑफिस के पीछे, काठगोदाम द्वारा अपने लाइसेंसी पिस्टल से वाहन संख्या UK04-3233 में बैठकर सार्वजनिक स्थल पर फायरिंग किए जाने का मामला प्रकाश में आया था। शस्त्र का सार्वजनिक स्थल पर दुरुपयोग पाए जाने पर आयुध अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत उनकी शस्त्र अनुज्ञप्ति निरस्त कर दी गई।

    इसी प्रकार कोतवाली रामनगर में दर्ज प्राथमिकी में यह तथ्य सामने आया कि उमेश बेलवाल ने अपने भाई ललित बेलवाल की लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक का उपयोग कर वादी पर हमला किया।

    पुलिस द्वारा उमेश बेलवाल के कब्जे से उक्त लाइसेंसी बंदूक बरामद की गई। जिला प्रशासन ने माना कि शस्त्र धारक द्वारा अपने लाइसेंसी हथियार की सुरक्षा एवं नियंत्रण सुनिश्चित करना उसकी वैधानिक जिम्मेदारी है।

    ऐसे में, ललित बेलवाल के उच्च सैन्य सम्मान प्राप्त होने के बावजूद शस्त्र के दुरुपयोग की घटना को गंभीर मानते हुए उनके नाम निर्गत शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया।

    इसके अतिरिक्त, आपराधिक अभियोगों में पंजीकृत पाए जाने के आधार पर इश्तियाक अली पुत्र दिलावर अली, निवासी लाइन नंबर-18, बनभूलपुरा तथा मोहम्मद सलीम पुत्र अब्दुल वाहिद, निवासी इंदिरा नगर, बनभूलपुरा के पक्ष में जारी शस्त्र अनुज्ञप्तियां भी निरस्त कर दी गई हैं।

    वहीं, उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों के परीक्षण के उपरांत सतीश नैनवाल पुत्र चंद्र दत्त (थाना बेतालघाट), निसार सिद्दीकी पुत्र इकबाल हुसैन (बनभूलपुरा), शाहनवाज मलिक पुत्र मोहम्मद अशफाक (बनभूलपुरा) तथा अदनान नवाब पुत्र इक्तेदार उल्लाह (बनभूलपुरा) के विरुद्ध लंबित शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही समाप्त कर दी गई है।

    जिला अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शस्त्र अनुज्ञप्ति एक विशेष वैधानिक अधिकार है, जिसका प्रयोग पूर्ण उत्तरदायित्व एवं कानून के दायरे में रहकर किया जाना अनिवार्य है।

    सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा शस्त्रों के दुरुपयोग के मामलों में प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • 420 मामले पेंडिंग— कमिश्नर ने 6 जिलों के डीएम को भेजा लेटर..।

    420 मामले पेंडिंग— कमिश्नर ने 6 जिलों के डीएम को भेजा लेटर..।

    नैनीताल—   कुमाऊँ आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लंबित मामलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मंडल के सभी छह जिलों के जिलाधिकारियों को लंबित वादों का शीघ्र और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

    आयुक्त द्वारा की गई समीक्षा में सामने आया कि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच कुमाऊँ मंडल में कुल 523 मामले दर्ज हुए, लेकिन इनमें से केवल 103 मामलों का ही निस्तारण हो पाया है, जबकि 420 मामले अब भी लंबित हैं। सबसे अधिक मामले नैनीताल जिले में दर्ज हुए हैं, जहां 374 मामलों में से केवल 49 का निस्तारण किया गया है।

    दीपक रावत ने कहा कि कुछ जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नए मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, जिससे यह संकेत मिलता है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई को और अधिक सक्रिय बनाने की जरूरत है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर सघन जांच और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    आयुक्त ने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के साथ-साथ हर माह के पहले सप्ताह में सबसे पुराने तीन लंबित मामलों की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाकर आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • सख्ती – वॉश सेंटर से कंस्ट्रक्शन तक— पानी की बर्बादी की,,,, तो कटेगा कनेक्शन,,,

    सख्ती – वॉश सेंटर से कंस्ट्रक्शन तक— पानी की बर्बादी की,,,, तो कटेगा कनेक्शन,,,

    हल्द्वानी/नैनीताल—  जनपद में बढ़ती गर्मी और संभावित जल संकट को देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पेयजल संरक्षण को लेकर सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

    25 मई 2026 से 20 जून 2026 अथवा मानसून शुरू होने तक लागू रहने वाले इन आदेशों के तहत नए पानी के कनेक्शन, वाहन धुलाई और टुल्लू पंप के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।

    डीएम ने साफ कहा है कि भीषण गर्मी और लू के बीच आम जनता को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जनहित में कई सख्त कदम उठाए गए हैं।

    आदेश के मुताबिक अब जनपद में नए पेयजल कनेक्शन जारी नहीं किए जाएंगे। वहीं भवन निर्माण कार्यों के लिए दिए गए अस्थायी पानी के कनेक्शन भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।

    वाहन सर्विस सेंटर और वॉशिंग सेंटरों पर पानी से गाड़ियों की धुलाई पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। केवल ड्राई वॉश की अनुमति होगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पानी का कनेक्शन तक काटा जा सकता है।

    इसके अलावा किसी भी घरेलू या सर्विस कनेक्शन में टुल्लू पंप लगाने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जांच में पंप मिलने पर उसे जब्त करने के साथ जल संयोजन विच्छेद की कार्रवाई की जाएगी।

    डीएम ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेयजल का इस्तेमाल सिंचाई, वाहन धुलाई, फर्श साफ करने या अन्य गैर-जरूरी कार्यों में नहीं किया जा सकेगा। पानी की टंकियों से ओवरफ्लो या लीकेज मिलने पर भी कार्रवाई होगी।

    साथ ही पाइपलाइन लीकेज को लेकर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। लीकेज मिलने पर तुरंत मरम्मत और लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    हालांकि जनहित से जुड़े सरकारी निर्माण कार्यों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है, लेकिन वहां भी पानी की बर्बादी रोकना जरूरी होगा।

    जिलाधिकारी ने आम जनता से पानी बचाने और प्रशासन के आदेशों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि “जल संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”

  • हल्द्वानी सड़क हादसे की मजिस्ट्रियल जांच शुरू,,,, आम जनता से अपील..।

    हल्द्वानी सड़क हादसे की मजिस्ट्रियल जांच शुरू,,,, आम जनता से अपील..।

    उत्तराखंड—  जनपद नैनीताल में हलद्वनी मुखानी क्षेत्र में 5 जनवरी को हुई सड़क दुर्घटना, जिसमें एक किशोर की मौत हो गई थी, की मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है।

    यह हादसा नगर के मध्य स्थित निर्माणाधीन सड़क पर कार्यदायी एजेंसी द्वारा आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों के बिना गड्ढा खुला छोड़ दिए जाने और उसी मार्ग पर यातायात जारी रहने की स्थिति में हुआ था।

    जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नैनीताल विवेक राय को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच का उद्देश्य दुर्घटना के कारणों, जिम्मेदारियों और किसी भी स्तर पर हुई लापरवाही की स्पष्ट पहचान करना है।

    अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने आम जनता से अपील की है कि जिन व्यक्तियों को इस दुर्घटना से संबंधित कोई जानकारी, तथ्य या साक्ष्य ज्ञात हों,चाहे वे प्रत्यक्षदर्शी हों या किसी भी रूप में जुड़े अथवा असंबद्ध हों,वे आगामी 07 दिनों के भीतर अपना मौखिक या लिखित बयान एवं उपलब्ध साक्ष्य उनके कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में प्रस्तुत कर सकते हैं।

    प्रशासन ने कहा है कि यह जांच पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ की जाएगी, ताकि घटना के लिए जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय हो सके और भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

    किशोर की असमय मृत्यु से क्षेत्र में शोक की लहर है, वहीं प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

  • हल्द्वानी :- डीएम ने राजनीतिक दलों की मौजूदगी में ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण किया।

    हल्द्वानी :- डीएम ने राजनीतिक दलों की मौजूदगी में ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण किया।

    नैनीताल—-  भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी सरस मार्केट परिसर स्थित ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक आंतरिक निरीक्षण किया। निरीक्षण राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

    जिलाधिकारी ने वेयरहाउस में रखी ईवीएम-वीवीपैट मशीनों के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष का बारीकी से परीक्षण किया।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा और सतत निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। निरीक्षण में जिले की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम-वीवीपैट मशीनें सुरक्षित और सुव्यवस्थित पाई गईं।

    निरीक्षण के दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। मौके पर अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे, भाजपा से हेमन्त बिष्ट, मनीष पाल, कांग्रेस से संजू, बसपा से मनोज कुमार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।