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  • काम नहीं तो कार्रवाई तय, हल्द्वानी में आयुक्त का ऑन-स्पॉट निरीक्षण..।

    काम नहीं तो कार्रवाई तय, हल्द्वानी में आयुक्त का ऑन-स्पॉट निरीक्षण..।

    हल्द्वानी—   कमिश्नर दीपक रावत ने मंगलवार को हल्द्वानी में सीवर और पेयजल कार्यों के तहत खोदी गई सड़कों को समय पर दुरुस्त न किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई।

    उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (UUSDA) और एडीबी परियोजना के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तय समयसीमा में सड़कें बहाल नहीं की गईं तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

    आयुक्त ने मौके पर एडीबी के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देश दिए कि जिन मार्गों पर खुदाई का कार्य चल रहा है, उन्हें तत्काल प्रभाव से रिस्टोर किया जाए।

    निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सूचना बोर्ड (साइनेज) न होने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई और निर्देश दिए कि भविष्य में प्रत्येक कार्य स्थल पर अनिवार्य रूप से बोर्ड लगाया जाए, जिसमें कार्य प्रारंभ की तिथि, पूर्ण होने की संभावित तिथि और संबंधित अधिकारी का मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित हो।

    आयुक्त ने घोर लापरवाही बरतने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद सुधार न होने पर अब समीक्षा बैठकें दफ्तरों में नहीं, बल्कि सीधे कार्य स्थलों पर की जाएंगी।

    निरीक्षण के दौरान पार्षदों और स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि कई क्षेत्रों में सड़कें बीते छह माह से खोदी पड़ी हैं, जबकि वहां कोई कार्य प्रगति पर नहीं है। इस पर आयुक्त ने अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि जनता को अनावश्यक परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    आयुक्त ने नगर निगम अधिकारियों को अमरावती मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे लगे ठेलों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए, ताकि यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके।

    निरीक्षण के समय कई खुदाई वाले स्थानों पर कोई मजदूर काम करता नहीं मिला, जिस पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हल्द्वानी में सीवरेज, पेयजल और सड़क निर्माण का कार्य UUSDA द्वारा तिरुपति एजेंसी को दिया गया है, जिसने आगे 22 अन्य ठेकेदारों को कार्य सौंपा है, इसके बावजूद काम की रफ्तार बेहद धीमी है।

    स्थलीय निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने हाल ही में हुई सड़क दुर्घटना में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया और उन्हें हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया।

    निरीक्षण में सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, एसपी सिटी मनोज कत्याल, ब्रिडकुल के प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सिंह, पार्षद चंदन मेहता, विनोद दानी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

  • जाम से मिलेंगी निजात,,,, हवा में सैर,, नैनीताल-कैंची धाम रोपवे की तैयारी शुरू।

    जाम से मिलेंगी निजात,,,, हवा में सैर,, नैनीताल-कैंची धाम रोपवे की तैयारी शुरू।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को मैदानों से नैनीताल, कैंचीधाम और भीमताल पहुंचने में आसानी हो इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों पर एक निजी कंपनी ने रोपवे का सर्वे शुरू कर दिया है।

    भीमताल में शुरू हुए सर्वे के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद जागने लगी है।

    नैनीताल समेत पहाड़ों में बसे भीमताल और कैंचीं धाम जाने वाले पर्यटकों को आने वाले समय में रोपवे के ज़रिये बड़ी सुविधा मिल सकती है।

    इसके लिए नैनीताल के रानीबाग में पहला स्टेशन और दूसरा भीमताल में लगाने का सर्वे चल रहा है। इसके बाद, भीमताल से भवाली और फिर भवाली से नैनीताल और कैंचीं धाम तक रोप वे चलाने की संभावनाएं सर्वे के माध्यम से खोजी जा रही हैं।

    रोपवे कंपनी के सुपरवाइजर मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि इस परियोजना को लेकर एजेंसी ने भीमताल से सर्वे का काम शुरू कर दिया है। लगभग 35 किलोमीटर लम्बी इस प्रस्तावित रोपवे लाइन में लगभग पाँच स्टेशन बनाए जाने हैं। ये स्टेशन रानीबाग, भीमताल, भवाली, नैनीताल और कैंची धाम में होंगे।

    अभी रोपवे परियोजना में एजेंसी ने भीमताल के सिडकुल में आधुनिक मशीनों के माध्यम से सर्वे का काम शुरू कर दिया है।

    इस परियोजना के पूरे होने से जहां एक तरफ पर्यटकों को बाधित यातायात और जाम से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ वो हवा से पहाड़ों के सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे। पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की यह योजना एक बड़ा और अहम कदम माना जाएगा।

  • प्रशासन सख्त :-  RTI दुरुपयोग और शासकीय मर्यादा लांघी,,, दो पर गिरी गाज..।

    प्रशासन सख्त :- RTI दुरुपयोग और शासकीय मर्यादा लांघी,,, दो पर गिरी गाज..।

    उत्तराखंड—  नैनीताल में प्रशासन ने सरकारी सेवकों के आचरण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अलग-अलग मामलों में अनुशासनहीनता और शासकीय नियमों के उल्लंघन पर दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

    स्थानांतरण विरोध पड़ा महंगा—

    राजस्व विभाग में कार्यरत वरिष्ठ सहायक विजय सिंह गैड़ा को अपने स्थानांतरण आदेश के विरोध में सार्वजनिक मंच से शासकीय निर्णय की आलोचना करना, कार्यालय परिसर में उग्र प्रदर्शन और शासकीय रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करना भारी पड़ गया। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने उन्हें भर्त्सना की सजा दी है। साथ ही उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां दो साल के लिए रोक दी गई हैं।

    जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने सेवा मामलों में बाहरी दबाव बनाने की कोशिश की, जिसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया।

    RTI के दुरुपयोग पर चेतावनी और स्थानांतरण—

    वहीं, जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक मोहम्मद अकरम पर सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के दुरुपयोग का मामला सामने आया। उन्होंने अपने ही कार्यालय से बड़ी मात्रा में सूचना मांगी, जिसे कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत के बाद लगभग 3000 पृष्ठों में नि:शुल्क तैयार किया। लेकिन बाद में बिना कारण बताए सूचना लेने से इनकार कर दिया।

    इसे शासकीय संसाधनों और समय की बर्बादी मानते हुए उन्हें औपचारिक चेतावनी दी गई है और जिला मुख्यालय से स्थानांतरण कर दिया गया है।

    सख्त संदेश…

    जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासकीय सेवकों से अनुशासन, मर्यादा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। नियमों की अनदेखी या सरकारी तंत्र को बाधित करने वाला कोई भी कृत्य किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगा।

  • ओखलकांडा पहुंची सरकार—बहुद्देशीय शिविर में 169 शिकायतों का किया निस्तारण।

    ओखलकांडा पहुंची सरकार—बहुद्देशीय शिविर में 169 शिकायतों का किया निस्तारण।

    नैनीताल—   उत्तराखंड सरकार के “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत विकासखंड ओखलकांडा के राजकीय इंटर कॉलेज, भीड़ापानी में बहुद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी धारी अंशुल भट्ट ने की।

    शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया। कुल 169 शिकायतों/प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया गया, जिनमें राजस्व, पंचायती राज, चिकित्सा, कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों से संबंधित मामले शामिल रहे।

    उपजिलाधिकारी ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय लोगों ने इस जनहितकारी पहल की सराहना की।

  • गरमपानी मिनी बैंक प्रकरण में तत्काल एफआईआर दर्ज,,, जमाकर्ताओं के हितों की नही होगी अनदेखी।

    गरमपानी मिनी बैंक प्रकरण में तत्काल एफआईआर दर्ज,,, जमाकर्ताओं के हितों की नही होगी अनदेखी।

    उत्तराखंड—  जनपद नैनीताल के गरमपानी क्षेत्र स्थित *बहुउद्देशीय प्रारम्भिक कृषि ऋण सहकारी समिति लिमिटेड, गरमपानी* में वित्तीय अनियमितता एवं ग्रामीणों की जमा पूंजी वापस न किए जाने से संबंधित गंभीर शिकायत पर जिलाधिकारी नैनीताल *ललित मोहन रयाल* ने त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।

    प्रकरण के अनुसार समिति कर्मचारी एवं मिनी बैंक प्रभारी पटल * आनन्द सिंह पनौरा पुत्र श्री गंगा सिंह पनौरा, निवासी ग्राम धनियाकोट मल्ला कोट* द्वारा अपने पटल पर रहते हुए *ग्रामीण बचत केन्द्र गरमपानी* में सदस्यों की जमा धनराशि में वित्तीय अनियमितताएं किए जाने का आरोप है।

    उक्त संबंध में बचत केन्द्र के सदस्यों द्वारा दिनांक *17 दिसम्बर 2025* को *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार* कार्यक्रम के अंतर्गत महिला सभागार, छड़ा खैरना में जिलाधिकारी नैनीताल के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा तत्काल कार्यवाही के निर्देश देते हुए संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए।

    जिलाधिकारी के आदेशानुसार कोतवाली भवाली में *एफआईआर संख्या 042/25* दिनांक *18.12.2025* को अभियोग पंजीकृत किया गया।

    इस संबंध में शिकायतकर्ता *गोपाल सिंह रौतेला*, सचिव, बहुउद्देशीय प्रारम्भिक कृषि ऋण सहकारी समिति लि० गरमपानी, विकासखंड बेतालघाट, जनपद नैनीताल द्वारा प्रकरण दर्ज कराया गया।
    अन्य शिकायतकर्ताओं में—

    1. श्री हीरा सिंह पुत्र स्व० श्री फकीर सिंह
    2. श्री देवेन्द्र सिंह पुत्र श्री फकीर सिंह
    3. श्री पूरन सिंह पुत्र श्री फकीर सिंह
    4. श्री हरदयाल सिंह पुत्र श्री उमेद सिंह
    शामिल हैं, जिनके द्वारा प्रार्थना पत्र प्रेषित किए गए हैं।

    जिलाधिकारी नैनीताल *ललित मोहन रयाल* ने स्पष्ट किया कि आम जनता की मेहनत की कमाई से किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • अब जन-समस्याओं का मौके पर निस्तारण,,, सरकार अब आपके द्वार, आज रामगढ़ और रामनगर में,, ।

    अब जन-समस्याओं का मौके पर निस्तारण,,, सरकार अब आपके द्वार, आज रामगढ़ और रामनगर में,, ।

    खैरना— सरकार और जनता के बीच की दूरी कम करने की दिशा में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान जमीन पर असर दिखाने लगा है।

    जनपद नैनीताल में इस अभियान के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविरों में आमजन की समस्याएं न केवल सुनी जा रही हैं, बल्कि अधिकांश का समाधान मौके पर ही किया जा रहा है।

    इसी क्रम में बुधवार को कैंचीधाम तहसील की न्याय पंचायत गरमपानी में महिला सभागार खैरना में आयोजित शिविर में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल स्वयं मौजूद रहे।

    शिविर में 23 विभागों की सहभागिता रही और कुल 107 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से बड़ी संख्या का त्वरित समाधान किया गया।

    जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कोई भी जनकल्याणकारी योजना ऐसी न बचे, जिससे कोई पात्र परिवार वंचित रह जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन लाभार्थियों को अब तक योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, उनके आवेदन मौके पर भरवाकर तुरंत कार्रवाई की जाए।

    मौके पर सख्त फैसले, त्वरित कार्रवाई—-

    शिविर में सहकारी समिति गरमपानी में वित्तीय अनियमितता और जमापूंजी वापस न मिलने की गंभीर शिकायत सामने आई। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए आज ही संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस फैसले से क्षेत्र में भरोसे का संदेश गया कि जनता के पैसे से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।

    सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई – हर मुद्दे पर सुनवाई—

    झूलते बिजली तारों की शिकायत पर एक सप्ताह में अतिरिक्त विद्युत पोल लगाने के निर्देश

    आपदा से क्षतिग्रस्त हरोली–गैरखाल सड़क के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार करने के आदेश

    बंदरों व जंगली जानवरों से फसल नुकसान पर सोलर फेंसिंग और पिंजरे लगाने के निर्देश

    गरमपानी में मोटर पुल और डोबा में झूला पुल की मांग पर डीपीआर तैयार करने के आदेश–

    मझेड़ा नहर से सिंचाई वंचित 65 परिवारों के लिए **तुरंत मरम्मत और पानी चालू करने के निर्देश

    महिलाओं और यात्रियों की सुविधा पर फोकस—

    भवाली से क्वारब तक विभिन्न पड़ावों पर महिलाओं के लिए जिला पंचायत शौचालय निर्माण, खैरना में विश्राम गृह निर्माण, और राष्ट्रीय राजमार्ग पर खुली नालियों को ढकने व रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए गए ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

    शिक्षा और भूमि विवाद भी प्राथमिकता में—

    प्राथमिक विद्यालय हरतपा के जर्जर भवन को ध्वस्त कर नया भवन बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं भूमि रिकॉर्ड से जुड़े मामलों में खाता-खतौनी सुधार मौके पर ही कराया गया, जिससे लोगों को वर्षों की भागदौड़ से राहत मिली।

    स्वास्थ्य, रोजगार और योजनाओं का सीधा लाभ

    शिविर में लगे विभागीय स्टॉलों के माध्यम से—

    59 लोगों का एलोपैथिक,
    50 का आयुर्वेदिक और
    46 का होम्योपैथिक उपचार कर निशुल्क दवाएं वितरित की गईं
    किसानों को कृषि यंत्र व जैविक खाद
    युवाओं का रोजगार पंजीकरण
    पेंशन, बिजली, पानी और अन्य सेवाओं का निस्तारण किया गया

    अब रामनगर और रामगढ़ की बारी

    अभियान के तहत 18 दिसंबर यानी आज को

    “राजकीय इंटर कॉलेज, मालधनचौड़ (रामनगर)”

    “पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, मौना (रामगढ़)”

    में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित होंगे, जहां 23 विभाग एक साथ मौजूद रहेंगे। आधार कार्ड संशोधन, पेंशन, स्वास्थ्य परीक्षण, विरासत, दाखिल-खारिज सहित कई सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।

  • पिता-भाई की शिकायत पर डीएम का बड़ा फैसला :- शस्त्र लाइसेंस किया निरस्त।

    पिता-भाई की शिकायत पर डीएम का बड़ा फैसला :- शस्त्र लाइसेंस किया निरस्त।

    नैनीताल—   पारिवारिक विवाद में बढ़ते तनाव और संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बड़ा कदम उठाया है। पिता और सगे भाई की शिकायत के बाद विकास किरौला (निवासी भुजियाघाट, नैनीताल) का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।

    जिलाधिकारी ने बताया कि लाइसेंसी का अपने पिता और भाई के साथ संपत्ति संबंधी विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। उपलब्ध अभिलेखों से स्पष्ट हुआ कि परिवार के भीतर गहरा वैमनस्य और भावनात्मक तनाव बना हुआ है। वहीं, पिता और भाई ने अपने जीवन को लेकर भय भी जताया था।

    डीएम ने कहा कि भूमि और संपत्ति से जुड़े विवाद स्वभावतः अत्यंत संवेदनशील होते हैं और ऐसी स्थिति में शस्त्र की उपलब्धता लोक शांति और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। इन परिस्थितियों में शस्त्र का लाइसेंस बने रहना जनहित में उचित नहीं पाया गया।

    सभी तथ्यों और संभावित जोखिम को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने विकास किरौला का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी किए।

  • श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया “विजय दिवस”।

    श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया “विजय दिवस”।

    हल्द्वानी/काठगोदाम—   आज विजय दिवस (16 दिसम्बर 1971) के अवसर पर हल्द्वानी स्थित युद्ध स्मारक में विजय दिवस समारोह पूरे श्रद्धा एवं सम्मान से मनाया गया।

    कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम शहीद स्मारक पर 1971 भारत पाक युद्ध में शहीद सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी तथा पुलिस के जवानों द्वारा सम्मान गारद दिया गया।

    कार्यक्रम के दौरान शहीद सैनिकों की स्मृति में दो मिनट का मौन रख शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गयी तथा वीरांगनाओं/ शहीद सैनिक आश्रितों को शाल व प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान शहीद सैनिक आश्रित श्रीमती सरस्वती देवी देवी पत्नी सिपाही कृपाल दत्त, श्रीमती नन्दा जोशी पत्नी सुबेदार कृष्णा जोशी, श्रीमती पार्वती देवी पत्नी सिपाही बदर सिंह, पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र-पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड  भगत सिंह कोश्यारी , महापौर नगर निगम हल्द्वानी काठगोदाम  गजराज सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी नैनीताल  ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा० मंजूनाथ टी०सी., नगर आयुक्त परितोष वर्मा, पुलिस अधीक्षक  मनोज कुमार कत्याल, सिटी मजिस्ट्रेट  जी०एस० चौहान, सैन्य अधिकारी मेजर जनरल इन्द्रजीत सिंह बोरा, विशिष्ट सेवा मेडल, स्टेशन कमाण्डर हल्द्वानी के प्रतिनिधि कर्नल दीपक जोशी, कर्नल आलोक पाण्डे, ले० कर्नल बी०डी० काण्डपाल, ले०कर्नल बी०एस०रौतेला, अध्यक्ष पूर्व सैनिक लीग हल्द्वानी, ग्रुप कैप्टन सुरेन्द्र रावत, कर्नल रमेश सिंह, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एवं हल्दानी शहर के गौरव सेनानी तथा उनके आश्रित उपस्थित रहे।

  • मजबूत साक्ष्यों के साथ करें पैरवी,,,, लक्ष्य से कम राजस्व वसूली पर अमीनों का वेतन रोका जाए:- डीएम रयाल

    मजबूत साक्ष्यों के साथ करें पैरवी,,,, लक्ष्य से कम राजस्व वसूली पर अमीनों का वेतन रोका जाए:- डीएम रयाल

    हल्द्वानी—– अपराध नियंत्रण, न्यायिक कार्यों में तेजी और राजस्व वसूली को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने कहा कि अपराधी को उसके कृत्य का दंड दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसके लिए न्यायालय में पुख्ता सबूतों के साथ मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जाए।

    वहीं, राजस्व वसूली में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम ने कहा कि लक्ष्य से कम वसूली करने वाले अमीनों का वेतन रोका जाएगा।

    सोमवार को कैंप कार्यालय, हल्द्वानी में आयोजित मासिक स्टाफ बैठक में जिलाधिकारी ने कानून व्यवस्था, न्यायालयों में लंबित वाद, अभियोजन, राजस्व कार्य, वसूली, मुख्यमंत्री घोषणाएं, सीएम हेल्पलाइन और अन्य विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की।

    न्यायिक कार्यों में तेजी के निर्देश—

    जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने-अपने न्यायालयों में बैठकर मौजूदा माह में दर्ज और पुराने लंबित राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनती है, इसलिए सुनवाई नियमित और समयबद्ध होनी चाहिए।

    उन्होंने सम्मन तामीली समय पर कराने पर विशेष जोर दिया और अभियोजन अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय में मामलों को कमजोर न पड़ने दिया जाए। हर प्रकरण में ठोस साक्ष्य और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए।

    भूमि और विरासत मामलों को प्राथमिकता—

    डीएम रयाल ने कहा कि जनहित से जुड़े भूमि, विरासत और निर्विवाद मामलों का समय पर निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार तहसीलों के चक्कर न काटने पड़ें।

    उन्होंने बताया कि जिले में चौपाल और सार्वजनिक स्थलों पर खतौनी पढ़कर विरासत मामलों के निस्तारण का अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इस माह प्रगति कम रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई। वर्तमान में जिले में 1338 विरासत मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों को तुरंत निपटाया जाए।

    अवैध अतिक्रमण पर सख्ती—

    जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए और किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का त्वरित निस्तारण—

    सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि हर शिकायत का समयबद्ध समाधान किया जाए और शिकायतकर्ता को फोन के माध्यम से भी जानकारी दी जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

    राजस्व वसूली और बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई—

    राजस्व वसूली की समीक्षा में जिलाधिकारी ने कहा कि बड़े बकायेदारों से सख्ती से वसूली की जाए। उनके नाम सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए जाएं, ताकि वसूली में तेजी लाई जा सके।
    उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो अमीन लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं करेंगे, उनका वेतन रोका जाएगा।

    अवैध शराब और जीएसटी पर भी नजर–

    आबकारी विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से लगातार छापेमारी करें।
    इसके अलावा जीएसटी विभाग और विभिन्न ऑडिट आपत्तियों की भी समीक्षा की गई और लंबित ऑडिट मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।

    आपदा और खनन निधि के कार्यों की जांच–

    डीएम रयाल ने अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि दैवीय आपदा एवं खनन न्यास निधि से चल रहे सभी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें। यदि कहीं घटिया गुणवत्ता पाई जाए तो तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक राय, शैलेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक (सिटी) मनोज कत्याल, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान सहित सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

    जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनहित सर्वोपरि है और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • फरवरी तक 100% बजट खर्च करें विभाग,,,, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई :–डीएम रयाल।

    फरवरी तक 100% बजट खर्च करें विभाग,,,, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई :–डीएम रयाल।

    भीमताल/ नैनीताल— – जिले में विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने को लेकर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि को सभी विभाग हर हाल में फरवरी माह तक शत-प्रतिशत व्यय करें।

    मार्च का इंतजार करने या कार्यों में अनावश्यक देरी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    जिलाधिकारी शुक्रवार को विकास भवन सभागार, भीमताल में जिला, राज्य, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं तथा 20 सूत्री कार्यक्रम की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने विभागवार वित्तीय और भौतिक प्रगति की गहन समीक्षा की।

    धीमी प्रगति पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण—-

    समीक्षा के दौरान जिन विभागों द्वारा अब तक कम धनराशि खर्च की गई और प्रगति धीमी पाई गई, उन विभागीय अधिकारियों से जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण लेते हुए 15 दिन के भीतर सुधार लाने के निर्देश दिए।

    जिला योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग, लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई, समाज कल्याण और चिकित्सा विभाग द्वारा लक्ष्य के अनुरूप व्यय न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और अगले सप्ताह तक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    विधायक निधि और राज्य योजनाओं पर भी फोकस—

    राज्य योजना के अंतर्गत विधायक निधि में कम व्यय को लेकर जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी माननीय विधायकों से शीघ्र प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए अर्ध-शासकीय पत्र भेजे जाएं और व्यक्तिगत संपर्क भी किया जाए।

    इसके साथ ही जल संस्थान, समाज कल्याण (अनुसूचित जाति), पर्यटन, प्राथमिक शिक्षा और जिला पंचायत की धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत गति लाने के निर्देश दिए गए।

    20 सूत्री कार्यक्रम में ‘A श्रेणी’ का लक्ष्य—-

    बैठक में 20 सूत्री कार्यक्रम की भी मदवार समीक्षा की गई। कुल 42 मदों में वर्तमान में 26 मद A श्रेणी, 12 मद B श्रेणी और 4 मद D श्रेणी में हैं।

    जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि B और D श्रेणी के सभी विभाग लक्ष्य हासिल कर A श्रेणी में लाए जाएं

    उन्होंने जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और बायोगैस संयंत्र जैसे कार्यक्रमों में D श्रेणी पर नाराजगी जताते हुए हर हाल में सुधार के निर्देश दिए।

    गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर—-

    जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित के मामलों में अधिकारी स्वयं निर्णय लेते हुए योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुंचाएं।

    सभी निर्माण कार्यों में कार्य प्रारंभ से पहले और पूर्ण होने के बाद GPS युक्त फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।

    सभी निर्माण कार्यों का थर्ड पार्टी सत्यापन कराया जाए।

    कार्य पूर्ण होने पर स्थल पर योजना का नाम, कुल लागत और विभाग का नाम दर्शाने वाला शिलापट अवश्य लगाया जाए।

    उन्होंने दो टूक कहा कि लापरवाही, हीलाहवाली और गैर-जिम्मेदाराना रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और कार्यों में गंभीरता न दिखाने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    वित्तीय प्रगति की स्थिति—

    बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी ने योजनावार प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि –

    जिला योजना – कुल 7020.50 लाख रुपये में से अब तक 4744.35 लाख (68%) व्यय
    राज्य योजना – 72%
    केंद्र पोषित योजनाएं – 93%
    बाह्य सहायतित योजनाएं – 100% धनराशि व्यय

    अधिकारियों को साफ संदेश—-

    जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि शासकीय कार्यों में देरी और लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। अधिकारियों को अपने दायित्वों का शत-प्रतिशत निर्वहन करते हुए विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा करना होगा।

    बैठक में जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, एपीडी चंदा फर्त्याल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।