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  • हल्द्वानी :- डीएम ने राजनीतिक दलों की मौजूदगी में ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण किया।

    हल्द्वानी :- डीएम ने राजनीतिक दलों की मौजूदगी में ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण किया।

    नैनीताल—-  भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी सरस मार्केट परिसर स्थित ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक आंतरिक निरीक्षण किया। निरीक्षण राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

    जिलाधिकारी ने वेयरहाउस में रखी ईवीएम-वीवीपैट मशीनों के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष का बारीकी से परीक्षण किया।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा और सतत निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। निरीक्षण में जिले की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम-वीवीपैट मशीनें सुरक्षित और सुव्यवस्थित पाई गईं।

    निरीक्षण के दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। मौके पर अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे, भाजपा से हेमन्त बिष्ट, मनीष पाल, कांग्रेस से संजू, बसपा से मनोज कुमार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

  • चार महीने चला, दस साल से ठप,,,, नैनीताल का करोड़ों का आरओ प्लांट शो पीस बना.,,,.मशीन फांक रही धूल ।

    चार महीने चला, दस साल से ठप,,,, नैनीताल का करोड़ों का आरओ प्लांट शो पीस बना.,,,.मशीन फांक रही धूल ।

    नैनीताल—  उत्तराखण्ड के नैनीताल में लोगों को स्वच्छ पेयजल पिलाने के लिए, करोड़ों की लागत से बना हाई प्रेशर आर.ओ.और वाटर सॉफ्टनिंग सिस्टम की बेरुखी के कारण पिछले दस वर्षों से मशीन धूल फांक रही है।

    नैनीताल शहर व आसपास की पेयजल सप्लाई व्यवस्था को स्वच्छ और सुचारू करने के लिए केंद सरकार ने एक योजना बनाई।

    इसमें, पेयजल सप्लाई व्यवस्था के नवीनीकरण और वृद्धि के लिए JNNURM ने वर्ष 2014-15 में एक करोड़ तैतीस लाख रुपये की लागत से नैनीताल के हार्ड पानी को सॉफ्ट बनाने के लिए प्रोजेक्ट लांच किया।

    योजना में मल्लीताल जल संस्थान के पास एक भवन का निर्माण किया गया। प्रोजेक्ट में प्लांट के लिए पानी के कई बड़े बड़े टैंक लगाए गए। योजना का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद जल संस्थान को हैंडओवर कर दिया गया।

    नैनीझील में लगातार घुल रहे सीवर से हो रही पेट व अन्य बीमारियों को देखते हुए आमजन को शुद्ध पानी मुहैय्या कराने के लिए केंद्र सरकार की मदद से इस योजना को अमली जामा पहनाया गया।

    हरियाणा के फरीदाबाद की स्वर्ण एक्वाटैक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने वर्ष 2014 से15 के बीच नियमानुसार माईकरो कार्टरिज फ़िल्टर वाला हाई प्रेशर मेम्ब्रेन क्लीनिंग सिस्टम का निर्माण किया।

    लेकिन अफसोस, इस आर.ओ.(रिवर्स ओसमोसिस)बेस्ड वाटर सॉफ्टनिंग सिस्टम ने महज 3 से 4 माह तक ही काम किया और ये बन्द कर दिया गया। तब कहा गया कि इसमें से बड़ी संख्या में पानी वेस्ट होता है।

    बताया गया है कि अभी नैनीझील से सामान्य फिल्टर किया पानी ही शहर व आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा है। बन्द फिल्टर प्लांट कूड़े की तरह पड़ा है और उसके उच्च स्तरीय फिल्टर भी खराब हो गए हैं।

    अब ऐसी स्थिति में, बिना सोचे समझे प्लांट को लगाना एक गलत कदम कहा जा सकता है और शहर की सीधी साधी जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी किया गया है।

  • सीएम धामी ने नैनीताल में मॉर्निंग वॉक,, जनता से की मुलाकात,, नैना देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण।

    सीएम धामी ने नैनीताल में मॉर्निंग वॉक,, जनता से की मुलाकात,, नैना देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण।

    नैनीताल—-  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नैनीताल में मॉर्निंग वॉक के दौरान आम नागरिकों, पर्यटकों एवं स्कूली बच्चों से मुलाकात की और सबके साथ आत्मीय वार्ता की।

    इस दौरान उन्होंने स्थानीय चाय विक्रेता भरत की दुकान पर चाय का स्वाद भी लिया।

    मुख्यमंत्री ने मानस खंड मिशन के अंतर्गत नैना देवी मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। बताया कि मंदिर को और अधिक भव्य व आकर्षक स्वरूप देने हेतु ₹11 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसके तहत कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मिशन के अन्य विकास कार्यों—डीएसए मैदान के सुधार, वलिया नाला, एवं ठंडी सड़क पर भूस्खलन सुरक्षा कार्यों—की भी जानकारी अधिकारियों से ली और संबंधित विभागों को इन सभी कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।

    इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टी.सी. और अन्य मौजूद रहे।

  • हल्द्वानी में जाली प्रमाणपत्र बनाने का बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया,,,, रिकॉर्ड सीज..।

    हल्द्वानी में जाली प्रमाणपत्र बनाने का बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया,,,, रिकॉर्ड सीज..।

    हल्द्वानी—  उत्तराखंड के हल्द्वानी में फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का एक 18 साल पुराना रैकेट आखिरकार बेनकाब हो गया है।

    बनभूलपुरा क्षेत्र में प्रशासन ने ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो बाहरी राज्यों के लोगों को फर्जी स्थायी निवास, जाति, और अन्य पहचान-संबंधी दस्तावेज तैयार कर रहा था।

    जितना चौंकाने वाला यह खुलासा है, उतनी ही चिंताजनक वह लापरवाही भी है जो तहसील कर्मचारियों की ओर से वर्षों तक बरती गई,जहां बिना सत्यापन के फर्जी दस्तावेजों को स्वीकार कर स्थायी निवास प्रमाणपत्र जारी किए जाते रहे।

    कैसे उजागर हुआ 18 साल का फर्जीवाड़ा—–

    13 नवंबर को कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की टीम ने बनभूलपुरा में एक सीएससी केंद्र पर छापा मारा था।
    वहीं से पकड़ा गया था फैजान, जो फर्जी तरीके से स्थायी निवास प्रमाणपत्र तैयार कर रहा था।

    इसके बाद एसडीएम राहुल शाह ने जब फाइलों की गहराई से जांच शुरू की, तो एक संदिग्ध सर्टिफिकेट ने पूरा खेल खोल दिया।

    दस्तावेज़ों में मिला सर्टिफिकेट “अंजुमन मोमिन अंसार, आजाद नगर, नैनीताल” नाम की सोसाइटी द्वारा जारी बताया गया था,
    लेकिन न वह फॉर्मेट सरकारी था, न संस्था अधिकृत।

    टीम जब पते पर पहुंची,सोसाइटी का कोई अस्तित्व ही नहीं,,

    जांच दल ने तुरंत सोसाइटी के पते पर दबिश दी,
    पर वहां संस्था का नामो-निशान तक नहीं मिला।

    स्थानीय जांच में कहानी और भी पेचीदा..—-

    सोसाइटी सालों से बंद पड़ी थी, लेकिन साहूकार लाइन में दुकान चलाने वाला रईस अहमद अंसारी उसके नाम पर धड़ल्ले से नकली प्रमाणपत्र जारी कर रहा था।

    रईस अहमद अंसारी ने खोले राज “2007 से जारी कर रहा हूं फर्जी सर्टिफिकेट”,,,,

    प्रशासन ने जब रईस से पूछताछ की, तो जो जानकारियां सामने आईं वो बेहद चौकाने वाली हैं।

    सोसाइटी के प्रेसिडेंट और जनरल सेक्रेटरी की 2007 में मृत्यु हो चुकी थी और संस्था कानूनी रूप से निष्क्रिय थी।

    इसके बावजूद वह पिछले 18 वर्षों से सोसाइटी के नाम पर निवास, जाति और पहचान से जुड़े फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर रहा था।

    इन्हीं फर्जी कागजों के आधार पर CSC के जरिए फाइलें तहसील में अपलोड की जाती थीं।

    बताया जा रहा है कर्मचारी सत्यापन किए बिना ही स्थायी निवास और अन्य प्रमाणपत्र जारी कर देते थे

    सारा रिकॉर्ड सीज – हर केस की होगी बैक-ट्रैकिंग जांच,,,

    सोसाइटी से जुड़े सभी रिकॉर्ड, पुरानी फाइलें, लेटर पैड, डिजिटल कॉपी सबकुछ सीज कर दिया गया है।

    SDM राहुल शाह ने निर्देश दिए हैं कि, इस सोसाइटी के आधार पर बने हर प्रमाणपत्र की दोबारा जांच, हर फाइल की बैक-ट्रैकिंग और इस नेटवर्क में शामिल सभी सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की जाए।

    राज्य आंदोलनकारी हुकम सिंह कुंवर ने बड़ा आरोप लगाया, उन्होंने कहा “तहसीलों के अंदर बाहरी लोगों का दखल और कर्मचारियों की साठगांठ के बिना ऐसा फर्जीवाड़ा संभव नहीं है। कर्मचारी दस्तावेजों की जांच तक नहीं करते।”*

    इस बयान ने सवाल और गंभीर कर दिए हैं।

    क्या यह सिर्फ एक रईस अंसारी का खेल था, या सिस्टम में बैठे लोगों की खुली मिलीभगत?

    प्रशासन अब बहुत तेजी से पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कस रहा है, और आने वाले दिनों में कई और नाम सामने आने की संभावना है।

  • प्रशासन की टीम ने डाइग्नोस्टिक सेंटरों पर की छापेमारी, मिली आनियमिताये।

    प्रशासन की टीम ने डाइग्नोस्टिक सेंटरों पर की छापेमारी, मिली आनियमिताये।

    नैनीताल—  जिलाधिकारी एव मुख़्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रदान निर्देशो के क्रम मैं पी0सी0पी0एन0डी0टी0 अधिनियम के अंतर्गत जनपद के हलद्वनी क्षेत्रान्तर्गत राघव पैथ लेब मुखानी हलद्वनी एव सत्यम डायग्नोस्टिक हीरा नगर हल्द्वानी सेंटरों का अचौक निरीक्षण किया गया।

    ।निरीक्षण दल पर सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ स्वेता भंडारी, ललित ढोंडियाल, जगदीश चन्द्र रहे।

    सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर हीरा नगर मैं निरीक्षण के दौरान कई कमियां पाई गई हॉस्पिटल पर रेड्योलॉजिस्ट उपस्थित नही थे परंतु अल्ट्रासाउंड के लिये 26 मरीजो की पर्ची अल्ट्रासाउंड हेतु काटी गई थी, जिस पर उपस्थित स्टाफ द्वारा कोई संतोषजनक उत्तर नही दिया गया ।

    ए0एन0सी0 रजिस्टर एव फॉर्म एफ पर रेड्योलॉजिस्ट के हस्ताक्षर नही पाय गये। सेंटर की सी0सी0टी0वी0 फुटेज मागने पर स्टाफ द्वारा सीसी टीवी0 कैमरा खराब होना बताया गया ।

    सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर मैं पाई गई उक्त अनिमिताओ को देखते हुवे निरीक्षण समिति द्वारा केन्द्र के प्रतिनिधयों को कड़ी फटकार लगाई गई व चेतावनी देते हुवे सेंटर के अल्ट्रासाउंड कक्ष को अग्रिम आदेशों तक ताला लगाकर मौके पर बंद कर चाभी जब्त कर ली गई। अनिमिताओ पर 3 दिवस के भीतर अपना स्पष्टिकरण प्रस्तुत करने हेतु आदेश दिये गये।

    राघव पैथ लेब के दस्तावेज एवं अन्य व्यवस्था सही पाये गये ।

  • हल्द्वानी बेस अस्पताल की बीमार लिफ्टों का तुरंत होगा इलाज,, जिलाधिकारी का आदेश।

    हल्द्वानी बेस अस्पताल की बीमार लिफ्टों का तुरंत होगा इलाज,, जिलाधिकारी का आदेश।

    हल्द्वानी—-  सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल, हल्द्वानी की दोनों खराब लिफ्टों को तत्काल चालू कराने के निर्देश जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को दिए हैं।

    किडनी रोगियों की आवाजाही के लिए लगाई गई इन लिफ्टों के बंद होने से डायलिसिस कराने आने वाले मरीजों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा था, जिससे उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी।

    मामला संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी नैनीताल विवेक राय को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट निर्देश है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने बताया कि लिफ्ट संचालित करने वाली कंपनी को शुक्रवार को रिपेयरिंग का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।

    कंपनी वार्षिक मेंटेनेंस का कार्य भी संभालेगी। रिपेयरिंग व मेंटेनेंस का खर्च अस्पताल प्रबंधन समिति के बजट से वहन किया जाएगा।

  • असहाय और बेघरों की ठंड से सुरक्षा को जिला प्रशासन मैदान में..।

    असहाय और बेघरों की ठंड से सुरक्षा को जिला प्रशासन मैदान में..।

    नैनीताल—  कड़ाके की ठंड और शीतलहर की दस्तक के बीच जिला प्रशासन ने बेघर, असहाय और निराश्रित लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है।

    जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी नगर निकायों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति ठंड से परेशान होकर सड़कों पर न सोए,यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।

    इसके तहत पूरे जिले में निःशुल्क कंबल वितरण, तथा धर्मशालाओं, रेनबसेरों, मुसाफिरखानों, चौराहों, रेलवे बस स्टेशन सहित सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की जा रही है।

    स्थाई और अस्थाई रेनबसेरे तैयार, सभी सुविधाएँ अनिवार्य–

    डीएम रयाल ने निर्देश दिए हैं कि सभी रेनबसेरों चाहे स्थाई हों या अस्थाई में, बिजली, पानी, बिस्तर , साफ-सफाई , और सुरक्षा..

    जैसी व्यवस्थाएँ बिना किसी कमी के उपलब्ध कराई जाएँ। इसके साथ ही प्रशासन ने रेनबसेरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए हैं, ताकि कोई भी जरूरतमंद ठंड में बेसहारा न रहे।

    प्रत्येक नगर निकाय में नोडल अधिकारी तैनात—-

    शीतलहर के दौरान सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने निम्न अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया है-

    नगर निगम हल्द्वानी – सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट

    नगर पालिका नैनीताल – अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा

    नगर पालिका रामनगर – अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल

    नगर पालिका कालाढूंगी – अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार

    नगर पालिका भीमताल – अधिशासी अधिकारी राहुल कुमार

    नगर पालिका भवाली – अधिशासी अधिकारी सुधीर कुमार

    नगर पंचायत लालकुआं – अधिशासी अधिकारी ईश्वर सिंह रावत

    इन सभी नोडल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सभी तैयारियाँ पूर्ण कर शीतलहर से राहत सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

    जिलाधिकारी रयाल ने साफ कहा है कि ठंड किसी की जान न ले, प्रशासन इसका पूरा इंतज़ाम करेगा।

    शीतलहर के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह कदम जनहित में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • नैनीताल में सीवर घोटाला,,,, 1982 वाले पाइप चला दिए,,,,  डीएम ने दिए जांच के आदेश,,,।..

    नैनीताल में सीवर घोटाला,,,, 1982 वाले पाइप चला दिए,,,, डीएम ने दिए जांच के आदेश,,,।..

    उत्तराखंड—  नैनीताल की सीवेज परेशानियों को कम करने के लिए बनाई गई ₹110करोड़ की योजना में बड़ी ठगी के संकेत मिले हैं।

    ग्रामीणों का आरोप है कि चौड़ा पाइप लगाने की जगह उसे अंदर से लेयर लगाकर और भी पतला कर दिया गया। इतना ही नहीं, ट्रीटमेंट प्लांट भी उस जगह बनाया गया जहां भूस्खलन सामने खड़ा है।

    जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक कमिटी बनाकर इसकी जांच करवा दी है।

    दरअसल 4 वर्ष पूर्व नैनीताल की मॉलरोड से लेकर रूसी गांव की एस.टी.पी.प्लांट तक ऊत्तराखण्ड इंटीग्रेटेड एंड रेजीलियेन्ट शहरी विकास परियोजना(UIRUDP)के अंतर्गत काम हुआ।

    इसमें, दो वर्ष पूर्व मल्लीताल के रिक्शा स्टैंड से मॉलरोड और हल्द्वानी रोड होते हुए रूसी बाईपास के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट(STP) तक पाइपों के माध्यम से सीवर पहुंचाना था।

    इसका कॉन्ट्रैक्ट तिरुपति सीमेंट प्रोडक्ट्स को ₹96.15करोड़ में दिया गया, बताया गया कि इसकी लागत ₹110करोड़ तक पहुँच गई।

    ये प्रोजेक्ट नवंबर 2021 से शुरू होकर मई 2025 तक पूर्ण होना था। इसे, सीवेज का डेवलपमेंट, एस.टी.पी., ट्रंक सीवर, अलाइड और 5 वर्ष तक ऑपरेशन और मैन्टेनेंस के लिए दिया गया था। इससे, एस.टी.पी.की श्रमता बढ़कर 17.50 एम.एल.डी.हो जानी थी।

    इससे पहले, वर्ष 1982 में 10 हजार की आबादी को देखते हुए 600 एम.एम.व्यास(डायामीटर)वाली आर.सी.सी.(सीमेंट)की सीवर पाइप लाइन डाली गई थी।

    बताया गया है कि विभाग ने 2022/23 में दो से 5 लाख की आबादी को देखते हुए 900एम.एम.डाया वाले डी.आई.(मैटल)पाइप डालने के लिए टेंडर निकाले।

    ठेकेदार ने लगभग ₹110 करोड़ के टेंडर में पुरानी पाइप लाइन को ही अंदर से रिपेयर कर इतिश्री कर दी। इससे, सीवर पाइप का डायामीटर बढ़ने के बजाए 2 सेंटीमीटर ‘इंटरनली कम’ हो गया। फलस्वरूप मॉलरोड में सीवर का ओवरफ्लो और ढक्कन उठना जारी रहा।

    पूर्व में इसमें 600 एम.एम.डाया वाली आर.सी.सी.सीवर पाइप डाली गई थी, जबकी वर्तमान के ठेकेदार को अग्रीमेंट के अनुसार इसकी जगह 900एम.एम.डाया वाली डी.आई.(मैटल)पाइप डालनी थी, लेकिन, अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर ठेकेदार ने सभी को ठग दिया।

    एस.टी.पी.प्लांट भी सत्तर प्रतिशत बनने के बाद भवन के आगे भारी भूस्खलन हो गया और उसका काम रुक गया। प्रशासन अब प्लांट लगाने के लिए दूसरे स्थान की तलाश कर रहा है।

    ग्रामीण समेत नैनीताल शहरवासी अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं, अब वो उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। जिलाधिकारी के संज्ञान में आने के बाद, उन्होंने इस प्रोजेक्ट की जांच के आदेश दे दिए हैं।

  • अब डुगडुगी बजेगी,,,,,  जनता परेशान हो,,, फाइलें धूल खाएं और बकाएदार ऐश करें,,,,अब ये नहीं चलेगा – डीएम

    अब डुगडुगी बजेगी,,,,, जनता परेशान हो,,, फाइलें धूल खाएं और बकाएदार ऐश करें,,,,अब ये नहीं चलेगा – डीएम

    नैनीताल—-  हल्द्वानी कैंप कार्यालय में शनिवार को हुई मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने अधिकारियों को साफ कर दिया“जनता परेशान हो, फाइलें धूल खाएं और बकाएदार ऐश करें,अब ये नहीं चलेगा!”

    बैठक के दौरान उन्होंने राजस्व कार्यों से लेकर कानून व्यवस्था, लंबित वादों, अभियोजन, सीएम हेल्पलाइन, भू-अभिलेख डिजिटाइजेशन और अवैध शराब तक,हर मुद्दे पर कड़ा रूख दिखाया।

     

    बकाएदारों पर डीएम की कड़क चेतावनी: “डुगडुगी बजाओ, बोर्ड लगाओ, पैसा वसूलो!”

    जिलाधिकारी ने बड़े बकाएदारों पर शिकंजा कसने के निर्देश देते हुए कहा

    “राजस्व वसूली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बड़े बकाएदारों के नाम सार्वजनिक स्थानों पर बोर्ड से चिपकाओ, गांवों में डुगडुगी बजाओ, पूरी जनता को बताओ कि कौन सरकारी पैसा खा रहा है। किसी भी कीमत पर वसूली होनी ही चाहिए।”

    अवैध शराब बेचने वालों के दिन पूरे – डीएम का सख्त फरमान

    डीएम ने आबकारी विभाग को चेतावनी दी कि जिले में किसी भी हालत में अवैध शराब की बिक्री नहीं चलनी चाहिए।

    शराब की दुकानों से लेकर पास के ढाबों, होटलों और पार्किंग क्षेत्रों तक सघन चेकिंग,
    अवैध बिक्री की शक पर तुरंत संयुक्त छापेमारी,
    दुकानों के बाहर भीड़ और जाम पर भी कड़े कदम,

    “जनपद में अवैध शराब बिकेगी तो जिम्मेदार अधिकारी सीधे जवाब देंगे।” डीएम रयाल

    तहसीलों को दो टूक “जनता को चक्कर न कटवाएं, दरवाजे पर निस्तारण करें”

    जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि और विरासत से जुड़े निर्विवाद मामलों का निस्तारण गांवों में जाकर चौपाल के माध्यम से किया जाए।

    पटवारियों को खतौनी पढ़ने और जनता को सही जानकारी देने के लिए गांवों में लगातार मौजूद रहने के निर्देश दिए।

    सीएम हेल्पलाइन पर बोल्ड निर्देश “शिकायत आए, उसी दिन कार्रवाई और फोन बैक जरूरी”

    उन्होंने कहा कि अधिकारी रोजाना सीएम हेल्पलाइन चेक करें और शिकायतकर्ता से खुद बात करके समाधान सुनिश्चित करें।

    अदालतें खाली रहेंगी, फाइलें नहीं “एसडीएम-तहसीलदार रोज कोर्ट में बैठें”

    लंबित राजस्व वादों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि:

    पुराने केस अभियान चलाकर निपटाए जाएं, न्यायालय में नियमित बैठना अनिवार्य,
    गैरजरूरी देरी पर जवाबदेही तय होगी

    सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर लाभ “पेंशन और देयक देर से नहीं मिलने चाहिए”

    उन्होंने कोषागार को सभी पेंशन मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।

    बैठक में मौजूद अधिकारी

    एडीएम विवेक राय, शैलेंद्र सिंह नेगी, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, और सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार बैठक में उपस्थित रहे।

    कुल मिलाकर – डीएम रयाल ने साफ कर दिया कि लापरवाही की कोई जगह नहीं!

    राजस्व वसूली से लेकर अवैध शराब पर सख्ती, तहसीलों की कार्यप्रणाली से लेकर जनता की शिकायतों तक हर मोर्चे पर जिलाधिकारी का रुख साफ है,

    “सिस्टम चुस्त-दुरुस्त करो, जनता को राहत दो… और जो नियम तोड़े, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

  • भवन मानचित्रों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं — जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने दिए सख्त निर्देश।

    भवन मानचित्रों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं — जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने दिए सख्त निर्देश।

    नैनीताल—  जिलाधिकारी एवं जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित मोहन रयाल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भवन मानचित्रों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय सीमा में किया जाए।

    उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता को अनावश्यक परेशान न किया जाए और आवासीय भवनों के मानचित्रों में बिना कारण आपत्तियाँ न लगाई जाएं।

    जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत राजकीय भूमि पर अतिक्रमण पाया गया, तो संबंधित अवर अभियंता और सहायक अभियंता के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मानचित्रों के निस्तारण में लापरवाही या विलंब करने वाले अभियंताओं पर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई करने की बात कही।

    उन्होंने कहा कि जनता के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखा जाए, किसी भी फरियादी को बिना समाधान के वापस न भेजा जाए, और जनसुविधा से जुड़ी योजनाओं जैसे पार्किंग एवं अन्य संरचनात्मक कार्यों को समय पर पूरा किया जाए।

    गौलापार क्षेत्र में गौशाला निर्माण की समीक्षा के दौरान मिली लापरवाही पर संबंधित अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया।
    बैठक में सचिव विकास प्राधिकरण विजयनाथ शुक्ल, सहायक अभियंता सुधांशु सिंह, शिवम धीमान, अभिषेक कुमार एवं अवर अभियंता उपस्थित रहे।