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  • नितिन_हत्याकांड :– चिंटू और उसके बेटे को हथकड़ी से जकड़ कर लाई पुलिस..।

    नितिन_हत्याकांड :– चिंटू और उसके बेटे को हथकड़ी से जकड़ कर लाई पुलिस..।

    हल्द्वानी—  नितिन लोहनी हत्याकांड में पुलिस द्वारा तेज़ और सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई है।एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में हल्द्वानी पुलिस ने जघन्य हत्या के मुख्य आरोपी अमित बिष्ट उर्फ चिंटू और उसके पुत्र जय बिष्ट को गिरफ्तार कर लिया है।

    हत्या में प्रयुक्त दोनाली बंदूक के अलावा एक पिस्टल सहित ज़िंदा कारतूस भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।

    04 दिसंबर की रात हल्द्वानी के वार्ड नंबर–55, मानपुर उत्तर में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने महज़ 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को दबोच लिया। मृतक नितिन लोहनी के बड़े भाई पीयूष लोहनी की तहरीर पर कोतवाली हल्द्वानी में एफआईआर संख्या 07/2026 धारा 103(1), 352 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

    एसएसपी के निर्देश पर बनीं विशेष टीमें—

    घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल ने शीघ्र अनावरण और गिरफ्तारी के स्पष्ट निर्देश दिए।

    एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कत्याल की अगुवाई में पुलिस टीमें गठित की गईं। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।

    हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी दोनाली बरामद—

    पुलिस ने मुख्य आरोपी अमित बिष्ट को घटना के महज़ 4 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी दोनाली बंदूक बरामद की गई। इस पर धारा 27 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है।

    बेटा भी निकला सह-आरोपी, पिस्टल बरामद—

    जांच में आरोपी के पुत्र जय बिष्ट (19 वर्ष) की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद मुकदमे में धारा 3(5) बीएनएस जोड़ी गई।

    05 जनवरी 2026 को पुलिस ने जय बिष्ट को बरेली रोड, होंडा शोरूम तिराहे से गिरफ्तार किया। तलाशी में उसके पास से एक पिस्टल और चार ज़िंदा कारतूस (.25 बोर) बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि यह हथियार उसके पिता का है, जिसे वह बिना लाइसेंस अपने पास रखे था। इस पर जय बिष्ट के खिलाफ अलग से एफआईआर संख्या 08/2026, धारा 30 आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

    हत्या की वजह पुराना आपसी विवाद—

    पुलिस पूछताछ में आरोपी अमित बिष्ट ने हत्या का कारण पूर्व का आपसी विवाद बताया है। फिलहाल दोनों आरोपियों को बरामद हथियारों सहित 06 जनवरी 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

    पुलिस का सख्त संदेश—

    इस कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि जघन्य अपराध करने वाले चाहे कितने भी रसूखदार हों, कानून से बच नहीं सकते। नितिन लोहनी हत्याकांड में पुलिस की तेज़ कार्रवाई ने जनता में यह भरोसा जगाया है कि कानून का शिकंजा अब कस रहा है।

  • एंजेल चकमा की हत्या,,,, एक ऐसी मौत, जिसने देश की आत्मा को झकझोर दिया।

    एंजेल चकमा की हत्या,,,, एक ऐसी मौत, जिसने देश की आत्मा को झकझोर दिया।

    उत्तराखंड—   उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल (येंजल) चकमा की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

    यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज में गहराते नस्लभेद, असहिष्णुता और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

    एंजेल चकमा एक साधारण, मेहनतकश परिवार से था। बेहतर भविष्य की तलाश में वह उत्तराखंड पढ़ने आया था। उसकी पहचान, नॉर्थ ईस्ट से होना और अलग चेहरा ही उसकी सबसे बड़ी “गलती” बन गई..? आरोप है कि उसे नस्लभेदी शब्दों से अपमानित किया गया और विरोध करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी गई, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    हत्या या हेट क्राइम?—

    एंजेल चकमा की मौत को लेकर देशभर में गुस्सा और शोक है। ऑल इंडिया चकमा स्टूडेंट यूनियन समेत कई संगठनों ने इसे नस्लीय हमला (हेट क्राइम) करार देते हुए न्याय की मांग की है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने देहरादून पुलिस और प्रशासन को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।

    हालांकि, देहरादून पुलिस ने नस्लीय टिप्पणी और हेट क्राइम के आरोपों को खारिज किया है, जिससे विवाद और गहरा गया है।

    पुलिस का बड़ा दावा, सवाल बरकरार—

    देहरादून के एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि यह घटना नस्लीय नहीं, बल्कि बाजार में हुई अचानक कहासुनी के बाद हिंसक झड़प का नतीजा है।

    पुलिस जांच के मुताबिक, एंजेल चकमा और उसके भाई पर हमला करने वाले आरोपी भी पूर्वोत्तर और पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें मणिपुर, नेपाल क्षेत्र और बोक्सा जनजाति के युवक शामिल हैं।

    पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग हैं, जबकि एक आरोपी फरार है। फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उसकी तलाश नेपाल तक की जा रही है।

    बाजार में हुई झड़प से गई जान—-

    पुलिस के अनुसार, एंजेल चकमा अपने भाई के साथ बाजार से सामान खरीदने गया था। पास में कुछ युवक शराब पी रहे थे। इसी दौरान मामूली कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। गंभीर रूप से घायल एंजेल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

    सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं, हालांकि छात्र संगठनों का आरोप है कि शुरू में पुलिस ने मामले को हल्के में लिया।

    राजनीति भी गर्माई—

    एंजेल चकमा हत्याकांड अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है।

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि समाज को इतना मृत नहीं हो जाना चाहिए कि अपने ही नागरिकों पर हो रहे अत्याचार पर आंखें मूंद ले।

    अखिलेश यादव ने इसे घृणित और विघटनकारी मानसिकता का परिणाम बताया।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे मानवता और संवेदनशीलता पर गहरा आघात बताते हुए पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की बात कही।

    सीएम धामी का भरोसा—-

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतक छात्र के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना उन्हें व्यक्तिगत रूप से आहत करती है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    सवाल…….

    क्या यह वाकई सिर्फ एक झगड़ा था या गहरे नस्लीय पूर्वाग्रह का नतीजा ?

    एंजेल चकमा भारत का नागरिक था। वह भारत का भविष्य था।

  • नैनीताल— दो सनसनीखेज हत्याकांडों का खुलासा, पत्नी और पिता के हत्यारे गिरफ्तार।

    नैनीताल— दो सनसनीखेज हत्याकांडों का खुलासा, पत्नी और पिता के हत्यारे गिरफ्तार।

    नैनीताल—  एसएसपी डॉ. मन्जूनाथ टी.सी. के निर्देश पर जनपद में हुई आपराधिक घटनाओं के त्वरित खुलासे के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रामनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

    एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक रामनगर सुशील कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रामनगर क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग हत्या की वारदातों का पेशेवर अंदाज में खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    पहला मामला – पत्नी की गला दबाकर हत्या——–

    11 नवंबर को सुनीता देवी निवासी बिजनौर ने कोतवाली रामनगर में तहरीर देते हुए बताया कि उनकी पोती प्रीति की उसके पति अक्षय कुमार ने गला दबाकर हत्या कर दी।

    पुलिस टीम ने तत्काल सुरागरसी कर आरोपी अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि अवैध संबंधों के शक और विवाद के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया।

    गिरफ्तार आरोपी अक्षय कुमार पुत्र भुवन चन्द्र, निवासी कैलाशो रानी बावला, सूरज मेडिकल के पास, छतरी चौराहा, काशीपुर (उधम सिंह नगर) का रहने वाला है।

    कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार
    का. नि. महेन्द्र प्रसाद,उ.नि. धर्मेन्द्र कुमार,का. शुभम शर्मा।

     

    दूसरा मामला – जमीनी विवाद में बुजुर्ग की हत्या_ दोनों भाई निकले हत्यारे———–—-

    13 नवंबर को रियाज़ पुत्र सलीम अली निवासी फौजी कॉलोनी, रामनगर ने तहरीर देकर बताया कि 12 नवंबर की रात अज्ञात व्यक्ति ने उनके पिता सलीम की सिर पर वार कर हत्या कर दी थी।

    प्रभारी निरीक्षक की अगुवाई में गठित टीम ने गहन जांच के बाद मामले का खुलासा करते हुए पाया कि हत्या जमीनी विवाद के कारण हुई थी। पुलिस ने मृतक के पुत्र नईम पुत्र सलीम अली, नाजिम पुत्र सलीम अली दोनों निवासी ग्राम महेशपुर, थाना भगतपुर टांडा, मुरादाबाद (उ.प्र.) को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया है।

    दो हत्याओं की गुत्थी सुलझाने वाली पुलिस टीम प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार, व.उ.नि. मोहम्मद यूनुस,व.उ.नि. महेन्द्र प्रसाद, उ.नि. तारा राणा, उ.नि. सोमेन्द्र सिंह, एचसी तालिब हुसैन,का. महबूब आलम

  • पति ने की पत्नी की निर्मम हत्या: हल्द्वानी में घरेलू हिंसा का खौफनाक मामला।

    पति ने की पत्नी की निर्मम हत्या: हल्द्वानी में घरेलू हिंसा का खौफनाक मामला।

    नैनीताल—-  उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पति ने शक के चलते अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के 13 बीघा इलाके की है, जहां 35 वर्षीय महिला शाहीन को उसके ही पति इंतज़ार ने ईंट से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया।

    मामूली कहासुनी बनी मौत की वजह—–

    जानकारी के अनुसार इंतज़ार को लंबे समय से अपनी पत्नी शाहीन के चरित्र पर शक था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़ा होता रहता था। गुरुवार दोपहर विवाद इतना बढ़ गया कि इंतज़ार ने घर के बाहर रखी भारी ईंट उठाकर पत्नी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।जब तक लोग पहुंचते, शाहीन लहूलुहान होकर ज़मीन पर गिर चुकी थी।

    लोगों ने पकड़ा आरोपी, पुलिस ने किया गिरफ्तार—–

    महिला की चीखें सुनकर आस-पास के लोग दौड़े और आरोपी पति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही बनभूलपुरा पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घायल शाहीन को तत्काल डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

    आरोपी पहले भी जा चुका है जेल—/

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इंतज़ार पहले एक रेप केस में जेल जा चुका है और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। उसे शक था जिसके चलते अपनी ही पत्नी की हत्या कर दी।

    एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया और मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज गया है।

  • फिरौती के लिए किया अपहरण, की हत्या।

    फिरौती के लिए किया अपहरण, की हत्या।

    हरिद्वार—-  उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के पिरान कलियर थाना क्षेत्र में होटल संचालक नसीर के बेटे अनवर के अपहरण और हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है.

    पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कबूल किया कि फिरौती की रकम के लालच में उन्होंने 20 वर्षीय अनवर की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को गंगनहर में फेंक दिया.

    फिलहाल शव की तलाश के लिए गंगनहर में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

    6 सितंबर, शनिवार को बेडपुर गांव निवासी अनवर अपने होटल (जो पिरान कलियर में है) के लिए घर से निकला था, लेकिन होटल नहीं पहुंचा. शाम चार बजे से उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ आने लगा. जब रात तक वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और देर रात तक उसे खोजने के बाद पुलिस को सूचना दी.

    रात में अनवर के जीजा जुबैर के मोबाइल पर अनवर के ही नंबर से कॉल आई. कॉल करने वाले ने अनवर की रिहाई के बदले 25 लाख रुपये की मांग की. परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गईं।

    अन्वेषण में जुटी पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सबूतों के आधार पर होटल संचालक नसीर के पुराने किराएदार अमजद (जो दिव्यांग है और सात साल से बतौर टेलर काम कर रहा था) और उसके दोस्त फरमान उर्फ लालू पर शक जताया.

    दोनों को हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले यूट्यूब और क्राइम टीवी शो देखकर अपहरण की योजना बनाई थी. उनकी योजना थी कि मोटी रकम मिल जाएगी, लेकिन अनवर को अगवा करने के तुरंत बाद ही उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।

    शनिवार शाम चार बजे उन्होंने अपनी दुकान पर ही अनवर की हत्या की और उसका शव प्लास्टिक के बोरे में भर दिया. इसके बाद शव को बाइक पर रखकर फरमान धनौरी रोड की ओर ले गया, लेकिन रास्ते में बाइक पंचर हो गई. तब अमजद ई-रिक्शा लेकर वहां पहुंचा और दोनों ने मिलकर शव को गंगनहर में सुमन नगर के पास फेंक दिया।

    गंगनहर में शव फेंकने के बाद दोनों आरोपी कलियर मेले में घूमने चले गए. कुछ देर बाद अमजद ने मृतक अनवर के मोबाइल से उसके जीजा जुबैर को कॉल कर कहा, “आपका लड़का हमारे पास है, 25 लाख रुपये लेकर आओ.” अगली रात भी उसने जुबैर को दो अलग-अलग फ्लाईओवर पर बुलाने की कोशिश की लेकिन खुद वहां नहीं पहुंचा और फिर फोन बंद कर दिया.

    पुलिस की टीमें गंगनहर में शव की तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है. इस मामले की जांच गहराई से जारी है और आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

    गिरफ्तार आरोपियों में अमजद (33): निवासी मुकर्बपुर, थाना कलियर, दिव्यांग और पेशे से टेलर हैं , दूसरा फरमान उर्फ लालू (32): निवासी मुस्तफाबाद, थाना बहादराबाद का रहने वाला है।