रुद्रपुर— उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व गृह मंत्री को उपजिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें महेश चंद्र आग्री, उनके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से जुड़ी कथित बेनामी संपत्तियों, आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की उच्चस्तरीय जांच SIT या CBI से कराने की मांग की गई है।
यह ज्ञापन भीम फोर्स बहुजन मूल निवासी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश राज के नेतृत्व में दिया गया। ज्ञापन सौंपने के दौरान रमेश चंद्र, अन्ना, मंजूर, मुकर्रम, उजैर, राहिल अली, मुबारक, जाबिर आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

ज्ञापन में लगाए गए मुख्य आरोप –
1. आपराधिक मामला और जेल:- बताया गया कि महेश चंद्र आग्री वर्तमान में थाना रामनगर (नैनीताल) में दर्ज एक मामले (FIR No- 395/2019, धारा 307 आदि) के तहत जेल में बंद हैं।
2. संपत्तियों में भारी वृद्धि:- आरोप है कि पहले साधारण मजदूरी और समाजवादी पार्टी कार्यालय में स्वीपर का काम करने वाले महेश चंद्र आग्री ने पिछले लगभग 20 वर्षों में बेहिसाब संपत्ति अर्जित की है। उनके और उनके रिश्तेदारों के नाम पर कई संपत्तियां होने का दावा किया गया है, जबकि परिजन गरीबी रेखा कार्ड धारक बताए जा रहे हैं।
3. फर्जी फ्लैट और मनी लॉन्ड्रिंग:- अनिल मिठास और महेश चंद्र आग्री से जुड़े मामलों में फ्लैट उपलब्ध कराने के नाम पर बड़ी धनराशि लेने और फ्लैट न देने के आरोप हैं। ज्ञापन के अनुसार इस मामले में अनिल मिठास डेढ़ साल से जेल में हैं, जबकि महेश चंद्र की पत्नी जानकी देवी और पुत्र सचिन आग्री फरार बताए जा रहे हैं।
4. बेनामी और रिश्तेदारों के नाम संपत्ति:- आरोप है कि कई संपत्तियां भांजे दीपक कुमार (जो बीपीएल कार्ड धारक हैं) और दिवंगत ससुर ख्याली राम के नाम पर खरीदी गई हैं।
5. गिरोह बनाकर दबाव बनाने का आरोप:- शिकायत में कहा गया है कि महेश चंद्र आग्री का एक गिरोह है जिसमें अमित अरोड़ा, विशाल जग्गी, एस.पी. मलिक आदि शामिल हैं, जो कथित तौर पर डरा-धमकाकर आम लोगों की संपत्तियों और लेन-देन को अपने नाम कराते हैं।
संगठन ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT या CBI जांच गठित की जाए।
रुद्रपुर बयूरो— सम्मी मेहर
