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हलद्वानी–श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विगत दिनो से चल रहे पर्युषण पर्व के समापन अवसर पर क्षमावाणी पर्व के पावन अवसर पर समाज में बड़े हि धुमधाम से क्षमावाणी पर्व मनाया गया।

 

इस अवसर पर सुबह 7 बजे श्री जी का अभिषेक किया गया और अभिषेक के पश्चात श्री जी की भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया।

 

 

इस अवसर पर आदिनाथ भगवान को सम्पूर्ण नगर में रथ के द्वारा घुमांया गया एवं शाम को श्री जी की 108 दीपकों से महाआरती की गई सांगानेर जयपुर से पधारे विद्वत श्री कुशाल जी जैन शास्त्री ने सायंकालीन प्रवचन में बताया ,कि क्षमा वीरो का भूषण है क्षमा के बिना हमारे 10 धर्म अधूरे हैं ।

 

 

भैया जी ने कहा श्री जी की रथ यात्रा में जो भी शामिल होते हैं वो लोग बड़ी ही बिरले होते हैं भगवान की रथ यात्रा में जो सौधर्म इंद्र पद की प्राप्ति करते हैं वो एक भवावतारी होते है और इस बार समाज ने हल्द्वानी में इतिहास रचा और पुरा पर्युषण सानंद संपन्न हुआ आज हल्द्वानी में रथ यात्रा के समय एक ऐसा विषय देखने को मिला की एक स्वान ने पुरी रथ यात्रा में यात्रियों के साथ-साथ श्री जी की वंदना की और लगभग 4 किलोमीटर की यात्रा में वह बिना खाए पिए चला और उसने मंदिर जी के दर्शन किए।

 

प्रवचन के पश्चात मंदिर जी के प्रांगण में प्रश्नुत्तर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया कार्यक्रम में लोगो ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया इस अवसर पर समाज के श्रावक और श्राविकागण उपस्तिथ थे।

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