
हलद्वानी–ईडीपी के छठे दिन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मीडिया स्टडीज के प्रोफेसर और पब्लिक रिलेशन ऑफिसर प्रो. राकेश रयाल ने डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया के जरिए एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने पत्रकारिता के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सबसे पहले अखबार आया, उसके बाद रेडियो और टेलीविजन ने अपनी जगह बनाई। अंततः वाई-फाई के आगमन के साथ सोशल मीडिया का जन्म हुआ।
प्रो. राकेश ने कहा कि पहले हम अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए अखबारों का सहारा लेते थे, लेकिन इंटरनेट के दौर में अब हर किसी के पास सोशल मीडिया का प्लेटफॉर्म है, जहां न केवल अपनी बात रखी जा सकती है, बल्कि अपने उत्पादों को भी प्रमोट किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मीडिया को ‘चौथा स्तंभ’ कहा जाता है, क्योंकि यह लोगों को अपनी बात रखने का माध्यम देता है।
डिजिटल मीडिया का अर्थ है इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग। डिजिटल और सोशल मीडिया की ताकत को समझाते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में सिर्फ एक मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए अपने उत्पाद का प्रचार किया जा सकता है।
उन्होंने 50 सेकंड से 1 मिनट की छोटी वीडियो क्लिप बनाने पर जोर दिया, जिसमें उत्पाद के प्रस्तुतीकरण, एडिटिंग और वीडियोग्राफी पर खास ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने ‘नमक वाली आंटी’ का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे गढ़वाली भाषा में अपने प्रोडक्ट का प्रचार करके उन्होंने स्थानीय से राष्ट्रीय और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाई।
प्रो. राकेश ने सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि इनका सहारा लेकर अपने उत्पाद को कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
व्याख्यान के अंत में उन्होंने कहा, “आज के समय में प्रिंट व डिजिटल मीडिया साथ-साथ सोशल मीडिया का भी काफी महत्व है। सोशल मीडिया हर किसी की पहुंच में है और यह ‘लोकल को वोकल’ बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है।”
अंत में ईडीपी समन्वयक डॉ. अखिलेश सिंह ने जानकारी दी कि 28 जनवरी 2025 को विश्वविद्यालय प्रांगण में स्टार्टअप पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इच्छुक उद्यमी इस प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए समिति के सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं।
