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हल्द्वानी– आजकल उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग में एम.एस.सी. (पर्यावरण विज्ञान) के तृतीय सेमेस्टर की सात दिवसीय प्रयोगात्मक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

 

 

इसकी शुरुआत दिनांक 08.02.2025 से विश्वविद्यालय के तीनपानी स्थित परिसर में हो गयी हैं और यह दिनांक 14.02.2025 तक चलेगी ।

 

वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. एच०सी० जोशी ने बताया कि प्रयोगात्मक कार्यशाला का आयोजन वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विषयों का अभिन्न अंग है और प्रत्येक सेमेस्टर के शिक्षार्थियों के लिए इसका आयोजन किया जाता है ।

 

 

इन कार्यशालाओं का उद्देश्य महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दों पर विज्ञान के शिक्षार्थियों को प्रयोगात्मक एवं क्षेत्रीय ज्ञान के संबंध में व्यवहारिक एवं कौशल ज्ञान का प्रशिक्षण दिया जाना है और इस प्रकार के परामर्श सत्र एवं शैक्षिक भ्रमण इन विषयों की गणुवत्ता को बनाए रखने में अत्यधिक महत्व रखते हैं।

 

 

उन्होंने यह भी बताया कि इन कार्यशालाओं के दौरान शिक्षार्थियों को शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संस्थानों एवं औद्योगिक इकाईयों में भ्रमण भी कराया जाता है । इसी क्रम में कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे शिक्षार्थियों हेतु आज प्रथम चरण में नगर निगम अपशिष्ट उपचार संयंत्र-28 माइल्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, हल्द्वानी में शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया ।

 

 

इस दौरान प्लांट के इनचार्ज श्री गौरव जायस द्वारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यविधि की वृस्तत जानकारी शिक्षार्थियों को प्रदान की गयी। शिक्षार्थियों ने शहरी कचरे को संभालने के लिए अपनाई गई व्यापक अपशिष्ट प्रबंधन प्रक्रियाओं के बारे में, अपशिष्ट के जैविक और अजैविक वर्गीकरण, अपशिष्ट जल उपचार में शामिल प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा।

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इस दौरान अपर सहायक अभियंता श्री नागेंद्र चन्द्रा एवं सहायक अभियंता श्री वाई. एस. लसपाल ने भी शिक्षार्थियों को संबंधित जानकारी प्रदान की। इस दौरान कैमिस्ट श्री प्रिंस सिंह, प्लांट आपरेटर श्री गोपेस मिश्रा आदि भी उपस्थित रहे।

 

 

भ्रमण के द्वितीय चरण में शिक्षार्थियों के लिए सेंचुरी पल्प एडं पेपर मिल, लालकुआँ का भ्रमण आयोजित किया गया । यहां शिक्षार्थियों ने कच्चे माल की प्रक्रिया से लेकर अंतिम उत्पाद तक कागज निर्माण के विभिन्न चरणों के बारे में जाना।

 

 

उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों के उपयोग और उत्पादन प्रक्रिया में कड़े पर्यावरणीय मानकों के कार्यान्वयन को समझा ।

 

सहायक प्राध्‍यापक डॉ. बीना फुलारा ने बताया कि इस अध्ययन भ्रमण के अन्तगात शिक्षार्थियों ने मिल के एफ्लुएंट ट्रीटमेंट पलांट (ई.टी.पी. यूनिट) का भी भ्रमण किया।

 

 

इस दौरान वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री नरेश चंद्र कफल्टया जी ने शिक्षार्थियों को ई.टी.पी. यूनिट के संबंध में जानकारी दी तत्पश्चात ई.टी.पी. यूनिट के सेक्शन प्रमुख श्री ललित जोशी एवं सीनियर एक्‍सीक्‍यूटिव श्री भरत पाण्‍डे की अगुवाई में में संपूर्ण यूनिट का भ्रमण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ और शिक्षार्थियों को यूनिट की विभिन्न कार्यशालाओं से अवगत कराया एवं विस्तृत जानकारी प्रदान की ।

 

शिक्षार्थियों के साथ विभाग के प्राध्यापक डा. बीना फुलारा, डॉ प्रीति पंत एवं डॉ. दीप्ति नेगी ने भी प्रतिभाग किया। अंत में विभाग की सहायक प्रध्‍यापक डॉ प्रीति पंत ने सभी का धन्‍यवाद ज्ञापित किया।


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