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देहरादून—   द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिप्ट को-परेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) के द्वारा पीड़ित महिलाओं ने देहरादून में धरना प्रदर्शन किया।

LUCC से पीड़ित नागरिकों की आर्थिक मदद हेतु आपातकालीन राहत कोष बनाकर शीघ्र अति शीघ्र मदद के संदर्भ में देहरादून में सीटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र प्रेषित किया गया।

सविनय निवेदन इस प्रकार से है कि उपरोक्त कंपनी हमारे उत्तराखंड के लगभग 25 लाख निवेशकों के खून पसीने के अरबों खरबों पैसे लूट कर फरार हो गई है जिसके कारण हमारे राज्यवासी भारी से भारी आर्थिक संकट हेतु शारीरिक मानसिक पारिवारिक सामाजिक तनाव से गुजर रहे हैं और पीड़ित नागरिकों का जीवन बहुत ही ज्यादा दयनीय स्थिति में है

उनके परिवार बच्चों के जीवन और भविष्य पर भी इस LUCC महा घोटाला आपदा के चलते खतरा मंडरा रहा है बहुत से पीड़ित नागरिकों के घर में रोजमर्रा के जीवन यापन करने के लिए बच्चों की कॉपी किताब स्कूल ड्रेस खरीदने फीस देने के लिए फूटी कौड़ी तक नहीं है , बहुत ही दुःखी मन से कहना पड़ रहा है कि अपने ही राज्य में अपने शासन प्रशासन सरकारों के आगे हम मातृशक्ति की दुर्गति दोयम दर्जा के नागरिक जैसी बन गई है ।

जहां मातृशक्ति को न्याय सुरक्षा मान सम्मान ना दिया जा रहा हो वहां धाम और धर्म की बात करना हम मानव जननी मातृ शक्ति के साथ मात्र एक छलावा बेईमानी जैसा है।

महोदय हम पिछले 20 मार्च 2025 से आप तक अपनी बात पहुंचाने के लिए श्रीनगर पीपल चोरी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्मारक में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं।

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8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय दिवस के दिन एवं 8 अप्रैल को हम आपके आवास पर कूच तक भी कर चुके हैं, विभिन्न विभागों के अधिकारी गणों के माध्यम से सभी जगह पर पत्राचार भी कर दिया है , मगर महोदय जी बहुत ही ज्यादा दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कहीं भी कोई भी हम मातृशक्ति की सुनावाई नहीं कर रहे हैं।

आखिर हमारे राज्य और देश में ऐसा कौन सा विभाग आयोग अधिकारी गण मंत्रालय है जहां हम अपनी बात रख सके जो हमारे समस्याओं का समाधान तुरंत हो सके।

आप ही बताइएगा महोदय जी जिसके कारण हम बहुत ही ज्यादा हताश और निराश हो चुके हैं, बहुत से पीड़ित नागरिक आत्महत्या जैसे दुखद जन हानि कदम उठाने के लिए मजबूर विवश हैं ।

यदि चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले आपने पीड़ित नागरिकों मातृ शक्ति का समस्याओं का समाधान नहीं किया तो हम मातृशक्ति राष्ट्रीय राजमार्ग को चक्का जाम करने चार धाम यात्रा को बाधित करने, आत्मदाह के लिए मजबूर विवश होंगे और यदि किसी भी पीड़ित नागरिक मातृशक्ति के साथ कोई भी ऊंच नीच जन हानि जैसी कोई घटना होती है तो इसकी पूरी की पूरी जिम्मेदारी आपकी होगी।

महोदय जो हमारे शासन प्रशासन ने इस LUCC नामक कंपनी को लोगों को ठगने के लिए लाइसेंस परमिशन दिया और आपके द्वारा इसकी निगरानी क्यों नहीं की गई, यदि यह कंपनी फर्जी थी तो पिछले 8, 9सालों से हमारे राज्य में चल कैसे रही थी और यदि पंजीकृति थी तो भाग कैसी गई।

इस कंपनी के निगरानी करने की जिम्मेदारी किसकी थी महोदय हम बहुत ही ज्यादा हताश हो गए हैं क्योंकि हमने आपको अपने बात पहुंचाने के लिए हर प्रकार के लोकतांत्रिक प्रयास कर दिए हैं मगर दुर्भाग्य है कि अभी तक आपकी ओर से हम पीड़ित नागरिकों मातृ शक्ति के लिए किसी भी प्रकार का राहत बचाव का कदम नहीं उठाया गया है जो बहुत ही ज्यादा निराशजनक दुर्भाग्यपूर्ण चिंतनीय विषय है ।

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अतः महोदय हम सभी पीड़ित नागरिक मातृ शक्ति आपसे हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन करते हैं कि चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले हमारी समस्याओं की जटिलता को समझते हुए अपने उत्तराखंड के पीड़ित नागरिकों व उनके परिवार बच्चों का जीवन भविष्य को मध्य नजर रखते हुए आपातकालीन राहत कोष बनाकर अपने नागरिकों को इस महा आर्थिक संकट से बाहर निकलने के लिए शीघ्र अति शीघ्र ठोस कदम उठाने का महान कष्ट कीजिएगा।

हम सभी पीड़ित नागरिक मातृ शक्ति आपके जीवन भर आभारी रहेंगे अन्यथा महोदय हम मातृशक्ति बहुत ही दुःखी निराश हो गए हैं।

इस देश प्रदेश में हमारा सुनने वाला कोई नहीं है इसलिए हम कभी भी कहीं भी राष्ट्रीय राजमार्ग चक्का जाम आत्मदाह करने के लिए मजबूर हैं और आजसिटी मैजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया और घंटाघर दर्शन लालचौक दून अस्पताल चौक कहचरी सांकेतिक जाम लगाया गया।


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