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उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज देहरादून में आयोजित संविधान (एक सौ उनतीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2024 और संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक में सहभागिता की। यह बैठक भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित “एक राष्ट्र, एक चुनाव” (One Nation, One Election) प्रणाली की व्यवहारिकता, कानूनी आवश्यकताओं एवं संविधानिक संशोधनों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। इस महत्त्वपूर्ण विषय पर विधायी विमर्श में सम्मिलित होकर विधानसभा अध्यक्ष ने उत्तराखंड राज्य के परिपेक्ष में कई सुझाव एवं टिप्पणियाँ साझा कीं, जो इस दिशा में गंभीर दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा, “एक राष्ट्र, एक चुनाव न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा, बल्कि देश के संसाधनों और समय की भी बड़ी बचत करेगा। बार-बार चुनावों से शासन और विकास कार्यों में जो विघ्न आता है, उससे मुक्ति आवश्यक है।”उन्होंने साथ में यह भी कहा कि, “बार-बार आचार संहिता लगने से राज्यों की योजनाओं और विकास गति में बाधा आती है। यदि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हों, तो प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और स्थायी रूप में कार्य कर सकेगी।”

विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी सुझाव दिया कि, “पर्वतीय एवं सीमावर्ती राज्यों की विशेष भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ व्यवस्था में कुछ लचीले और व्यवहारिक प्रावधान अवश्य जोड़े जाएं, ताकि लोकतंत्र की जड़ों को और मज़बूती मिल सके।”उन्होंने देहरादून में इस महत्वपूर्ण बैठक के आयोजन को उत्तराखंड के लिए सम्मानजनक बताया और कहा कि इससे राज्य की भागीदारी को राष्ट्र की विधायी प्रक्रिया में और बल मिलेगा।

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