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हल्द्वानी/नैनीताल—   हालिया गंभीर आपराधिक घटनाओं के बाद कानून व्यवस्था को लेकर शासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई सख्त समीक्षा के बाद अब Visible Policing को जमीनी स्तर पर लागू करने की कवायद तेज हो गई है।

इसी क्रम में रिधिम अग्रवाल (आईजी कुमायूँ) और डॉ. मंजुनाथ टीसी (एसएसपी नैनीताल) स्वयं सड़कों पर उतरे। वरिष्ठ अधिकारियों ने रात में गश्त, पिकेट ड्यूटी और चेकिंग व्यवस्था का औचक निरीक्षण कर स्पष्ट संदेश दिया कि ,, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

हाई लेवल गोष्ठी में सख्त निर्देश

12 फरवरी 2026 को आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अपराध नियंत्रण के लिए ठोस और समयबद्ध निर्देश जारी किए गए..

सभी क्षेत्राधिकारी दिन-रात अपने क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे और लोकेशन/कार्य की जानकारी उच्चाधिकारियों को देंगे।

थाना और चौकी प्रभारी स्वयं रात्रि गश्त में मौजूद रहेंगे।

थानों में उपलब्ध बल के अनुसार अधिकतम रात्रि ड्यूटी लगाई जाएगी, जिसकी रोज मॉनिटरिंग होगी।

रात 11 बजे तक सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद कराए जाएंगे। शराब और जुए के अड्डों पर सघन छापेमारी होगी।

रंजिश और आपसी विवाद वाले मामलों को चिन्हित कर निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सक्रिय/अभ्यस्त अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर और गुंडा एक्ट के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।

यह सिर्फ निर्देश नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने की चेतावनी भी है।

SSP का सख्त संदेश

एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने दो टूक कहा है,, आदेशों के पालन में कोताही हुई तो जिम्मेदारी तय कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश है कि देर रात अनावश्यक रूप से घूमने वालों पर सख्ती बरती जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई हो।

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साथ ही आमजन से अपील की गई है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने ठोस कार्रवाई की..

18 व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस एक्ट में कार्रवाई, ₹4150 संयोजन शुल्क वसूला गया।

28 वाहन चालकों के चालान, ₹13,500 संयोजन शुल्क जमा।

03 वाहन सीज।

शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए यह स्पष्ट चेतावनी है। कानून से ऊपर कोई नहीं।

पुलिस की यह सक्रियता न सिर्फ अपराधियों के लिए सख्त संदेश है, बल्कि आम नागरिकों में भरोसा बहाल करने की कोशिश भी।


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