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उत्तराखंड—   कुमाऊँ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सुशीला तिवारी अस्पताल में पिछले तीन वर्षों के दौरान 6084 मरीजों की मौत का गंभीर मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चिंता जताई जा रही है।

इस संबंध में संयुक्त बयान जारी करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता नीरज तिवारी और कुलदीप तड़ियाल ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतें गंभीर और चिंताजनक स्थिति को दर्शाती हैं।

उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की, ताकि वास्तविक कारण सामने आ सकें और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

उन्होंने कहा कि कुमाऊँ मंडल सहित पूरे उत्तराखंड के हजारों लोग उपचार के लिए इस अस्पताल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यहां की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित करना बेहद जरूरी है, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सरकार को केवल इस अस्पताल ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को दूर करने के साथ-साथ अस्पतालों में आवश्यक संसाधन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस गंभीर मुद्दे को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए ठोस निर्णय करेगी ताकि भविष्य में इस तरह की चिंताजनक परिस्थितियां उत्पन्न न हों और आम जनता को भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।


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