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उत्तराखंड—   देवभूमि में बाबा केदार के धाम में शुक्रवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब देश के जाने-माने उद्योगपति गौतम अडानी अपनी पत्नी प्रीति अडानी के साथ बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे।

मौका बेहद खास था _ अपनी शादी की 40वीं सालगिरह पर दंपति ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और राष्ट्र की उन्नति की कामना की। सुबह दिल्ली से देहरादून और फिर निजी हेलिकॉप्टर के जरिए केदारनाथ पहुंचे अडाणी परिवार के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया।

धाम में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए आम श्रद्धालुओं की आवाजाही भी कुछ देर प्रभावित हुई। इसी दौरान वीआईपी दर्शन और विशेष व्यवस्थाओं को लेकर तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा।

धाम परिसर में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी खिलाफ तीर्थ पुरोहितों ने जमकर नारेबाजी की। “वीआईपी गेट बंद करो” और “सभी श्रद्धालु एक समान” जैसे नारों से केदारपुरी गूंज उठी। विरोध का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, सरकार और प्रशासन लगातार यह दावा करते आए हैं कि इस बार चारधाम यात्रा में वीआईपी कल्चर खत्म कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई मंचों से कह चुके हैं कि बाबा के दरबार में सभी श्रद्धालु बराबर हैं और किसी को विशेष सुविधा नहीं दी जाएगी। लेकिन केदारनाथ से सामने आई तस्वीरों ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दर्शन के बाद अदानी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडाणी ने प्रस्तावित सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना का हवाई सर्वे भी किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन और यात्रा सुविधाओं को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। लगभग 13 किलोमीटर लंबे इस रोपवे की क्षमता प्रति घंटे करीब 1800 यात्रियों को एक तरफ ले जाने की होगी, जिससे यात्रा के दौरान भारी भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

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सितंबर 2025 में अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को इस परियोजना का ठेका मिला था। केंद्र सरकार ने मार्च 2025 में इस रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी और इसे पूरा होने में करीब पांच साल का समय लग सकता है।

केदारनाथ यात्रा के दौरान गौतम अडाणी ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने बाबा केदार से देश की निरंतर प्रगति, समृद्धि और शक्ति के लिए प्रार्थना की। साथ ही विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर उन्होंने ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ नामक नई पहल की शुरुआत करने का ऐलान किया। अडाणी ने कहा कि यह पहल केवल औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि अडाणी परिवार के 4 लाख से अधिक कर्मचारियों से दिल से जुड़ने का प्रयास है।

उन्होंने विश्वास जताया कि जब लाखों लोग राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे, तब विकसित भारत के सपने को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाई जा सकेगी।

एक ओर बाबा केदार के दर पर आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का संगम दिखा, तो दूसरी ओर वीआईपी संस्कृति को लेकर उठे सवालों ने व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस विरोध के बाद क्या कदम उठाते हैं।


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