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उत्तराखंड—  उत्तराखण्ड में नैनीताल के खुर्पाताल में बने एक निजी रिजॉर्ट को पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के नियमों का पालन नहीं करने पर सील कर दिया गया है। मंगलवार को पी.सी.बी.ने पुलिस और विद्युत विभाग के साथ इस कार्यवाही को अंजाम दिया।

नैनीताल से लगभग 8 किलोमीटर दूर कालाढूंगी मार्ग में खुर्पाताल गांव बसा है। यहां एक रिजॉर्ट बना है जिसे पी.सी.बी.ने सील कर दिया। रिजॉर्ट के स्वामी सचिन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने रिजॉर्ट/फ्लैट्स में व्यावसायिक गतिविधि बन्द कर दी है, हालांकि उनका स्टाफ और कुछ फ्लैट स्वामी वहां रहते हैं। कहा कि उनके द्वारा की गई गलती विभागीय पत्राचार की कमी के चलते हुई है।

मार्च 2025 से अबतक उनके साथ विभाग ने कोई पत्राचार नहीं किया और न ही सिवर ट्रीटमेंट प्लांट की फेलियर रिपोर्ट दिखाई है। अब उनका कहना है कि विभाग उन्हें विद्युत आपूर्ति सुचारू कर आने जाने के रास्ते को खोल दे, साथ ही ऑफिस खोल दें तांकि पी.सी.बी.के नियमों का पालन किया जा सके।

पी.सी.बी.के उच्च न्यायालय में अधिवक्ता आदित्य प्रताप सिंह ने बताया की खुर्पाताल के एक होटल ने एयर एंड वाटर(वायु जल अधि.)एक्ट में बंधिकरण के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी।

न्यायालय ने दो सप्ताह के भीतर नियमों का अनुपालन कर पी.सी.बी.को आपत्ति सौंपने को कहा है। आदित्य ने ये भी बताया कि उनके जवाब के बाद विभाग जांच करने के बाद निर्णय लेंगे, लेकिन तब तक होटल को बंद कर दिया गया है।

पी.सी.बी.के क्षेत्रीय अधिकारी अनुराग नेगी ने बताया कि दिसंबर 2024 में इस प्रॉपर्टी का इंस्पेक्शन किया गया था और तब भी ये सीवर ट्रीटमेंट प्लांट(एस.टी.पी.)नहीं चल रहा था, जिसपर इन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया।

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कुछ समय बाद रिजॉर्ट की तरफ से कहा गया कि उन्होंने प्लांट ठीक कर लिया है और जिसे चैक करने पर सही नहीं पाया गया। विभाग की तरफ से बीती 28 अप्रैल को रिजॉर्ट को क्लोजर नोटिस दिया गया। रिजॉर्ट से पर्यटकों को हटाकर कोई भी व्यावसायिक गतिविधि बन्द कर दी गई है। इसकी विद्युत सप्लाई भी विभाग ने बंद कर दी है।


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