Spread the love

नैनीताल—   मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नैनीताल जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को राज्य स्तर पर आयोजित टेबल टॉप एक्सरसाइज में नैनीताल प्रशासन ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और राहत-बचाव व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई।

अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल की मौजूदगी में आयोजित पूर्वाभ्यास में निर्णय लिया गया कि 2 जुलाई को जिले के पांच संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े स्तर पर मानसून पूर्व मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास के दौरान भूस्खलन, बाढ़ और अन्य संभावित आपदा परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा जाएगा।

प्रशासन ने नैनीताल के आलम कॉटेज, कालाढूंगी के निहाल नाला, बेतालघाट के बधो स्थित काली पहाड़, लालकुआं के बिंदुखत्ता गोला नदी क्षेत्र और गोलापार स्टेडियम सहित पांच स्थानों को मॉक ड्रिल के लिए चिन्हित किया है। यहां विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास करेंगे।

बैठक में आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना प्रणाली, संसाधनों के बेहतर उपयोग, विभागीय जिम्मेदारियों और राहत कार्यों के संचालन की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग अपने संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।

अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य सभी विभागों, सुरक्षा एजेंसियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी और प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।

See also  हाईकोर्ट का बड़ा फैसला:- पहले सुनवाई,,, फिर होगा कर्मचारियों पर कोई फैसला।

बैठक में पुलिस, लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान, जिला पूर्ति विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, अर्द्धसैनिक बल, सभी उपजिलाधिकारी तथा आईआरएस प्रणाली से जुड़े अधिकारियों ने प्रत्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से भाग लेकर अपनी तैयारियों का प्रस्तुतीकरण किया।


Spread the love

You missed