नैनीताल— उत्तराखंड उच्च न्यायालय में विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली ‘थाली भेंट’ की गणना के दौरान हुई वित्तीय अनियमितता करने के आरोप में निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन और एफ.आई.आर.निरस्त करने समेत गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका को सुना।
न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मामले की सुनवाई 16 जुलाई को होगी ।
मामले के अनुसार, मंदिर समिति को 02 जुलाई 2026 को सोशियल मीडिया से सूचना मिली कि श्री.बदरीनाथ मंदिर में ‘थाली भेंट’ की गिनती के दौरान वित्तीय गड़बड़ी की गई है।
इस पर संज्ञान लेते हुए मंदिर समिति के अध्यक्ष के आदेशानुसार एक विभागीय जांच समिति का गठन किया गया। विभागीय जांच समिति की प्रारंभिक जांच आख्या(रिपोर्ट)में यह बात सामने आई कि मंदिर समिति के कार्मिक प्रमोद नौटियाल ने कथित तौर पर सुबह लगभग 9 बजे से 9:30 बजे के बीच थाली भेंट गणना स्थल से अवैध रूप से धनराशि उठाई थी।
इस पुष्टि के बाद, मंदिर समिति द्वारा आरोपी कार्मिक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मंदिर समिति के आदेशों के क्रम में श्री.बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान ने कोतवाली बद्रीनाथ में लिखित तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
