देहरादून— उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र दौर की चेतावनी भी दी गई है।
कुमाऊं मंडल के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है, जबकि गढ़वाल मंडल के कई जिलों में भी रुक-रुक कर बारिश और बौछारें पड़ने का अनुमान है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
173 सड़कें बंद, कई मार्गों पर आवागमन ठप
लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर में 173 सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, पौड़ी गढ़वाल में 27 और देहरादून में 23 सड़कें मलबा आने के कारण बाधित हैं। प्रशासन लगातार मार्ग खोलने के कार्य में जुटा है।
उत्तरकाशी के हर्षिल में लगातार बारिश के कारण भागीरथी (गंगा) नदी का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर बह रही हैं, जिससे नदी किनारे बसे क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
यमुनोत्री हाईवे बहा, 1000 यात्री सुरक्षित निकाले गए
उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में शुक्रवार को यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 100 मीटर हिस्सा बह गया, जिससे लगभग 1000 यात्री 27 घंटे तक फंस गए। प्रशासन ने सभी यात्रियों को पैदल मार्ग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अधिकारियों के अनुसार, हाईवे को दोबारा खोलने में करीब दो दिन लग सकते हैं। वहीं गंगोत्री हाईवे भी कई स्थानों पर भूस्खलन से प्रभावित है।
कोसी और गंगा का बढ़ा जलस्तर
रामनगर में कोसी नदी के उफान पर आने से गर्जिया देवी मंदिर के पास स्थित प्रसाद की दुकानों में पानी घुस गया। दुकानदारों ने समय रहते अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और हादसे
ऋषिकेश में बीन नदी के तेज बहाव में फंसे एक स्कूटी सवार को ग्रामीणों ने सुरक्षित बचा लिया। हरिद्वार के बैरागी कैंप में गंगा किनारे स्टंट के दौरान एक थार वाहन नदी में जा गिरा, हालांकि स्थानीय लोगों ने दोनों सवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।
वहीं, नैनीताल हाईकोर्ट के पास पेड़ गिरने से दो राहगीर घायल हो गए। SDRF, पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने तत्काल रेस्क्यू कर दोनों को अस्पताल पहुंचाया।
लगातार बारिश के कारण IIT रुड़की परिसर में जलभराव की स्थिति बन गई। छात्रों ने कैंपस की सड़कों पर नाव चलाकर बोटिंग की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान
12 जुलाई – राज्य के विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बौछारों की संभावना।
13 जुलाई – अधिकांश जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक के दौर जारी रह सकते हैं।
14 जुलाई – प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश और कई स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
