नैनीताल— मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज दोगड़ा राजकीय इंटर कॉलेज, भुजियाघाट में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने प्रतिभाग किया। डॉ. कांडपाल ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन, मानसिक समस्याओं की पहचान एवं उनसे बचाव के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर दोगड़ा राजकीय इंटर कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी आयोजित।

उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यार्थियों को पढ़ाई, परीक्षा के दबाव अथवा अन्य कारणों से होने वाले मानसिक तनाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए तथा अपनी समस्याओं को अभिभावकों, शिक्षकों अथवा विश्वसनीय व्यक्तियों के साथ साझा करना चाहिए। नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, योग, ध्यान एवं शारीरिक गतिविधियां मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।

लंबे समय तक उदासी, अत्यधिक चिंता, चिड़चिड़ापन, नींद में परेशानी अथवा व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कमजोरी नहीं हैं, समय पर सहायता एवं उपचार से स्थिति में सुधार संभव है।

गोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य विषय पर *प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता* का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि बच्चों एवं किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें एवं आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

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मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं सहायता हेतु भारत सरकार की *टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर – 14416 पर संपर्क किया जा सकता है।

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