देहरादून–   प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने राज्य सरकार से मांग की है कि रिहायशी क्षेत्रों के कारोबारियों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में पुख्ता और प्रभावी पैरवी की जाए।

संगठन के महानगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल और प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता ने आज एक महत्वपूर्ण बैठक में कहा कि उत्तराखंड राज्य के रिहायशी क्षेत्र के कारोबारियों की स्थिति दिल्ली व अन्य मेट्रो सिटीज की तुलना में काफी भिन्न है। यहां की भौगोलिक परिस्थितियों और जीवन-यापन में भी काफी अंतर है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को कोई अंतिम निर्णय लेने से पूर्व उत्तराखंड की जमीनी हकीकत से रूबरू होना जरूरी है। अतः ऐसी गंभीर स्थिति में राज्य सरकार को व्यापारियों का पक्ष मजबूती से रखना चाहिए।

उत्तराखंड की स्थिति दिल्ली और मेट्रो सिटी से भिन्न,,, राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में व्यापारियों के लिए पुरजोर पैरवी करे :- प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल

संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को भली-भांति सोचना चाहिए कि यदि राज्य के व्यापारियों के साथ अन्याय होता है तो इसका सीधा असर आगामी विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा, क्योंकि व्यापारियों के पास खोने को कुछ नहीं बचेगा और फिर वह किसी भी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है।

प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के समस्त पदाधिकारी रिहायशी क्षेत्र के व्यापारियों का पूर्ण समर्थन करते हुए उच्चतम न्यायालय से अपने निर्णय में परिवर्तन की गुहार लगाते हैं। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी इस संदर्भ में शीघ्र ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे।

बैठक में रिहायशी क्षेत्र के व्यापारियों के समर्थन में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष मोंगा, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र फर्स्वाण, महानगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता, जिला अध्यक्ष कुंदन बिष्ट, पूरन लाल साह, राकेश गुप्ता, नुसरत सिद्दकी, धर्मेंद्र गुप्ता, राजीव शर्मा, चमन गुप्ता, रामप्रसाद कश्यप आदि मौजूद रहे।

You missed