हल्द्वानी–   भारतीय सेना के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) राइडिंग अभियान स्टैलियंस पैन-हिमालयन ईवी राइडिंग एक्सपीडिशन (SPHERE) ने गढ़वाल हिमालय के दुर्गम पर्वतीय मार्गों को पार करते हुए देश के प्रथम गाँव माणा तक पहुँचकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। अभियान दल ने माणा युद्ध स्मारक पर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अभियान का नेतृत्व मेजर जनरल विशाल चौहान ने किया। उनके साथ कर्नल अरविंदर सिंह चहल, लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह, एसएम, मेजर शिवम सिंह तथा अभियान दल के अन्य सदस्य शामिल रहे।

भारतीय सेना के ईवी राइडर्स ने दुर्गम हिमालय में तय किया सफर,,, माणा में वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि,,।

आर्मी सर्विस कोर (एएससी) के अधिकारियों और जवानों से युक्त इस दल ने उत्तराखंड के पवित्र पंच प्रयागों से होकर यात्रा की। इस दौरान टीम ने दुर्गम पहाड़ी रास्तों और अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों की चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की क्षमता का प्रदर्शन किया। अभियान का गढ़वाल-शिवालिक चरण 17 अक्टूबर को कुमाऊँ के प्रवेश द्वार हल्द्वानी स्थित मिलिट्री स्टेशन में संपन्न हुआ।

आर्मी सर्विस कोर के 266वें स्थापना दिवस और 12वें एएससी रीयूनियन के उपलक्ष्य में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य सैन्य परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की उपयोगिता को प्रदर्शित करना है। इसके माध्यम से पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने, कार्बन उत्सर्जन घटाने और सैन्य रसद व्यवस्था को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने की संभावनाओं को सामने लाया जा रहा है।

दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन सैन्य परिवहन के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और टिकाऊ गतिशीलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

यह अभियान भारतीय सेना की आत्मनिर्भरता, तकनीकी प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। नवाचार के साथ आगे बढ़ते कदम, चुनौतियों पर विजय और हरित भविष्य की ओर भारतीय सेना की पहल—यह अभियान इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में एक उल्लेखनीय प्रयास है।

You missed