Category: देहरादून

  • अब फ्री में होगी सरकारी नौकरी की तैयारी,,, CM ने लॉन्च की युवा भविष्य के निर्माण की योजना,,।

    अब फ्री में होगी सरकारी नौकरी की तैयारी,,, CM ने लॉन्च की युवा भविष्य के निर्माण की योजना,,।

    उत्तराखंड—-  उत्तराखंड के युवाओं के प्रतियोगी परीक्षाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’का शुभारंभ किया।

    योजना के पहले चरण में प्रदेश के राजकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले 11 हजार पात्र छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक तंगी, संसाधनों की कमी या दूरस्थ क्षेत्र में रहने की वजह से किसी भी प्रतिभाशाली युवा का सपना नहीं रुकना चाहिए। खासतौर पर पहाड़ और दूरदराज के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना इस योजना का अहम उद्देश्य है।

    उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत के साथ सही रणनीति, अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास जरूरी है। सरकार युवाओं को अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के साथ उनके सपनों को साकार करने में हर संभव सहयोग देगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। साथ ही सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना भी है। इसके लिए स्टार्टअप, स्वरोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी तैयारियों और भविष्य के लक्ष्यों की जानकारी ली। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि योजना का सबसे बड़ा लाभ पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा।

    सरकार ने उच्च शिक्षा में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया है। मंत्री के अनुसार ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को करीब 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।

  • SIR:- उत्तराखंड में फाइनल वोटर लिस्ट के प्रकाशन की तारीख बढ़ी, जानिए कब होगा अंतिम प्रकाशन,, ।

    SIR:- उत्तराखंड में फाइनल वोटर लिस्ट के प्रकाशन की तारीख बढ़ी, जानिए कब होगा अंतिम प्रकाशन,, ।

    देहरादून—   उत्तराखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख बढ़ा दी है।

    अब प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी, जबकि पहले इसके लिए 15 सितंबर की तारीख तय की गई थी।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेशभर में जारी 24.30 लाख नोटिसों में से 99 प्रतिशत से अधिक की सुनवाई पूरी हो चुकी है।

    वहीं Form-6, 7 और 8 से जुड़े दावे-आपत्तियों की करीब 40 प्रतिशत सुनवाई पूरी हो गई है।

    नए कार्यक्रम के अनुसार, दावे और आपत्तियों की सुनवाई अब 28 सितंबर तक जारी रहेगी। इसके बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

    निर्वाचन आयोग के इस फैसले से उन मतदाताओं को राहत मिलेगी जिनके नाम, पते या सूची से जुड़ी कोई आपत्ति बाकी है। उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए अब अतिरिक्त समय मिल गया है।

  • बारिश अलर्ट :- उत्तराखंड में कल फिर बिगड़ेगा मौसम, इस जिले में स्कूल रहेंगे बंद।

    बारिश अलर्ट :- उत्तराखंड में कल फिर बिगड़ेगा मौसम, इस जिले में स्कूल रहेंगे बंद।

    देहरादून—  उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। शनिवार 5 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चमोली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज से अति तेज बारिश के दौर की आशंका है।

    मौसम की चेतावनी और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावित स्थिति को देखते हुए हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने 5 सितंबर को जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश दिए हैं।

    डीएम ने अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालय या संबंधित विभाग के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

     

    नैनीताल जिले में बारिश का बड़ा असर 142 भवनों को नुकसान कई रास्ते बंद

    उत्तराखंड में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है और नैनीताल जिले में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। जिला आपदा प्रबंधन की 4 सितंबर शाम की रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश से जिले में अब तक 4 लोगों की मौत, 132 पक्के भवन आंशिक क्षतिग्रस्त 7 कच्चे भवन क्षतिग्रस्त और 3 भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 11 पशुओं की भी जान गई है, जबकि 6 गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है।

    बारिश के कारण जिले में 1 राज्य मार्ग, 1 प्रमुख जिला मार्ग और 14 ग्रामीण मार्ग बाधित हैं। इनमें रामनगर-भण्डारपानी-बेतालघाट, कांडाडोन-परेवा, पाण्डेगांव-रानीकोटा, एचएमटी-बेबरी, घोड़ाखाल-धुलई, फतेहपुर-बेल, छीडाखान-अमजड़, देवलीधार-सुई, स्यूड़ा-कौन्ता-हरीशताल, खनस्यू-टांडा, भीड़ापानी-महतोली, पतलोट-पश्यागांव, ढोलीगांव-धैना, खुजेटी-भौनरा, क्वारब-सारखेत और कौल मोटर मार्ग शामिल हैं। अधिकांश मार्गों को खोलने का काम जारी है, जबकि बरेली-अल्मोड़ा-सिरसा मार्ग के 10 सितंबर तक खुलने की संभावना जताई गई है।

    बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। भीड़ापानी, बनाना और हरीशताल में विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित है।

    इस बीच शनिवार 5 सितंबर को नैनीताल समेत कई जिलों में फिर भारी बारिश की चेतावनी है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।

  • उत्तराखंड : पहाड़ से मैदान तक आफत की बारिश ,,, 179 सड़कें बंद,,, नैनीताल में असर,,,गौला- -कोसी- नंधौर पर नजर।

    उत्तराखंड : पहाड़ से मैदान तक आफत की बारिश ,,, 179 सड़कें बंद,,, नैनीताल में असर,,,गौला- -कोसी- नंधौर पर नजर।

    उत्तराखंड :-  उत्तराखंड में बारिश ने एक बार फिर जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं सड़कें मलबे में दब गई हैं, कहीं बरसाती नाले उफान पर हैं तो कहीं नदी का बढ़ता पानी लोगों के लिए खतरा बन गया है। इस बीच अलग-अलग बारिश जनित हादसों में 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

    बारिश के बीच सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों की है, जिनके घरों तक पानी और मलबा पहुंच रहा है। किसी ने अपना घर खोया है तो किसी परिवार से मासूम बेटी हमेशा के लिए दूर हो गई। प्रशासन और राहत-बचाव टीमें लगातार मोर्चे पर हैं, लेकिन मौसम की बेरुखी ने चुनौतियां बढ़ा दी हैं।

    नैनीताल में 47 सड़कें बंद, पहाड़ से मैदान तक आवाजाही प्रभावित

    नैनीताल जिले में लगातार बारिश का असर सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। 2 सितंबर 2026 की सुबह 9:30 बजे जारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल 47 सड़कें बाधित हैं।

    इनमें 3 राज्य मार्ग, 2 मुख्य जिला मार्ग, 1 अन्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। कई जगह भूस्खलन और मलबा आने से रास्ते बंद हुए हैं।

    बंद मार्गों में गर्जिया-बेतालघाट-खैरना राज्य मार्ग-62, खनस्यू-पतलोट राज्य मार्ग-64 और काठगोदाम-सिमलियाबैड राज्य मार्ग-103 प्रमुख हैं।

    इसके अलावा नौकुचियाताल-जंगलीयागांव, मीना-ल्वेशाल-कालापातल, घोड़िया-हल्सो, रातीघाट-बुधलाकोट, मंगोली-थापला, पंगोट-देचौरी समेत कई ग्रामीण मार्गों पर भी आवाजाही प्रभावित है।

    संबंधित विभागों की टीमें लगातार सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं।

    24 घंटे में 217 मिमी बारिश, नैनीताल में सबसे ज्यादा असर

    पिछले 24 घंटों में नैनीताल जिले में बारिश ने जमकर कहर बरपाया। नैनीताल स्नो व्यू में 217 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं हल्द्वानी-काठगोदाम में 166 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।

    इसके अलावा श्री कैंची धाम में 105 मिमी, मुक्तेश्वर और चोरगलिया में 107.7-107.7 मिमी, खनस्यू में 92.5 मिमी और बेतालघाट में 80.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

    भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है।

    गौला, कोसी और नंधौर पर प्रशासन की नजर

    लगातार बारिश के बीच नैनीताल जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

    सुबह 9:30 बजे तक बैराजों से दर्ज डिस्चार्ज के अनुसार

    गौला नदी – 18,612 क्यूसेक
    कोसी नदी – 25,068 क्यूसेक
    नंधौर नदी – 1,058 क्यूसेक

    बारिश का दौर जारी रहने के कारण पहाड़ों से आने वाला पानी अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

    एक मासूम बेटी चली गई, परिवार के लिए कभी न भरने वाला जख्म

    बारिश की सबसे दर्दनाक तस्वीर नैनीताल के भीमताल से सामने आई, जहां 1 सितंबर को नाले में बहने से तीन वर्षीय पिहू पुत्री भुवन राम की मौत हो गई।

    एक परिवार की छोटी सी दुनिया पलभर में उजड़ गई। जिस बच्ची की हंसी से घर गूंजता था, उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

    प्रशासन ने घटना को दैवीय आपदा के अंतर्गत माना है और पीड़ित परिवार को राहत राशि दिए जाने की कार्रवाई की जा रही है।

    यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि बरसात के दौरान उफनते नाले और नदी कितने खतरनाक हो सकते हैं।

    पाण्डेछोड़ में 20 परिवारों को मवेशियों समेत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

    नैनीताल तहसील के अल्चौना-पाण्डेछोड़ गांव में ककड़िया नाले का पानी और मलबा बढ़ने के बाद घरों और गौशालाओं पर खतरा मंडराने लगा।

    हालात को देखते हुए प्रशासन ने 20 प्रभावित परिवारों को उनके मवेशियों समेत गांव के भीतर ही सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कर दिया।

    इन परिवारों के लिए यह वक्त बेहद मुश्किल है। जिन घरों में रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, वहां अब पानी और मलबे का खतरा बना हुआ है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों और उनके पशुओं को सुरक्षित रखना है।

    54 भवन क्षतिग्रस्त, एक मकान पूरी तरह तबाह

    नैनीताल जिले में बारिश और अतिवृष्टि से अब तक 54 भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि एक भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है।

    इसके अलावा दो पशुहानि और तीन गौशालाओं को नुकसान की सूचना है।

    राहत की बात यह है कि प्रशासन के मुताबिक जिले में बिजली और पेयजल आपूर्ति फिलहाल सामान्य बनी हुई है।

    देहरादून में दो बच्चे लापता, SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी

    बारिश के बीच देहरादून से भी चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। थाना रायपुर और पटेलनगर क्षेत्र से 10 और 12 साल के दो बच्चे मंगलवार से लापता हैं।

    रायपुर क्षेत्र के बालावाला से लापता बच्चे के नहर में डूबने की सूचना के बाद रात से ही तलाश अभियान चलाया जा रहा है।

    वहीं चंद्रबनी क्षेत्र से लापता 12 वर्षीय सम्राट गोपी की तलाश में भी एसडीआरएफ की टीम जुटी हुई है।

    परिजनों की निगाहें अब राहत और बचाव टीमों की ओर टिकी हैं।

    अल्मोड़ा में पांच लोगों ने गंवाई जान

    बारिश से सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक अल्मोड़ा में सामने आई, जहां घर में मलबा घुसने से मां और दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई।

    पौड़ी के कोटद्वार में कोल्हू नदी में बाइक समेत बह जाने से एक महिला और उसकी एक साल की बेटी की मौत हुई, जबकि महिला का पति सद्दाम बच गया।

    पौड़ी के पैठाणी क्षेत्र में पश्चिमी नयार नदी में बहने से एक महिला की मौत हुई।

    देहरादून के प्रेमनगर में बरसाती रपटे में दो कारों के बह जाने से दो लोगों की जान चली गई।

    उत्तरकाशी में झील से एक अज्ञात व्यक्ति का शव भी बरामद हुआ है।

    नैनी झील का जलस्तर 88 फीट पार, चैनल खोले गए

    नैनीताल में नैनी झील का जलस्तर 88 फीट पार होने के बाद चैनल खोल दिए गए हैं। वहीं कैंची धाम में शिप्रा नदी और हल्द्वानी में गौला नदी उफान पर हैं।

    बारिश लगातार जारी रहने की स्थिति में नदी-नालों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

    उत्तराखंड में 179 सड़कें बंद

    बारिश के चलते पूरे उत्तराखंड में सड़क नेटवर्क पर भी बड़ा असर पड़ा है। राज्य में दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 179 सड़कें बंद हैं।

    जिलेवार स्थिति के मुताबिक

    अल्मोड़ा में 23, बागेश्वर में 11, चमोली में 17, चंपावत में 2, देहरादून में 15, नैनीताल में 47, पौड़ी में 12, पिथौरागढ़ में 12, रुद्रप्रयाग में 11, टिहरी में 15 और उत्तरकाशी में 14 मार्ग बंद हैं।

    सड़कें बंद होने के कारण कई इलाकों में लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    आज प्रदेशभर में बारिश, तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

    मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई है।

    नैनीताल, बागेश्वर और देहरादून में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

    वहीं प्रदेश के बाकी जिलों के लिए यलो अलर्ट है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

    पांच जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

    भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर के जिलाधिकारियों ने 2 सितंबर को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।

    प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

    अगले तीन दिन भी राहत के आसार कम

    3 सितंबर_ देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट है। प्रदेशभर में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश के तेज से अति तेज दौर की संभावना है।

    4 सितंबर:नैनीताल, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट रहेगा। राज्य के सभी जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    5 सितंबर: देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट है। प्रदेशभर में बारिश के तेज से अति तेज दौर और आकाशीय बिजली की संभावना बनी रहेगी।

    लोगों से अपील_नदी और नालों से दूरी बनाए रखें

    लगातार बारिश के बीच सबसे जरूरी है कि लोग सावधानी को हल्के में न लें। उफनते नाले या नदी को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। नदी किनारे जाने से बचें और पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

  • प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी बने कुमाऊं विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति,,,  एक सितंबर से संभालेंगे अतिरिक्त जिम्मेदारी,,, ।

    प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी बने कुमाऊं विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति,,, एक सितंबर से संभालेंगे अतिरिक्त जिम्मेदारी,,, ।

    देहरादून—   उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी को कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के कुलपति का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

    लोकभवन से जारी आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-1973, यथाप्रवृत्त उत्तराखंड राज्य, की धारा-12 की उपधारा-(10) के तहत प्रो. लोहनी को एक सितंबर 2026 से अग्रेतर आदेश तक अथवा नियमित कुलपति की नियुक्ति होने तक, जो भी पहले हो, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति का अतिरिक्त पदभार सौंपा गया है।

    यह निर्णय कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत द्वारा निजी कारणों से कुलपति पद से अवमुक्त किए जाने के अनुरोध के बाद लिया गया है। राज्यपाल की स्वीकृति के पश्चात प्रो. लोहनी को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रदान की गई है।

    प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी वर्तमान में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के कुलपति के रूप में दायित्व निभा रहे हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें कुमाऊं विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण विश्वविद्यालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा सचिव, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, महालेखाकार तथा दोनों विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

    प्रो. लोहनी के समक्ष अब कुमाऊं विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ विश्वविद्यालय में नियमित कुलपति की नियुक्ति तक संस्थागत निरंतरता बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

  • उत्तराखंड के शिवम् ढौंडियाल का सत्यार्थी फेलोशिप-2026 के लिए हुआ चयन,,।

    उत्तराखंड के शिवम् ढौंडियाल का सत्यार्थी फेलोशिप-2026 के लिए हुआ चयन,,।

    देहरादून—   उत्तराखंड के एग्रोप्रेन्योर, पर्यावरणविद् एवं विकास पेशेवर शिवम धौंडियाल का प्रतिष्ठित सत्यार्थी फेलोशिप-2026 के प्रथम बैच के लिए चयन हुआ है। दुनिया के 35 देशों से प्राप्त करीब 1,200 आवेदनों में से 25 युवा परिवर्तनकारी नेतृत्वकर्ताओं को इस फेलोशिप के लिए चुना गया है।

    उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के एमएससी पर्यावरण विज्ञान (2024-26) के छात्र शिवम ढौंडियाल वर्ष 2015 से Naturorganics के माध्यम से हिमालयी जैव-संसाधनों के मूल्य संवर्धन, टिकाऊ कृषि, ग्रामीण उद्यमिता और वैकल्पिक आजीविका के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उनके प्रयासों में हर्बल उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, एग्रोफॉरेस्ट्री, कीवी उत्पादन, पॉलीहाउस कृषि तथा ग्रामीण युवाओं के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम शामिल हैं।

    फेलोशिप के तहत चयनित 25 फेलो जयपुर स्थित बाल भवन में करीब एक माह के आवासीय एवं सहभागी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे विशेषज्ञों एवं मार्गदर्शकों के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे तथा सामूहिक सीख को अपने निर्धारित कार्यों में रूपांतरित करेंगे।

     

    उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने शिवम् ढौंडियाल को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि सत्यार्थी फेलोशिप-2026 के लिए उनका चयन विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा, “शिवम ढौंडियाल” की यह उपलब्धि उनकी प्रतिभा, प्रतिबद्धता और सामाजिक एवं पर्यावरणीय सरोकारों के प्रति निरंतर समर्पण का परिणाम है।

    पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण आजीविका और हिमालयी क्षेत्रों के सतत विकास के क्षेत्र में उनके प्रयास सराहनीय हैं। यह उपलब्धि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों की क्षमता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का भी परिचायक है।

    हमें विश्वास है कि शिवम इस फेलोशिप के माध्यम से उत्तराखंड के हिमालयी समाज की चुनौतियों और संभावनाओं को व्यापक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगे तथा अपने अनुभव और सीख से अन्य युवाओं को भी सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करेंगे।”

    विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों सहित पूरे विश्वविद्यालय परिवार ने भी शिवम ढौंडियाल को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे फेलोशिप के माध्यम से अपने सामाजिक एवं पर्यावरणीय सरोकारों को नई दिशा और व्यापक आयाम प्रदान करेंगे।

    सत्यार्थी फेलोशिप का आधिकारिक शुभारंभ 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में होगा।

  • उत्तराखंड में मौसम का डबल अटैक,,,,  मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव,,, फ्लैश फ्लड की चेतावनी,,।

    उत्तराखंड में मौसम का डबल अटैक,,,, मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव,,, फ्लैश फ्लड की चेतावनी,,।

    देहरादून/हल्द्वानी—   उत्तराखंड में बारिश का दौर एक बार फिर जोर पकड़ सकता है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक अगले कुछ दिनों में मौसम करवट लेने वाला है।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 अगस्त से 2 सितंबर तक राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में पहले से बारिश और भूस्खलन की मार झेल रहे पर्वतीय इलाकों में लोगों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं।

    मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।

    अगले 48 घंटों में इसके और स्पष्ट होकर आगे बढ़ने की संभावना है। वहीं, मानसून टर्फ अमृतसर से इस सिस्टम तक फैली हुई है, जबकि उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है।

    मौसम के इन तीन सिस्टमों के एक साथ असर से उत्तराखंड में बारिश की रफ्तार बढ़ने का अनुमान है।

    30 अगस्त को इन जिलों में येलो अलर्ट

    देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर में भारी बारिश के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना जताई गई है।

    31 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट

    31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    वहीं टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट है।

    1 और 2 सितंबर को भी राहत के आसार कम

    मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 सितंबर को भी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश हो सकती है।

    पहाड़ों में बढ़ सकता है खतरा

    भारी बारिश सिर्फ सड़कों पर पानी भरने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने का खतरा भी बढ़ सकता है। कई सड़कें और राजमार्ग बाधित हो सकते हैं। निचले इलाकों में जलभराव के साथ नदी-नालों और गदेरों में अचानक पानी बढ़ने यानी फ्लैश फ्लड का खतरा भी बना रहेगा।

    बारिश से कच्चे मकानों, निर्माणाधीन पुलों और धान-मक्का जैसी खरीफ फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। बिजली और पानी की सप्लाई के साथ हवाई सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

    चारधाम यात्रा को लेकर भी सावधानी

    मौसम विभाग ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। चारधाम यात्रा केवल बेहद जरूरी होने पर ही करने की सलाह दी गई है। तीव्र ढलानों वाले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने और नदी, नालों व निचले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

    यानी अगले कुछ दिन उत्तराखंड के लिए बेहद अहम हैं। पहाड़ों में रहने वाले लोगों से लेकर यात्रा पर आने वाले पर्यटकों तक, सभी को मौसम के अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

  • मुख्यमंत्री को प्रदेशभर से आई बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र,,,  मुख्यमंत्री ने बहनों का जताया आभार, रक्षा बन्धन की दी शुभकामनाएं,,।

    मुख्यमंत्री को प्रदेशभर से आई बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र,,, मुख्यमंत्री ने बहनों का जताया आभार, रक्षा बन्धन की दी शुभकामनाएं,,।

    देहरादून—  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी को बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आई बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने बहनों का आत्मीयता से स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया और सभी प्रदेशवासियों को रक्षा बन्धन की शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बन्धन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पावन पर्व है। प्रदेश की मातृशक्ति और बहनों का स्नेह एवं आशीर्वाद उन्हें उत्तराखण्ड की सेवा तथा राज्य के विकास के लिए निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है।

    उन्होंने कहा कि हमारी मातृशक्ति परिवार की मजबूत आधारशिला होने के साथ ही समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

    लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी अनेक योजनाओं से महिलाओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण और स्वावलंबन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार की सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाने के साथ ही उनके आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की लखपति दीदी की परिकल्पना को उत्तराखण्ड में तेजी से धरातल पर उतारा गया है और प्रदेश में 3 लाख 09 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

    स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, कृषि, हस्तशिल्प और विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से अपनी आजीविका मजबूत करने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की मातृशक्ति ने राज्य निर्माण से लेकर राज्य के विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कृषि, स्वरोजगार, उद्यमिता और सामाजिक क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं।

    मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही सशक्त उत्तराखण्ड और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

    इस अवसर पर श्रीमती गीता पुष्कर धामी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट, रश्मि रस्तौगी ,हिमानी वैष्णव ,नेहा शर्मा ,बबली चौहान , श्रुति तिवारी ,भूमिका गोयल लक्ष्मी मेहता ,कंचन उप्रेती, अंजलि सेमवाल ,बबिता रावत ,इंदु डंगवाल आदि उपस्थित रही  एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई मातृशक्ति मौजूद रही।

  • उत्तराखंड :- चार नेताओं पर तीन साल का चुनावी बैन,, 2027 की राह में लगा ब्रेक,,।

    उत्तराखंड :- चार नेताओं पर तीन साल का चुनावी बैन,, 2027 की राह में लगा ब्रेक,,।

    देहरादून— उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले चार नेताओं को बड़ा झटका लगा है। भारत निर्वाचन आयोग ने 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ चुके चार प्रत्याशियों को तीन साल के लिए चुनाव लड़ने के लिहाज से अयोग्य घोषित किया है।

    यह कार्रवाई लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10A के तहत की गई है। आयोग के अनुसार, चुनावी खर्च से जुड़े निर्धारित नियमों और विवरण प्रस्तुत करने की प्रक्रिया का पालन नहीं करने के मामले में यह कार्रवाई की गई है।

    अयोग्य घोषित किए गए प्रत्याशियों में बलबीर कुमार तलवार (धर्मपुर), कमलेश माथुर (राजपुर रोड SC), जगजीत सिंह (ऋषिकेश) और रामानन्द सिंह (चकराता ST) शामिल हैं।

    आयोग के आदेश के मुताबिक, अयोग्यता आदेश की तारीख से तीन वर्ष तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान ये चारों लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा या विधान परिषद के लिए चुने जाने के पात्र नहीं होंगे।

    यानी 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर इन नेताओं की राजनीतिक राह फिलहाल मुश्किल हो गई है। चुनावी खर्च का हिसाब-किताब समय पर और निर्धारित तरीके से देना कितना जरूरी है, निर्वाचन आयोग की इस कार्रवाई ने इसकी तस्वीर साफ कर दी है।

  • उत्तराखंड में प्रशासनिक फेरबदल :-  IAS-PCS के हुए तबादले..।

    उत्तराखंड में प्रशासनिक फेरबदल :- IAS-PCS के हुए तबादले..।

    देहरादून—   उत्तराखंड शासन ने एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 6 अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है।

     

    शासन के आदेश के मुताबिक अधिकारियों को उनके वर्तमान पदभार से अवमुक्त कर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

     

    सभी अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।