हल्द्वानी— एमआईईटी कुमाऊँ कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हल्द्वानी में आज *IANETL-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन* का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में विद्यार्थियों और शिक्षकों सहित कुल 614 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक तकनीक, नवाचार और पढ़ाने के नए तरीकों पर चर्चा करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:30 बजे अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप, माननीय कुलपति, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर उपस्थित रहे। उन्होंने चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा में आधुनिक तकनीक और नवाचार के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन के दौरान सभी मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं रिसोर्स पर्सन्स का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया तथा उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। यह सम्मान एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष श्री शेखर सुंथा, सुश्री आकांक्षा, सुश्री नेहा रौतेला तथा संस्थान के निदेशक डॉ. तरुण कुमार सक्सेना द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का संचालन एमआईईटी कुमाऊँ की नर्सिंग ट्यूटर सुश्री स्वाति उप्रेती और सहायक प्राध्यापक सुश्री आकांक्षा ने किया।
विशेषज्ञों के विचार:-
गौरव अग्रवाल, वाइस चेयरमैन, एमआईईटी कुमाऊँ ने लगातार सीखने और ज्ञान बढ़ाने के महत्व पर प्रकाश डाला।
संस्थान के सलाहकार शौर्यनिधि बिष्ट ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित और कुशल नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने नर्सिंग शिक्षा में सिमुलेशन और नवाचार को अपनाने पर जोर दिया।
डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को The Trained Nurses’ Association of India (TNAI) और Student Nurses’ Association of India (SNAI) के महत्व और लाभों के बारे में जानकारी दी और विद्यार्थियों को इन संगठनों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रबंध निदेशक डॉ. बी.एस. बिष्ट ने शिक्षा में नई तकनीकों और नए विचारों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। फैकल्टी ऑफ नर्सिंग की सहायक प्राध्यापक सुश्री नेहा रौतेला ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा सम्मेलन के उद्देश्य की जानकारी दी।
शैक्षणिक सत्र:-
1. दोपहर 12:15 बजे स्वामी रामा हिमालयन विश्वविद्यालय, जॉली ग्रांट, देहरादून के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने _“Ethical and Responsible Use of Artificial Intelligence in Nursing Education”_ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने AI के उपयोग में गोपनीयता, शैक्षणिक ईमानदारी और जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया।
2. दोपहर 12:50 बजे से 1:30 बजे तक रोहिलखंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बरेली की प्रोफेसर-कम-प्रिंसिपल डॉ. प्रियंका ए. मसीह ने _“Integrating Artificial Intelligence and Informatics to Transform Nursing Education”_ विषय पर व्याख्यान दिया।
3. दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे तक CIMS&R, देहरादून की प्रोफेसर-कम-प्रिंसिपल *श्रीमती चेतना* ने _“Human Intelligence Meets AI: Redefining Nursing Education”_ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि AI के साथ मानवीय संवेदनशीलता और सहानुभूति भी जरूरी है।
4. दोपहर 3:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक केशलता कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बरेली की प्रोफेसर-कम-प्रिंसिपल *डॉ. प्रतिभा मनोहरम बी.* ने नर्सिंग शिक्षा के आधुनिक तरीकों पर विचार साझा किए।
शाम 4:30 से 5:00 बजे तक हाई टी के साथ प्रथम दिवस का समापन हुआ।
कार्यक्रम के अंत में नर्सिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष शेखर सुंथा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
पूरे सम्मेलन में यह संदेश दिया गया कि नर्सिंग शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए AI, आधुनिक तकनीक और सिमुलेशन का उपयोग जरूरी है, लेकिन साथ ही मानवीय संवेदनशीलता और मरीजों की देखभाल से जुड़े मूल्यों को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
