Spread the love

नैनीताल/ज्योलिकोट—   ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में जलजनित बीमारी के मामलों के बाद अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।

प्रभावित परिवारों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने से लेकर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और पानी के नमूनों की जांच तक, विभिन्न विभागों की टीमें लगातार जमीन पर काम कर रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में गहन सर्वेक्षण, स्वास्थ्य शिविर, दवा वितरण और मरीजों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्वास्थ्य, जिला प्रशासन और पेयजल विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाकर जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं।

घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य टीम, 380 लोगों की जांच

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। एक दिन में 105 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और 72 ब्लड सैंपल लिए गए, जबकि क्षेत्र से 7 पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए।

इसके अलावा गांजा, वीरभट्टी, बेलुवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट और भल्यूटी-चोपड़ा में लगाए गए स्वास्थ्य शिविरों में कुल 380 लोगों की जांच की गई। जरूरत के अनुसार दवाएं, ORS, जिंक और क्लोरीन की गोलियां भी वितरित की गईं।

प्रभावित लोगों को घर के पास ही इलाज और सलाह मिल सके, इसके लिए सचल चिकित्सा वाहन भी तैनात किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट की OPD पर्ची भी निःशुल्क कर दी गई है।

पानी की एक-एक बूंद की जांच, टैंकरों से पहुंचा शुद्ध पानी

See also  नैनीताल में तेल चोरों की शामत,,,, एक को लोगों ने दबोचा,, तीन फरार,,,।

उत्तराखंड जल संस्थान ने भी प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया है। विभागीय टैंकरों और पिकअप के जरिए ज्योलिकोट के रामलीला ग्राउंड, डाक बंगला, ज्योलिकोट मार्केट तथा बेलुवाखान के अमुवा और गांजा तोक के करीब 110 परिवारों तक लगभग 15,500 लीटर शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया।

पेयजल लाइनों की फ्लशिंग, स्रोतों की सफाई और टैंकों में क्लोरीनेशन का काम भी किया जा रहा है। विभाग को मिली 14 पेयजल संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया गया है।

रामलीला ग्राउंड, दुर्गापुर-वीरभट्टी स्रोत सहित विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने लिए गए हैं। शेरमुख स्रोत की जांच और सफाई भी कराई गई। वहीं सरियाताल-वीरभट्टी की पुरानी पेयजल लाइन की जांच में क्लोरीनेशन संतोषजनक पाया गया।

स्कूल की पानी की टंकियों पर भी कार्रवाई

ज्योलिकोट स्थित सेंट एंथोनीज कॉन्वेंट स्कूल में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायत और जांच में सामने आए तथ्यों के बाद उप जिलाधिकारी/परगना मजिस्ट्रेट न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 152(1) के तहत आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

स्कूल परिसर की पानी की टंकियों में अस्वच्छ जल पाए जाने के मद्देनजर उस पानी के पेयजल के रूप में उपयोग और वितरण पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। टंकियों की सफाई और विसंक्रमण कराने के साथ पानी के नमूने अधिकृत प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने को कहा गया है।

स्कूल प्रबंधन को विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित जलस्रोत का दोबारा इस्तेमाल जांच में पानी की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने के बाद ही किया जा सकेगा। अनुपालन 13 सितंबर तक सुनिश्चित करने और 14 सितंबर को अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

See also  नैनीताल में कल लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत,,,, समझौते से खत्म होंगे पुराने मुकदमे,,।

अस्पतालों में भर्ती मरीजों का भी लिया जा रहा हाल

मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने हल्द्वानी के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती ज्योलिकोट क्षेत्र के मरीजों से मुलाकात कर उनके उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।

उन्होंने उजाला सिग्नस अस्पताल, नीलकंठ अस्पताल, वात्सल्य मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल और चंदन अस्पताल का निरीक्षण किया और चिकित्सा अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत उपचार की जरूरत है, उन्हें आवश्यकता के अनुसार संबंधित सूचीबद्ध अस्पताल में रेफर किया जाए, ताकि आर्थिक परेशानी इलाज में बाधा न बने।

विशेषज्ञ डॉक्टर भी पहुंच रहे ज्योलिकोट

प्रभावित क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निजी अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टर भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में ओपीडी कर रहे हैं। 10 सितंबर को विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच की, जबकि 11 सितंबर को गैस्ट्रोलॉजी समेत अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध या अन्य निजी अस्पताल में इलाज के दौरान किसी भी तरह की परेशानी होने पर सीधे सीएमओ से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

लोगों से अपील_सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि फिलहाल पानी को अच्छी तरह उबालकर ही पिएं, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य टीम से संपर्क करें।

See also  10 बड़े फैसलों पर कैबिनेट की मोहर,, मेडिकल इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ा,,,।

Spread the love

You missed