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कोटद्वार–  बीती रात में हाथियों का झुंड वार्ड 37 पश्चिमी झंडी चौड में कई दिनों से लगातार जंगल से सटे हुए किसानों के खेतों को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं।

 

 

2 दिन पहले हाथियों ने प्राथमिक विद्यालय जूनियर हाई स्कूल उच्चतम माध्यमिक विद्यालय की चार दिवारी को भी बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा है।

 

11 अप्रैल की रात को हाथियों की झुंड ने मुकेश प्रसाद पुत्र रामप्रसाद, अनसूया देवी, रामेश्वर , आदि के खेतों को पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है। वार्ड 37 के पार्षद सुखपाल शाह ने कहा कि हमारे वार्ड में शाम ढलते ही हाथियों का झुंड आबादी की तरफ आ जाता है जिससे बहुत बड़ा नुकसान किसानों को हो रहा है।

 

बीती रात में भी हाथियों के झुंड ने कई किसानों की कई बिधा खड़ी गेहूं की फसल को निश्तो नाबूत कर दिया। शाम ढलते ही हाथी आवादी की तरफ आने लगते हैं , शाम 8:00 के बाद जंगल के किनारे लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं । जान माल का भी बहुत खतरा बना रहता है ।

 

 

खड़ी गेहूं की फसल पक चुकी है, लोग गेहूं काटने को है मगर हाथी कटे हुए गेहूं को भी नहीं छोड़ रहे है , ना ही कोई वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी किसानो की शुद्ध नहीं ले रहा है।

 

 

जंगल से सटे हुए किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। लंबे समय से वार्ड 37 पश्चिमी झंडी चौड के किसान हाथी सुरक्षा दीवाल की मांग करते आ रहे हैं। किसानों की तरफ शासन प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।

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पार्षद सुखपाल शाह ने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल‌ एक माह पहले जंगल से सटे हुए तीनों वार्डों के पार्षद सुखपाल शाह, सीता खंतवाला, मनीष नैथानी, कृष्ण चंद खंडवाल,डीएफओ लैंसडाउन से मिला था । प्रतिनिधि मंडल ने डीएफओ की जंगल से सटे हुए किसानों को गांधी बंदूक पटाका टोर्च की व्यवस्था की जाए। डीएफओ ने आश्वासन भी दिया था, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 

 

शीघ्र किसानो की मांग स्वीकार करते हुए हाथी सुरक्षा दीवार बनाई जाए , अन्यथा वार्ड 37 वार्ड 39 वार्ड 40 जंगल से सटे हुए किसान जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।


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