
लैंसडाउन– सैनिक स्कूल विद्यालय परिसर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा दिव्यांशी जुयाल द्वारा प्रस्तुत प्रभावशाली भाषण से हुई, जिसका विषय था “उज्ज्वल उत्पाद। काले इरादे। अपील का पर्दाफाश”।

इसके उपरांत प्राइमरी वर्ग के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने रचनात्मक वेशभूषा के माध्यम से तंबाकू के दुष्प्रभावों को उजागर किया।
कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने एक सशक्त नुक्कड़ नाटक *नशा मुक्त भारत* प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने एनसीसी कैडेट्स के सहयोग से एक पोस्टर प्रदर्शनी और जागरूकता रैली का भी आयोजन किया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने “तंबाकू छोड़ो, जीवन अपनाओ”, “स्वस्थ बनो, तंबाकू से दूर रहो” जैसे प्रेरणादायक नारों के माध्यम से जनजागरूकता का संदेश दिया।
एक विशेष गतिविधि के अंतर्गत कक्षा आठवीं के छात्रों द्वारा एक बड़ी सिगरेट का मॉडल तैयार किया गया, जिस पर शिक्षकगणों एवं विद्यार्थियों द्वारा हस्ताक्षर कर यह संकल्प लिया गया कि वे स्वयं भी तंबाकू से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विजेंद्र दत्त सुंद्रियाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “तंबाकू केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक विनाशकारी लत है। इससे दूर रहकर ही हम एक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।”
उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे इस अभियान को एक आंदोलन के रूप में अपनाएँ और समाज को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में अपना योगदान दें।
