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खटीमाउत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज खटीमा के नगरा तराई स्थित अपने खेत में धान की रोपाई कर न सिर्फ किसानों के श्रम को नमन किया, बल्कि अपने बचपन की स्मृतियों को भी ताजा किया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक “हुड़किया बौल” की धुन पर भूमि, जल और मेघ देवताओं की वंदना कर समृद्ध फसल की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा, “खेत में उतरकर पुराने दिन याद आ गए। अन्नदाता न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं के भी संवाहक हैं।” उन्होंने किसानों के परिश्रम, त्याग और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को उन्नत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने इस पूरे अनुभव को अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा –
खटीमा के नगरा तराई में अपने खेत में धान की रोपाई कर किसानों के श्रम, त्याग और समर्पण को अनुभव कर पुराने दिनों का स्मरण किया। अन्नदाता हमारी संस्कृति और परंपरा के संवाहक भी हैं।”a

धान रोपाई के दौरान “हुड़किया बौल” की पारंपरिक लोकधुन ने वातावरण को सांस्कृतिक उल्लास से भर दिया, जिसमें भूमि के देवता भूमियां, जल के देव इंद्र और छाया के देव मेघ की सामूहिक वंदना की गई।

यह पहल मुख्यमंत्री की जड़ों से जुड़ाव और किसानों के प्रति सम्मान को दर्शाती है, जो जनता के साथ उनके आत्मिक जुड़ाव को भी मजबूत करती है।


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