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हल्द्वानी—  नैनीताल जिले में रानीबाग से ज्योलिकोट तक नेशनल हाईवे की जर्जर हालत पर मंगलवार को जिलाधिकारी वंदना का पारा चढ़ गया।

उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधिशासी अभियंता समेत संबंधित अधिकारियों को तलब करते हुए खराब सड़क की तत्काल मरम्मत के स्पष्ट निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्ष 2021 में डामरीकरण के बावजूद तीन साल के भीतर सड़क का इस कदर खराब हो जाना, अधिकारियों की कार्यप्रणाली और ठेकेदार की गुणवत्ता पर सीधे सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने तीखे लहजे में कहा, “यह स्पष्ट रूप से विभागीय लापरवाही और सरकारी धन की बर्बादी का गंभीर मामला है। सड़क निर्माण के समय गुणवत्ता की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर थी, उन्होंने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई है।”

अधिशासी अभियंता ने बताया कि मरम्मत की जिम्मेदारी अब भी ठेकेदार की है और उसे नोटिस जारी किया जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “नोटिस के नाम पर महज खानापूर्ति हो रही है, जबकि सड़क की हालत जनता के लिए जानलेवा बन चुकी है।”

डीएम वंदना ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर सड़क का पुनः नवीनीकरण कार्य प्रारंभ किया जाए, और इस पूरी अवधि में अधिशासी अभियंता स्वयं कार्य की निगरानी करें। साथ ही, उन्होंने सड़क की समय से पहले खराब होने की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।

अधिशासी अभियंता को यह निर्देश भी दिया गया कि जांच पूरी कर एक सप्ताह में रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपें।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि लापरवाही की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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यह घटनाक्रम जिले में सड़कों की बदहाली और उससे जुड़ी प्रशासनिक उदासीनता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। जिलाधिकारी की सख्ती अब यह संकेत देती है कि ऐसी लापरवाहियों पर अब नकेल कसी जाएगी।


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