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उत्तराखंड—   उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षकों के लिए प्रस्तावित 6 माह का ब्रिज कोर्स अब शिक्षा सुधार की जगह शिक्षकों की चिंता का कारण बनता जा रहा है।

कारण साफ है। कट-ऑफ डेट सिर पर है, लेकिन निदेशालय स्तर से अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं।

ब्रिज कोर्स की प्रक्रिया के तहत शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है, जिसकी अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2025 तय है।

लेकिन समय तेजी से बीतने के बावजूद आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, पोर्टल और अन्य तकनीकी पहलुओं को लेकर अब तक कोई आधिकारिक गाइडलाइन जारी नहीं की गई, जिससे प्रदेश भर के शिक्षक भारी असमंजस में हैं।

सूचनाएं भेजी गईं, फिर भी आदेश लंबित—

गौरतलब है कि नवंबर माह में शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जनपदों से ब्रिज कोर्स से संबंधित शिक्षकों की जानकारी मांगी थी। यह जानकारी ब्लॉक स्तर से संकलित कर जनपदों के माध्यम से निदेशालय को भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक न तो आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई और न ही कोई ठोस निर्देश सामने आए।

पड़ोसी राज्य से तुलना, चिंता और बढ़ी—

स्थिति और भी उलझ गई है क्योंकि निकटवर्ती राज्य उत्तर प्रदेश में ब्रिज कोर्स की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहां शिक्षकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश और आवेदन सुविधा मिल चुकी है, जबकि उत्तराखंड में शिक्षक अब भी आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।

संघ ने उठाई आवाज—

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति के पदाधिकारी मनोज तिवारी ने शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजकर तत्काल दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।

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