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उत्तराखंड—   उत्तराखंड में सशक्त लोकायुक्त के गठन की लंबित मांग को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने शुक्रवार को देहरादून प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।

पार्टी ने राज्य सरकार पर चुनावी वादों से मुकरने और हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी।

यदि शीघ्र सशक्त लोकायुक्त का गठन नहीं किया गया, तो 4 जनवरी को देहरादून घंटाघर स्थित स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी के स्मारक पर एक दिवस दिन का उपवास आयोजित किया जाएगा तथा 11 जनवरी क्रांति दिवस के दिन परेड ग्राउंड से से मुख्यमंत्री आवास तक एक विशाल रैली निकाली जाएगी। इसके बाद 30 जनवरी 2026 से लोकायुक्त कार्यालय पर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा, साथ ही प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

इस अवसर पर पार्टी की ओर से  मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन भी प्रेषित किया गया, जिसमें सशक्त लोकायुक्त के शीघ्र गठन की मांग की गई तथा लोकायुक्त के नाम पर हो रहे अनावश्यक भारी-भरकम व्यय को तत्काल रोकने का आग्रह किया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल, लोकायुक्त अभियान के संयोजक परमानंद बलोदी, सुमन राम बडोनी, प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईस्टवाल सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

प्रमुख बयान:—
शिव प्रसाद सेमवाल (राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी):
“राज्य सरकार ने कई चुनावी घोषणा-पत्रों में सशक्त लोकायुक्त गठन का वादा किया, लेकिन आज तक इसे पूरा नहीं किया। हाईकोर्ट ने बार-बार निर्देश दिए, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं।

लोकायुक्त कार्यालय के नाम पर करोड़ों रुपये का व्यय हो रहा है, लेकिन बिना लोकायुक्त के यह सब व्यर्थ है। हमने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है और मांग करते हैं कि तत्काल सशक्त और स्वतंत्र लोकायुक्त का गठन किया जाए। अन्यथा, 30 जनवरी से आमरण अनशन और प्रदेशव्यापी आंदोलन अनिवार्य होगा। जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है, सरकार अब और बहाने नहीं बना सकती।”

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परमानंद बलोदी (लोकायुक्त अभियान संयोजक):—
“लोकायुक्त के नाम पर भवन, स्टाफ और वाहनों पर भारी खर्च हो रहा है, जो जनता के पैसों की बर्बादी है। यह पैसा भ्रष्टाचार रोकने में लगना चाहिए, न कि खाली कार्यालय चलाने में। सरकार की उदासीनता से भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है। हमारा आंदोलन अहिंसक होगा, लेकिन दृढ़ रहेगा।”

सुमन राम बडोनी:—
“उत्तराखंड की जनता पारदर्शी शासन चाहती है। सशक्त लोकायुक्त के बिना जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होगी? सरकार अपने वादे निभाए, वरना जनआंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।”

सुलोचना ईष्टवाल (प्रदेश अध्यक्ष):—
“महिलाओं और आम नागरिकों पर भ्रष्टाचार का सबसे ज्यादा असर पड़ता है। पार्टी पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर जागरूकता अभियान चलाएगी। सरकार को चेतावनी है कि जनता की हताशा अब आंदोलन में बदल रही है।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने अन्य सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से भी इस मुद्दे पर समर्थन की अपील की।

यह मुद्दा लंबे समय से विवादास्पद बना हुआ है, जहां लोकायुक्त अधिनियम 2014 में पारित होने के बावजूद नियुक्ति नहीं हो पाई है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड के लिए निर्णायक साबित होगा।

प्रेस वार्ता में राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल , प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल, लोकायुक्त अभियान के संयोजक परमानंद बलोदी,व सुमन राम बडोनी, वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश ईष्टवाल, आरटीआई व मानवाधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार तथा देहरादून जिला अध्यक्ष नवीन पंत आदि लोग मौजूद थे।


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