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उत्तराखंड—   हल्द्वानी में किसान द्वारा आत्महत्या और पुलिस प्रताड़ना के गंभीर आरोपों से जुड़े प्रकरण में एसएसपी उधम सिंह नगर ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।

मृतक सुखवंत सिंह पुत्र तेजा सिंह, निवासी पैगा, के आत्महत्या मामले में घोर लापरवाही और उदासीनता सामने आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर ने सख्त कदम उठाए हैं।

पहले ही इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए जा चुके हैं। अब जांच की निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कोतवाली आईटीआई के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक कुन्दन सिंह रौतेला एवं उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित/प्रचलित है।

निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मूल नियम-53 के तहत अर्द्ध औसत वेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, साथ ही पुलिस लाइन्स में रहना अनिवार्य किया गया है।

यह भत्ता इस शर्त पर दिया जाएगा कि संबंधित अधिकारी किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार या व्यवसाय में संलग्न न हों,जिसका प्रमाण उन्हें प्रस्तुत करना होगा।

मामले की गहन और विस्तृत प्रारंभिक जांच के लिए एसपी क्राइम एवं टीआरजी, ऊधमसिंहनगर को निर्देशित किया गया है। उन्हें निर्धारित समयसीमा में तथ्यात्मक और स्पष्ट जांच आख्या प्रस्तुत करनी होगी।

इसके अतिरिक्त, चौकी पैगा, कोतवाली आईटीआई में तैनात कुल 10 अधिकारी एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर पुलिस लाइन्स, रुद्रपुर में आमद के निर्देश दिए गए हैं। लाइन हाजिर किए गए कर्मियों में शामिल हैं-

उपनिरीक्षक/चौकी प्रभारी जितेन्द्र कुमार,अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह,मुख्य आरक्षी 154 ना०पु० शेखर बनकोटी,आरक्षी 327 ना०पु० भूपेन्द्र सिंह,आरक्षी 690 ना०पु० दिनेश तिवारी
आरक्षी 501 ना०पु० सुरेश चन्द्र,आरक्षी 392 ना०पु० योगेश चौधरी,आरक्षी 60 ना०पु० राजेन्द्र गिरी,आरक्षी 298 ना०पु० दीपक प्रसाद, आरक्षी 159 ना०पु० संजय कुमार,,,

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एसएसपी ऊधमसिंहनगर ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


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