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उत्तराखंड—  उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बिगड़ने का अंदेशा है जिसकी चेतावनी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 28 जनवरी 2026 को राज्य के कई जनपदों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली, झोकेंदार हवाएं (30–40 किमी प्रति घंटा) और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की प्रबल संभावना जताई गई है। बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन, बोल्डर गिरने, जलभराव और सड़कों के बंद होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के दृष्टिगत अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, चम्पावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में अधिकारियों को खासतौर से अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इन जिलों में अवकाश घोषित-

खराब मौसम के मद्देनजर 28 जनवरी यानी बुधवार को अल्मोड़ा, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जनपदों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।

पिथौरागढ़ में बारिश और ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने प्राथमिक से लेकर इंटर कॉलेज तक सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। खराब मौसम के चलते जिले में पहले भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया जा चुका है।

इसमें उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग पौड़ी गढ़वाल, टीहरी गढ़वाल में भी छुट्टी है।

वहीं उधम सिंह नगर में ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी व अर्धसरकारी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

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प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

इधर, राज्य के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी भी जारी की गई है। डीजीआरई के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग को नारंगी श्रेणी (श्रेणी-3), पिथौरागढ़ को पीली श्रेणी (श्रेणी-2) और बागेश्वर को हरी श्रेणी (श्रेणी-1) में रखा गया है। इन क्षेत्रों में अस्थिर बर्फ के कारण प्राकृतिक हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के निर्देश पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आमजन को समय रहते सूचना उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे चेतावनी अवधि के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, हिमस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।


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