Spread the love

उत्तराखंड—  ज्योली गाँव में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक महिला की बाघ के हमले में मौत के बाद न सिर्फ शोक का माहौल है, बल्कि लोगों का गुस्सा भी अब खुलकर सामने आ रहा है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नीरज तिवारी ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए साफ कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि वन विभाग की बड़ी लापरवाही का नतीजा है।

उनका कहना है कि इलाके में पहले से बाघ की मौजूदगी और हमलों की चेतावनी मिल रही थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने सरकार और वन विभाग से मांग की है कि आदमखोर बाघ को तुरंत पकड़ने या मारने के आदेश जारी किए जाएं, ताकि गांव में फैले डर को खत्म किया जा सके।

इस बीच हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। चौली ग्रामसभा की रहने वाली श्रीमती हेमा पांडे की मौत के बाद ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों का रवैया भी संतोषजनक नहीं रहा, जिससे गुस्सा और भड़क गया।

आक्रोशित ग्रामीण अब महिला के शव को काठगोदाम फॉरेस्ट चुंगी ले जाकर धरना-प्रदर्शन की तैयारी में हैं। मौके पर खुद नीरज तिवारी मौजूद हैं और लगातार प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग साफ है आदमखोर बाघ के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो। उनका कहना है कि करीब 19 दिन पहले भी इसी इलाके में एक और महिला की जान जा चुकी है। ऐसे में अब डर के साथ-साथ लोगों का वन विभाग पर भरोसा भी टूटता जा रहा है।

See also  व्यापारियों के हितों के लिए संघर्षरत उत्तराखंड में एक मात्र रजिस्टर्ड संगठन "प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल" हैं --- सुभाष मोंगा , प्रदेश अध्यक्ष

स्थिति को देखते हुए प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह जल्द से जल्द कोई ठोस और निर्णायक कदम उठाए, ताकि आगे किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।


Spread the love

You missed