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उत्तराखंड—  देहरादून में RTO के सब-इंस्पेक्टर शशिकांत तेंगोवाल को अवैध वसूली के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया। जानिए पूरा मामला।

उत्तराखंड – राजधानी देहरादून में परिवहन विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगने के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने सब-इंस्पेक्टर शशिकांत तेंगोवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

मामले के सामने आने के बाद परिवहन विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए अपर परिवहन आयुक्त ने निलंबन आदेश जारी किए हैं।

हर्रावाला में हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा

जानकारी के अनुसार सोमवार को सब-इंस्पेक्टर हर्रावाला क्षेत्र में पहुंचे थे। इसी दौरान स्थानीय ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और लोगों ने उन पर अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया।

स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि लोगों ने उन्हें एक दुकान के अंदर रोक लिया। करीब दो घंटे तक मौके पर हंगामा चलता रहा और बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

ट्रांसपोर्टरों ने खोली कथित ‘रेट कार्ड’ की पोल

ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से चेकिंग के नाम पर वसूली का खेल चल रहा था। आरोपों के अनुसार अलग-अलग वाहनों के लिए कथित रकम तय थी।

कथित वसूली रेट –

छोटे कमर्शियल वाहन — ₹2,000

6 टायर वाहन — ₹8,000

8 टायर वाहन — ₹10,000

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12 टायर वाहन — ₹12,000 तक

इन आरोपों के सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शासन स्तर पर मामले का संज्ञान लिया गया। परिवहन सचिव के निर्देश पर जांच शुरू की गई और शुरुआती जांच के बाद सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया।

अब विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इस कथित वसूली नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

उठ रहे हैं कई बड़े सवाल

क्या कई सालों से चल रही कथित वसूली की जानकारी अधिकारियों को नहीं थी?

क्या जांच की आंच विभाग के अन्य कर्मचारियों तक भी पहुंचेगी?

क्या परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार पर अब सख्ती देखने को मिलेगी?

सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया

घटना के बाद सोशल media पर लोगों ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स ने सड़क चेकिंग के दौरान होने वाली कथित उगाही के अनुभव भी साझा किए।


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