हल्द्वानी– शहर के मुखानी थाना क्षेत्र से एक बेहद भावुक और दुखद मामला सामने आया है। बेटे को पुलिस हिरासत में लिए जाने से आहत एक मां की सदमे से मौत हो गई।
घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, जबकि परिजनों ने पुलिस पर बेटे को झूठे मामले में हिरासत में लेने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, दुर्गा कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय सविता देवी, पत्नी राजीव सिंह, अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहती थीं। राजीव सिंह एक निजी कार शोरूम में कार्यरत हैं।
परिजनों का आरोप है कि मंगलवार रात पुलिस उनके बेटे को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी। अपने बेटे की बेगुनाह बताते हुए सविता देवी बुधवार को उसे छुड़ाने के लिए कोतवाली भी पहुंचीं, लेकिन बेटे की रिहाई नहीं होने से वह बेहद परेशान और व्यथित थीं।
परिजनों के मुताबिक, कोतवाली से घर लौटने के कुछ समय बाद सविता देवी कमरे में अचेत अवस्था में मिलीं। उन्हें तत्काल बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत की सूचना के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई। शाम के समय हिरासत में लिए गए युवक को छोड़ दिया गया। मृतका के पति राजीव सिंह ने कहा कि परिवार गहरे सदमे में है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा तथ्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
वहीं, पुलिस का कहना है कि युवक को इमरजेंसी नंबर 112 पर प्राप्त शिकायत के आधार पर लाया गया था और उसके खिलाफ केवल 81 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है कि महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर परिजन पुलिस कार्रवाई को महिला की मानसिक पीड़ा का कारण बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस पूरे मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कह रही है। ऐसे में सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
