नैनीताल— मौसम विभाग ने 5 सितंबर को नैनीताल जिले में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश** की चेतावनी जारी की है।

इसे देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शनिवार 5 सितंबर को जिले के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी स्कूलों (कक्षा 1 से 12 तक) और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश दिए हैं।
आदेश के मुताबिक प्रधानाचार्य, शिक्षक और कार्यालय स्टाफ को भी अवकाश रहेगा। हालांकि, नैनीताल शहर के ऐसे आवासीय विद्यालय इस आदेश के दायरे में नहीं होंगे, जहां पढ़ाई और रहने की सुविधा एक ही परिसर में है।
बारिश के चलते नदी-नालों में तेज बहाव और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों सेसावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

नैनीताल जिले में बारिश का बड़ा असर 142 भवनों को नुकसान कई रास्ते बंद
बताते चले उत्तराखंड में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है और नैनीताल जिले में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। जिला आपदा प्रबंधन की 4 सितंबर शाम की रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश से जिले में अब तक 4 लोगों की मौत, 132 पक्के भवन आंशिक क्षतिग्रस्त 7 कच्चे भवन क्षतिग्रस्त और 3 भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 11 पशुओं की भी जान गई है, जबकि 6 गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है।
बारिश के कारण जिले में 1 राज्य मार्ग, 1 प्रमुख जिला मार्ग और 14 ग्रामीण मार्ग बाधित हैं। इनमें रामनगर-भण्डारपानी-बेतालघाट, कांडाडोन-परेवा, पाण्डेगांव-रानीकोटा, एचएमटी-बेबरी, घोड़ाखाल-धुलई, फतेहपुर-बेल, छीडाखान-अमजड़, देवलीधार-सुई, स्यूड़ा-कौन्ता-हरीशताल, खनस्यू-टांडा, भीड़ापानी-महतोली, पतलोट-पश्यागांव, ढोलीगांव-धैना, खुजेटी-भौनरा, क्वारब-सारखेत और कौल मोटर मार्ग शामिल हैं। अधिकांश मार्गों को खोलने का काम जारी है, जबकि बरेली-अल्मोड़ा-सिरसा मार्ग के 10 सितंबर तक खुलने की संभावना जताई गई है।
बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। भीड़ापानी, बनाना और हरीशताल में विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित है।
इस बीच शनिवार 5 सितंबर को नैनीताल समेत कई जिलों में फिर भारी बारिश की चेतावनी है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।
