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नैनीताल—   उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ से मैदान तक जनजीवन प्रभावित कर दिया है। नैनीताल जिले में बारिश और भूस्खलन के चलते 20 मार्ग बाधित हैं। प्रशासन की टीमें रास्ते खोलने और जरूरी सेवाओं को सुचारु करने में जुटी हैं।

जिले में 1 राज्य मार्ग, 1 प्रमुख जिला मार्ग और 18 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। इनमें गर्जिया-घुघतीधार-बेतालघाट, पांडेगांव-रानीकोट, पटाड़ी-जोशीखोला, तल्ला रामगढ़-रातीघाट, बरेली-अल्मोड़ा-सिरसा, पतलोट-पश्यागांव, नाई-भूमका, स्यूड़ा-कौन्ता-हरीशताल, ढोलीगांव-धैना, छीडाखान-अमजड़, खनस्यू-टांडा, खुजेटीह-भौनरा, कसियालेख-बूढ़ीबना, चमड़िया-लोहाली, देवलीधार-सुई, बेतालघाट-रोपा, लोहाली-थुवा ब्लॉक, लमजाला मोटर मार्ग, फतेहपुर-बेल और लमजाला-बानना शामिल हैं।

इनमें बरेली-अल्मोड़ा-सिरसा मार्ग के 10 सितंबर तक खुलने की संभावना जताई गई है, जबकि अन्य अधिकांश मार्गों को खोला जा रहा है।

7 सितंबर को स्कूल बंद

मौसम विभाग के भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन ने 7 सितंबर, सोमवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है।

हालांकि, जिन स्कूलों में छात्रावास/आवासीय सुविधा उपलब्ध है, वे इस आदेश के दायरे से बाहर रहेंगे। प्रशासन ने यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया है।

पिछले 24 घंटे में नैनीताल के स्नो व्यू में 47 मिमी, हल्द्वानी-काठगोदाम में 32 मिमी, रामनगर में 32.4 मिमी और बेतालघाट में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई।

भीमताल क्षेत्र के हरीशताल, गौनियारो और ल्वाड़डोबा में विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित है। संबंधित विभाग रास्ते खोलने और बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटे हैं।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी विभागों को अलर्ट रहने और लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और बंद मार्गों पर जाने से सावधानी बरतने की अपील की है।

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