नैनीताल— बुनियादी सुविधाओं से परेशान भूमियाधार के ग्रामीणों का सब्र आखिर टूट गया। सड़क और पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर “रोड नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाए।

ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने साल बाद भी गांव में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ती है। कई बार मरीजों को डोली से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन जीतने के बाद गांव की सुध नहीं लेते। कई बार शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
धरने में ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि अगर जल्द सड़क और पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को व्यापक किया जाएगा। इसके बाद जो भी स्थिति बनेगी, उसका जिम्मेदार शासन-प्रशासन होगा।

धरने में ग्राम प्रधान मीनाक्षी टम्टा, अधिवक्ता आकाश बिष्ट, हिमांशु पांडे, प्रदीप त्यागी, करन कुमार, पंकज बिष्ट, राहुल आर्य, रोहित आर्य, चंपा देवी, किरन देवी, जानकी देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
