हल्द्वानी— प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों के रवैये से क्षुब्ध होकर प्रदेश के वित्त सचिव रणवीर चौहान और जीएसटी कमिश्नर प्रतीक जैन को दूरभाष पर व्यापारियों की समस्याओं से अवगत कराया।

संगठन के प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि अधिकारियों को बताया गया कि स्थानीय अधिकारियों की कार्यशैली और व्यवहार खराब है और अपनी नाकामी छुपाने के लिए उच्च स्तर पर व्यापारियों की गलत सूचना दी जाती है।
उन्होंने कहा कि रजिस्टर्ड व्यापारी कभी टैक्स चोरी को बढ़ावा नहीं देता। कारोबार की व्यस्तता से सिर्फ कागज तैयार करने में देरी होती है, इसका मतलब यह नहीं कि व्यापारी गलत है। जीएसटी विभाग को पहले अपने काम को ईमानदारी और समय से करना चाहिए।
वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि टैक्स अदा कर रहे व्यापारियों को परेशान करने की बजाय उन गैर-रजिस्टर्ड व्यापारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए जो कुछ मोबाइल विंग और SIB अधिकारियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित गुटखा और डुप्लीकेट सामान के कारोबार में लिप्त हैं। ऐसे कारोबारियों और उनसे जुड़े अधिकारियों की आय-संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
इस पर जीएसटी कमिश्नर ने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के साथ बैठक की जाएगी और अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि भविष्य में किसी व्यापारी को नाजायज परेशान न किया जाए।
वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रदेश संरक्षक विनय गोयल, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष मोंगा और प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र फर्स्वाण के नेतृत्व में व्यापार मंडल शीघ्र वित्त सचिव और जीएसटी कमिश्नर से मिलेगा।

