Category: हल्द्वानी

  • उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय एवं श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय, बादशाहीथोल, टिहरी, के बीच अकादमिक और शोध के क्षेत्र में मिलकर काम करने को लेकर एक एम ओ यू पर हस्ताक्षर हुए हैँ।

    उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय एवं श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय, बादशाहीथोल, टिहरी, के बीच अकादमिक और शोध के क्षेत्र में मिलकर काम करने को लेकर एक एम ओ यू पर हस्ताक्षर हुए हैँ।

    हलद्वानी– उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय एवं श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय, बादशाहीथोल, टिहरी, के बीच अकादमिक और शोध के क्षेत्र में मिलकर काम करने को लेकर एक एम ओ यू पर हस्ताक्षर हुए हैँ।

     

     

    दोनों विश्वविद्यालयों के मध्य यह सयुंक्त करार हुआ ह। सयुंक्त करार पर मुक्त विश्वविद्यालय की तरफ से कुलसचिव प्रो. संजय सिंह खत्री तथा श्रीदेव सुमन की ओर से कुलसचिव दिनेश चंद्रा ने हस्ताक्षर किये।

     

    उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओ. पी. एस. नेगी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अकादमिक और शोध गतिविधियों में गुणवत्ता और इन्हें प्रोत्साहन देने के लिए दूसरे संस्थानों से अनुबंध किये जाने पर जोर दिया गया है।

     

    उन्होंने कहा कि शिक्षा और शोध में सुधार लाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय लगातार अन्य संस्थानों से अनुबंध कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसका लाभ राज्य के अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और मुक्त विश्वविद्यालय के शिक्षार्थियों को मिलेगा।

     

     

    इस अवसर पर श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन के जोशी, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के अकादमीक निदेशक प्रो. पी डी पंत तथा शोध निदेशक प्रो. गिरिजा पाण्डेय मौजूद रहे।

  • बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का किया कुमाऊँ आयुक्त ने दौरा, दिये आवश्यक निर्देश।

    बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का किया कुमाऊँ आयुक्त ने दौरा, दिये आवश्यक निर्देश।

     

    हलद्वानी– आयुक्त श्री रावत ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री के निर्देश दिये हैं कि आपदा के दौरान सभी अधिकारी अलर्ट मोड में रहें तथा उपजिलाधिकारी, नगर आयुक्त संवदेनशील क्षेत्रों में प्रत्येक दिन भ्रमण कर निरीक्षण करें तथा संवेदनशील सम्भावित क्षेत्रों में जलभराव को रोकने हेतु तात्कालिक करें।

     

     

    आयुक्त दीपक रावत ने गुरूवार को तिकोनियां स्थित सडक, कलसिया नाला, देवखडीनाला, काठगोदाम स्थित नियर जीएसटी कार्यालय के समीप नाला, दमुवांढूगा फायर क्रू-स्टेशन के पास का नाला तथा प्रेमपुर लोसज्ञानी में रकसिया नाले पर एडीबी के द्वारा निर्माण कार्यां का निरीक्षण कर अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही नालों की सफाई में तेजी लाने के दिये निर्देश।

     

    तिकोनियां स्थित मार्ग जो विगत दिनों क्षतिग्रस्त हो गया था, सिचाई विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है। आयुक्त ने कहा कि कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्य अभिंयता संजय शुक्ला ने बताया कि मार्ग का कार्य पूर्ण कर शीघ्र 01 अगस्त गुरूवार को आवागमन हेतु सुचारू कर दिया जायेगा।

     

    इसके पश्चात आयुक्त श्री रावत द्वारा कलसिया नाले पर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को कलसिया नाले पर वर्षाकाल के दौरान जेसीबी तैनात करने के निर्देश दिये। उन्हांने कहा कलसिया नाले पर मलवा दोनो तरफ डाला जाए ताकि पानी का बहार बीच में हो जिससे लोगों के घर सुरक्षित रहें।

     

    उन्होंने कहा कलसिया नाले के द्वारा गौलाबैराज के पास सडक पर नाले मेंं अत्यधिक मलवा आने से पानी का बहाव बैराज की ओर हो जाने से खतरा उत्पन्न हो गया है आयुक्त ने शीघ्र नाले पर सफाई कराने के निर्देश दिये।

     

    गायत्री नगर के पास देवखडी नाले पर किये जा रहे कार्यो का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा देवखडी नाले जहां से प्रारम्भ होता है उन स्थानों पर चैकडैम बनाये जायेंगे जिससे पानी का प्रवाह धीमा होगा और नाले मे मलूवा कम आयेगा।

     

    उन्होंने एडीबी के तहत नाले के पानी को दो स्थानों से गौला नदी मे डाइवर्ड किया जायेगा इसके लिए प्रोजेक्ट मंजूर किया जा चुका है। इसके पश्चात आयुक्त द्वारा काठगोदाम जीएसटी कार्यालय स्थित नाले का निरीक्षण कर निर्देश दिये कि वर्षाकाल में अत्यधिक वर्षा आने पर उक्त स्थान बैरियर लगाया जाए और कार्मिक की भी तैनाती की जाए जिससे जनहानि की क्षति को रोका जा सके।

     

    दमुवाढूगा स्थित फायर क्रू स्टेशन के समीप नाले के द्वारा लोगों के घरों जलभराव की समस्या पर उन्होंने अधिशासी अभियंता सिचाई को तात्कालीक कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा स्थायी समाधान हेतु प्रोजेक्ट की मंजूरी मिल गई है शीघ्र ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।

     

    रकसिया नाले के निरीक्षण के दौरान आयुक्त को प्रोजेक्ट मैनेजर एडीबी कुलदीप सिंह ने बताया कि वर्तमान मे रकसिया नाले का आउटफाल प्रेमपुर लोसज्ञानी में 30 करोड की धनराशि से रकसिया नाले पर 3 बाई 4 मीटर का भूमिगत नाला बनाया जा रहा है नाले की 850 क्यूसेक डिस्चार्ज क्षमता होगी तथा नाले का पानी वन विभाग के जंगल से होते हुये भाखडा नदी में जायेगा।

     

    रकसिया नाले पर 1500 मीटर भूमिगत नाले को कवर कर सडक का निर्माण किया जा रहा है। श्री सिंह ने बताया कि चार माह में कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। आयुक्त ने कहा कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्र के लोगों को स्थायी जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।

     

    निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, उपजिलाधिकारी पारितोष वर्मा, एसपी सिटी प्रकाश चन्द्र के साथ ही नगर निगम, वनविभाग,सिचाई, एडीबी तथा लोनिवि के अधिकारी उपस्थित थे।

  • हरेला, उत्तराखंड का एक लोकप्रिय त्यौहार।

    हरेला, उत्तराखंड का एक लोकप्रिय त्यौहार।

    हलद्वानी–  यह तो हम सभी लोग भली-भांति जानते ही हैं कि हरेला सिर्फ एक त्यौहार न होकर उत्तराखंड की जीवन शैली का शानदार प्रतिबिंब है।

     

    यह प्रकृति के साथ बहुत ही बेहतरीन संतुलन बनाने वाला त्यौहार है। प्रकृति का संरक्षण और संवर्धन हमेशा से ही हमारे पहाड़ की परंपरा का अहम हिस्सा रहा है।

     

    यह बात तो बिल्कुल सोलह आने सच है कि, हरियाली इंसान को बहुत खुशी प्रदान करती है। सर्वत्र हरियाली को देखकर तो किसी भी इंसान का तन-मन प्रफुल्लित हो जाता है। हरेला के इस त्यौहार में लोग अपने घर के हरेले (समृद्धि) को अपने आप तक ही सीमित नहीं रखते हैं बल्कि, उसे अन्य लोगों को बांटते हुए बहुत आनंद की अनुभूति करते हैं।

     

     

    यह विशुद्ध रूप से सामाजिक सद्भभाव और प्रेम की अवधारणा है। हरेला के त्यौहार में हमेशा भौतिकवादी चीज़ों की जगह मानवीय गुणों को वरीयता दी जाती है,क्योंकि मानवीय गुण सदा इंसान के साथ रहते हैं जबकि भौतिकवादी चीज़ें अक्सर नष्ट हो जाती हैं।

     

     

    आज यदि कुछ पहलुओं पर  दृष्टि डाली जाय तो हम महसूस करते हैं कि,प्रकृति और मानव को परस्पर विरोधी के तौर पर देखा जाता है वहीं, यह हरेला का त्यौहार मानव जाति को प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाने की सीख देता है।

     

     

    हरेला पर्व हरियाली और वसुन्धरा पर जीवन को बचाने का संदेश देता है। हम सभी लोगों को यह समझने का प्रयास करना होगा और अपनी आने वाली पीढ़ी को भी यह समझाना होगा  कि, हमारे आसपास हरियाली के बचे रहने से मनुष्यों, जानवरों तथा पक्षियों  का जीवन भी बचा रहेगा।

     

    यहाँ पर यह कहना समीचीन होगा कि, यह पर्व प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन को खासा अहमियत देता है। बहुत सारी खूबियों को अपने दामन में समेटता हुआ यह त्यौहार हम सभी लोगों को बहुत सारी सीख देते हुए जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

     

     

    हरेला पारिवारिक एकजुटता का पर्व भी है।संयुक्त परिवार चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो उसमें हरेला एक ही जगह बोया जाता है। आस पड़ोस और रिश्तेदारों के साथ ही परिवार के हर सदस्य चाहे वह घर से कितना भी दूर क्यों न हो उनको ‘हरेला’ जरूर भेजा जाता है।

     

    यह त्यौहार संयुक्त परिवार की व्यवस्था पर भी खूब जोर देता है। संपत्ति के बंटवारे और विभाजन के बाद ही एक घर में दो भाई अलग-अलग हरेला बो सकते हैं।

     

    हरेला का पर्व ऋतु परिवर्तन का सूचक भी होता है।समग्रता में यदि देखा जाय तो सामाजिक, धार्मिक और पारिवारिक महत्व के इस पर्व में हरेला को बोने के बाद दसवें दिन काटा जाता है।

     

    वैशाखी और होली की तरह ही यह एक कृषि प्रधान त्यौहार है। हरेला से नौ दिन पहले घर में स्थित पूजास्थल पर छोटी-छोटी डलियों में मिट्टी डालकर सात बीजों को बोया जाता है।

     

    इसमें- गेंहू, जौ और मक्के के दाने प्रमुख होते हैं।हर दिन जल डालकर इन बीजों को सींचा जाता है ताकि ये नौ दिन में लहलहा उठें।

     

    घर की महिलाएं या बड़े बुजुर्ग इसकी हल्की-फुल्की गुड़ाई भी करते हैं।इसके बाद इसे काटकर विधिवत्  पूजा-अर्चना कर श्रद्धा पूर्वक देवी-देवताओं को चढ़ाया जाता है और फिर परिवार के सभी लोग हरेले के पत्तों को सिर और कान पर रखते हैं।

     

    हरेले के पत्तों को सिर और कान पर रखने के दौरान घर के बड़े बुजुर्ग, आकाश के समान ऊंचा, धरती के समान विशाल और दूब के समान विस्तार करने का आशीर्वाद सभी को देते हैं।इस दौरान कुछ रीति-रिवाज, रश्में, आशीष गीत-संगीत जैसे- ‘जी रया जागि रया, आकाश जस उच्च, धरती जस चाकव है जया, स्यावै क जस बुद्धि, सूरज जस तराण है जौ..’। आदि स्वस्थ मनोरंजन हेतु किया जाता है।

     

    हरेला निर्विवाद रूप से एक कृषि प्रधान त्यौहार है। इसमें जो बीज डाले जाते हैं वो सीजन में होने वाले अन्न के प्रतीक होते हैं।

     

    इन “बीजों को धन-धान्य और समृद्धि के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। ‘जी रे जाग रे’ के रूप में जो भी कामनाएं की जाती हैं उनसे सभी का मन खुश हो जाता है।

     

    आकाश के समान ऊंचा, धरती के समान विशाल और दूब के समान विस्तार का आशीर्वाद हमें सीधे तौर पर प्रकृति के साथ जोड़ता है,यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

     

    हरेला का त्यौहार प्रकृति से बहुत कुछ सीखने और उसके जैसे बनने के लिए समूची मानव जाति को प्रेरित करता है।”

     

    16 जुलाई को उत्तराखंड राज्य के विभिन्न विद्यालयों तथा कार्यालयों में पर्यावरण संरक्षण हेतु उत्तराखंड लोक संस्कृति पर आधारित हरेला पर्व, वृक्षारोपण करके बड़े हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया जाना है।

     

    इस पर्व का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की भावी पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ना है जिससे उनके हृदय में प्रकृति के प्रति प्यार और संवेदना उत्पन्न हो सके, इस बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तर से विद्यालय स्तर तक सभी संस्थाओं में उपलब्ध भूमि व निकटवर्ती भूमि चिन्हित करके वृक्षारोपण का प्रयास करना है।

     

    चिन्हित भूमि पर उद्यान अथवा वन विभाग के मानकानुसार गड्ढे बनाए जायें।प्रत्येक विद्यालय तथा कार्यालय में कम से कम पांच-पांच वृक्ष लगाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

     

    जिनमें बेल, अमरूद, जामुन,आंवला,संतरा, माल्टा,नींबू व सहजन के वृक्ष लगाए जा सकते हैं। उक्त पौधे उद्यान अथवा वन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए लगाए जा सकते हैं।

     

    पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु स्वामित्व निर्धारित करते हुए पौधों को संरक्षित किया जा सकता है।

  • हल्द्वानी: फिल्टर प्लांटों से नहीं हुई पंपिग, शहर की पेयजल आपूर्ति हुई ठप…..

    हल्द्वानी: फिल्टर प्लांटों से नहीं हुई पंपिग, शहर की पेयजल आपूर्ति हुई ठप…..

    हल्द्वानी- गौला बैराज से जल संस्थान के शीशमहल फिल्टर प्लांट को आपूर्ति ठप होने से शनिवार को शहर में पेयजल का संकट गहराया रहा। इस कारण 50 हजार की आबादी को पेयजल किल्लत झेलनी पड़ी। देवखड़ी नाले में बृहस्पतिवार रात बहे युवक की खोजबीन के लिए चलाए अभियान के चलते शनिवार सुबह 11 बजे से शहर के फिल्टर को आने वाली नहर में पानी बंद कर दिया गया। इससे सुबह 11 बजे शीशमहल फिल्टर प्लांट से आपूर्ति ठप हो गई।

     

    प्लांट बंद होने से शहर में शीशमहल, नैनीताल रोड, बरेली रोड, कालाढूंगी रोड से लालडांठ, रामपुर रोड की 50 हजार की आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। ईई आरएस लोशाली ने बताया कि जल संस्थान की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में 16 टैंकरों से पानी बांटा गया। इससे पूर्व बीते शुक्रवार को भी प्लांट ठप होने से पूरे दिन पानी की सप्लाई बाधित रही। कहा कि देर रात तक प्लांट का संचालन होने की उम्मीद है। इससे रविवार को पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद है।

  • देर रात हुई मूसलाधार बारिश से हुए नुकशान का जायजा ले हुए सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम साहब।

    देर रात हुई मूसलाधार बारिश से हुए नुकशान का जायजा ले हुए सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम साहब।

     

    हलद्वानी–  देर रात हल्द्वानी_काठगोदाम के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई मूसलाधार बरसात के बाद उफान पर आए देवखड़ी नाले और रकसिया नाले से हुए नुकसान और जल भराव के चलते शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी और तहसीलदार ने सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का आकलन कर सहायता राशि देना शुरू कर दिया है।

     

     

    इसके अलावा हल्द्वानी के जलभराव वाली कालोनियों और लालकुआं क्षेत्र में जमरानी फीडर सहित अन्य नालों की सफाई जारी है।

     

     

    किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में राहत शिविरों के संचालन हेतु स्थल चिन्हित कर अन्य आवश्यक सुविधा सुनिश्चित की जा चुकी है। सिटी मजिस्ट्रेट ने आम जनमानस से पुनः अपील की है कि तेज बहाव के समय बेवजह नदी नालों को पार ने करे। सभी अपनी जिम्मेदारी को समझे और सुरक्षित रहें।

     

     

    गुरुवार को दिन_रात्रि से लेकर शुक्रवार पूरे दिन सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई, उप जिलाधिकारी परितोष वर्मा, तहसीलदार सचिन कुमार ने देवखड़ी नाले और रकसिया नाले सहित चौफुला चौराहा, दमुवाढुंगा बंदोबस्ती, और अन्य प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान राजस्व विभाग के कर्मचारियों को तत्काल प्रभावित लोगों के नुकसान का आकलन कर राहत राशि वितरित करना शुरू की।

     

     

    उपजिलाधिकारी परितोष वर्मा ने बताया कि आज 26 लोगों को तत्काल सहायता राशि अब तक उपलब्ध करा दी गई है।

     

    विगत दिनों बरसात से लेकर अभी तक हल्द्वानी और लालकुआं इलाके में लगभग सवा तीन सौ से अधिक परिवारों को अहेतुक सहायता राशि के चेक वितरित किए जा चुके हैं।

     

     

    इसके अलावा जल भराव वाले मोहल्लों और नहर व नालों की सफाई सहित नुकसान को रोकने के लिए देवखड़ी नाले में काठगोदाम क्षेत्र में निगम और चौफुला चौराहे पर सिंचाई विभाग से जेसीबी लगाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

     

    इसके अलावा लालकुआं क्षेत्र में बहने वाला पानी जमरानी फीडर से आगे को जाए, इसके लिए तीन जेसीबी और पोकलैंड के माध्यम से नहर का सफाई अभियान लगातार जारी है।

     

    सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई ने बताया कि विगत रात्रि देवखड़ी नाले के बहाव में बहे युवक की खोजबीन की जा रही है।

     

    इसके अलावा प्रशासन लगातार हर माध्यम से लोगों से अपील कर रहा है कि यदि बरसात हो तो नदी, नाले, रपटे और बहाव क्षेत्र तथा जल भराव वाले इलाकों से हर हाल में दूर रहे ताकि किसी भी घटना से बचा जा सके।

  • मिले खोए हुए मोबाइल, 46 लाख कीमत के 269 मोबाइल, फरियादियों के चेहरे पर आई मुस्कान, नैनीताल पुलिस को किया धन्यवाद।

    मिले खोए हुए मोबाइल, 46 लाख कीमत के 269 मोबाइल, फरियादियों के चेहरे पर आई मुस्कान, नैनीताल पुलिस को किया धन्यवाद।

    हलद्वानी– श्री प्रहलाद नारायण मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नैनीताल द्वारा फरियादियों के खोये हुये मोबाइल फोन को बरामद करने एवं त्वरित कार्यवाही करने हेतु जनपद स्तर पर गठित मोबाइल एप्प सेल को मोबाईलों को बरामद करने आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।

     

    प्रकाश चंद, एसपी सिटी हल्द्वानी, श्री हरबंस सिंह, एसपी क्राइम/यातायात नैनीताल के निर्देशन में तथा श्री सुमित पाण्डे क्षेत्राधिकारी ऑप्स हल्द्वानी, के पर्यवेक्षण में निरीक्षक प्रभारी,श्री हेमचन्द्र पन्त मोबाइल एप्प (साईबर सैल) के नेतृत्व  में मुख्य आरक्षी किशन सिंह कुंवर, म0कानि0 पूजा चौधरी के द्वारा शिकायतकर्ताओं के प्रार्थना पत्रों के आधार पर माह जनवरी से जून तक  IMEI नम्बरों को प्रभारी एस0ओ0जी0 श्री संजीत राठौड के माध्यम से सर्विलांस में लगाये जाने के उपरान्त खोये मोबाइलों का IMEI का प्रचलन में होना पाया गया,

     

     

    उक्त मोबाईलों को विभिन्न राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेेश, झारखण्ड, बिहार व पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों से कुल- 269 मोबाइल फोन, मोबाईल एप्प टीम द्वारा बरामद किये गये।

     

    विभिन्न कम्पनियों के 269 मोबाइल फोन जिनकी अनुमानित कीमत 46,35000 रुपये हैं।

  • हल्द्वानी शहर व ग्रामीण क्षेत्रों मे डेंगू, मलेरिया आदि मच्छर जनित बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम हेतु जलभराव क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव साथ ही लोगों को दवाईयां मुहैया कराई गई– सिटी मजिस्ट्रेट

    हल्द्वानी शहर व ग्रामीण क्षेत्रों मे डेंगू, मलेरिया आदि मच्छर जनित बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम हेतु जलभराव क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव साथ ही लोगों को दवाईयां मुहैया कराई गई– सिटी मजिस्ट्रेट

    हलद्वानी–  सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने कहा कि विगत दिनों अत्यधिक वर्षा के कारण हल्द्वानी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के साथ ही प्रेमपुर लोशज्ञानी क्षेत्र में अत्यधिक जलभराव होने के कारण क्षेत्र में नगर निगम की टीम द्वारा ब्लीचिंग पाउडर का छिडकाव कराया गया ।

     

     

    वही स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा दवाईयों का वितरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लोगों को जलजनित रोग एवं वेक्टर जनित रोग की जानकारियां दी गई तथा इनके बचाव के बारे में बताया गया।

     

    श्री बाजपेयी ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि डेंगू, मलेरिया आदि मच्छर जनित बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम हेतु सावधानियां ज़रूरी है इसलिए घर के आंगन, लॉन, छतों, कूलर, गमले की ट्रे, खुली पानी की टंकी, आदि की नियमित सफाई करें। बुखार होने पर चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।

  • हलद्वानी और रामनगर के टूटी पुलिया, यातायात संचालन में हुआ बदलाव।

    हलद्वानी और रामनगर के टूटी पुलिया, यातायात संचालन में हुआ बदलाव।

     

    हलद्वानी– आज दिनांक 07.07.2024 को अत्यधिक बरसात* होने के कारण कालाढूंगी क्षेत्र में हल्द्वानी रामनगर हाईवे के बीच में पुलिया टूटने के कारण रूट डायवर्जन किया ग

    रामनगर से हल्द्वानी आने वाले वाहन*
    नया गाँव, बाजपुर, दोराहा, गदरपुर, रूद्रपुर, से होते हुए हल्द्वानी जायेंगे।

     

    देहरादून, हरिद्वार, बिजनौर, जसपुर, हल्द्वानी आने वाले वाहन काशीपुर से दोराहा, गदरपुर, रूद्रपुर से होते हुए हल्द्वानी जायेंगे।

     

    हल्द्वानी की ओर से कालाढूंगी बाजपुर/रामनगर को आने वाले वाहन हल्दानी से बाया रूद्रपुर गदरपुर, दौराहा, काशीपुर होते हुए जायेंगे।

     

    दिल्ली/नोयडा गाजियाबाद / अफजलगढ/ जसपुर से हल्द्वानी आने वाले वाहन वाया काशीपुर, दौराहा, गदरपुर, रूद्रपुर से होते हुए हल्द्वानी जायेंगे।

     

    हल्द्वानी को जाने वाले दोपहिया वाहन*
    वाया कालाढूंगी, चकलुवा, विदरामपुर, भांखडा पुल होते हुये हल्द्वानी जायेगे।

     

    सभी से अपील अनावश्यक रूप से नदी नालों के तेज बहाव पार करने का प्रयास न करें।

    सतर्क रहें सुरक्षित रहें। किसी भी आपातकाल में 112 पर कॉल करें।

  • मंडलाआयुक्त ने जनसुनवाई में किया मौकेपर  किया शिकायतों का निस्तारण।

    मंडलाआयुक्त ने जनसुनवाई में किया मौकेपर किया शिकायतों का निस्तारण।

     

    हलद्वानी– कैम्प कार्यालय में आयुक्त दीपक रावत ने शनिवार को जनसुनवाई कर मौके पर शिकायतों का समाधान किया। जन शिकायतों में अधिकांश शिकायतें, भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद व अतिक्रमण, सडक आदि से सम्बन्धित आई।

     

    जनसुनवाई में आमजनमानस की मुख्यतयाः भूमि विवाद, सडक, अतिक्रमण,राशन कार्ड, ब्याज पर धनराशि देने आदि की समस्याओं का आयुक्त ने मौके पर समाधान किया गया। काफी समय से लम्बित भूमि विवाद की समस्याओं में धनराशि व भूमि वापस मिलने पर लोगों द्वारा आयुक्त का आभार व्यक्त किया।

     

    जनसुनवाई में आयुक्त श्री रावत ने कहा कि जो लोग भूमि क्रय करते है भूमि की रजिस्ट्री के पश्चात दाखिल खारिज भी अवश्य करा लें। इससे भविष्य में होने वाली अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सकता है।

     

    आयुक्त श्री रावत ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पीडित परिवारों को बिना किसी परेशानी के तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही सहायता राशि मुहैया कराई जाए।

     

    आयुक्त श्री रावत ने कि कहा तीव्र वर्षा के दौरान जलप्रवाह बढने से नालों, रपटों में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने हेतु पुलिस द्वारा संवेदनशील स्थानों पर बैरियर लगाकर आवागमन प्रतिबंधित किया जाए तथा संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी एवं टैक्टर की तैनाती भी करने के निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिये।

     

    जनसुनवाई में दीपक कुमार हल्द्वानी निवासी ने बताया कि वह पशुपति लैमिनेटर्स प्रा0 लि0 काशीपुर में कार्यरत करते थे, कुछ माह पूर्व उनके द्वारा कार्य छोड दिया। कम्पनी द्वारा एक माह का वेतन व ग्रेच्युटी नही दी गई। बार-बार कम्पनी के निदेशक एवं प्रबन्धक को लिखित में अवगत कराया लेकिन आतिथि तक कोई कार्यवाही नही हुई है। आयुक्त ने मामले का संज्ञान लेते हुए अगले सप्ताह कंपनी के निदेशक और प्रबंधक को तलब किया है जिससे प्रभावित को उनकी ग्रेच्युटी और वेतन दिलाया जा सके।

     

     

    विगत जनसुनवाई में श्रीमती कमला उपाध्याय निवासी ने आवासीय परिसर से विद्युत लाईन स्थानान्तरित कराने का अनुरोध किया। जिस आयुक्त ने जनसुनवाई मे मौके पर यूपीसीएल के अधिकारियों और फरियादी को बुलाया था।

     

    विद्युत विभाग के अधिकारी द्वारा बताया गया कि फरियादी के मकान से पूर्व विभाग की विद्युत लाइन थी। नियमानुसार विभाग के द्वारा विभागीय खर्चे से लाइन स्थानांतरित नहीं की जा सकती है, फरियादी लाइन स्थानांतरित चाहते है तो उन्हे स्वयं के खर्चे से लाइन स्थानांतरित करनी होगी जिसकी डीपीआर तैयार कर फरियादी को उपलब्ध करा दी है।

     

    जनसुनवाई में किरन खोलिया निवासी हल्दूचौड ने बताया कि उनकी दिव्यांग की पेंशन पहले मिल रही थी वह वर्तमान में नही मिल रही है। जिस जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि 18 वर्ष के बाद पेंशन स्वतः समाप्त हो जाती है। पुनः पेंशन हेतु इन्हें ऑनलाईन आवेदन करना होगा जिस पर आयुक्त ने फरियादी को सीएससी से ऑनलाइन आवेदन करने की बात कही।

     

    जनसुनवाई में शाइस्ता रेहमान बनभूलपुरा ने वर पक्ष से स्त्री धन वापस दिलवाने का अनुरोध किया,घनश्याम सिंह पुत्र मोहन कालाढूगी ने अवैध कब्जा हटाने का अनुरोध किया,चन्द्र प्रकाश पुत्र मनोज कुमार निवासी नाथूजाला कोटाबाग ने प्रार्थी व प्रार्थी की माताजी को हमारे हक व अधिकार से वंचित कर देने के सम्बन्ध में बताया साथ ही नरेन्द्र सिंह निवासी मुखानी ने बताया कि संजय सिह हिम्मतपुर मल्ला द्वारा धनराशि की धोखाधडी की शिकायत की। जिस पर आयुक्त ने दोनो को कार्यालय में तलब कर मौके पर समाधान किया।

  • जिलाधिकारी ने दिए निगरानी रखने के निर्देश।

    जिलाधिकारी ने दिए निगरानी रखने के निर्देश।

     

    हलद्वानी–  बीती रात्रि से हो रही मूसलाधार बरसात से शहर के विभिन्न इलाकों में जल भराव और क्षति का जिलाधिकारी वंदना सिंह ने तीन पानी, वर्कशॉप लाइन, एन एच आई सहित अन्य स्थलों का मौके पर निरीक्षण किया।

     

     

    सिंचाई विभाग के जमरानी फीडर सेअत्यधिक पानी आने के कारण तिकोनिया के पास लगभग 40 साल पुरानी जमरानी फीडर नहर का लगभग 40 मीटर भाग क्षतिग्रस्त हो गया है।

     

    इस संबंध में डीएम ने सिंचाई विभाग को मौके पर मशीनरी और मैन पावर लगाकर तत्काल कार्य चालू करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिशासी अभियंता सिंचाई को कार्य की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए जिससे जल्द से जल्द कार्य पूरा हो सके और लोगों को आवाजाही में आसानी हो सके।

     

     

    जिलाधिकारी ने तीनपानी ने निरीक्षण के दौरान सिंचाई, नगर निगम को नहरों की सफाई के बाद सड़को पर रखे कूड़े के ढेर को तत्काल हटाने के साथ ही लगातार नहरों और नालों में सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए।

     

    परियोजना निदेशक जमरानी को क्षतिग्रस्त नहर को दुरस्त करने के साथ ही सफाई कराने को कहा।

     

    एनएचएआई को कहा कि सड़क के नीचे जिस स्थान पर नहर निकलती और उनकी निकासी होती है उसके क्षतिग्रस्त हिस्से को तत्काल सही और सफाई कराई जाए जिससे पानी ओवरफ्लो न हो।

     

    निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ए पी बाजपेई, एस डी एम हल्द्वानी प्रमोद कुमार, ईई सिंचाई बी सी नैनवाल, उप नगर आयुक्त तुषार सैनी, तहसीलदार सचिन कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।