Tag: उत्तराखंड पुलिस

  • सड़क हादसा– स्कॉर्पियो पलटी,,, युवा ज्वेलर्स की मौत, परिवार के पांच सदस्य गंभीर।

    सड़क हादसा– स्कॉर्पियो पलटी,,, युवा ज्वेलर्स की मौत, परिवार के पांच सदस्य गंभीर।

    उत्तराखंड—  दर्दनाक सड़क हादसे में युवा कारोबारी की मौत हो गई है परिवार के कई सदस्य घायल है। खबर जनपद हरिद्वार से है।

    हरिद्वार जिले के रूड़की क्षेत्र में देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में लक्सर निवासी युवा सर्राफा व्यापारी शैलभ वर्मा की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सहित परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, शैलभ वर्मा अपने परिवार के साथ एक रिश्तेदार की शादी समारोह से स्कॉर्पियो वाहन द्वारा लक्सर लौट रहे थे। रात करीब 11 से साढ़े 11 बजे के बीच लंढौरा स्थित पेट्रोल डिपो के पास वाहन कथित रूप से ऊंचे स्पीड ब्रेकर के कारण अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे खड्डे में पलट गया।

    हादसे में वाहन सवार सभी लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने 108 एंबुलेंस की सहायता से घायलों को रुड़की के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने शैलभ वर्मा को मृत घोषित कर दिया।

    घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उनकी पत्नी को मुजफ्फरनगर तथा अन्य परिजनों को देहरादून के हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    इस हृदयविदारक घटना से लक्सर क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस प्रशासन ने हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

  • उत्तराखंड : पति-पत्नी केबीच हुआ विवाद ,, कर दी सास की पीट-पीट कर हत्या।

    उत्तराखंड : पति-पत्नी केबीच हुआ विवाद ,, कर दी सास की पीट-पीट कर हत्या।

    उत्तराखंड—  पति-पत्नी के आपसी विवाद में बात इतनी बढ़ गई की पत्नी के घर वालों ने आकर इतनी हिंसक मारपीट की जिसमें सांस की मौत हो गई खबर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से है।

    पति-पत्नी के मामूली झगड़े ने ऐसा हिंसक रूप लिया कि दामाद को पीटने पहुंचे ससुराल वालों ने बीच-बचाव करने आई 70 वर्षीय बुजुर्ग मां की हत्या कर दी। परिजनों के अनुसार, सोनू शाह का अपनी पत्नी सुरभी के साथ घरेलू बातों को लेकर विवाद हुआ था।

    आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सुरभी ने अपने मायके पक्ष को सूचना दी, जिसके बाद देर रात मायके पक्ष के कई लोग सोनू के घर पहुंचे। सोनू का कहना है कि उसके साथ मारपीट की गई और इस दौरान उसकी मां संध्या शाह बीच-बचाव करने आईं, जिनके साथ भी कथित रूप से मारपीट हुई।

    परिजनों ने गंभीर रूप से घायल संध्या शाह को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

    क्या है पूरा मामला _जानिए

    मृतका संध्या शाह के बेटे सोनू शाह ने बताया कि उनकी बेटी की तबीयत खराब थी। वह उसे डॉक्टर के पास ले गए और दवा दिलाई। जब वह सब्जी लेकर लौटे, तो बच्ची रो रही थी और पत्नी सुरभी अपने बुटीक के काम में व्यस्त थी।
    सोनू ने पत्नी से बच्ची की देखभाल करने को कहा, जिस पर विवाद बढ़ गया। पत्नी ने डंडे से सोनू पर हमला किया, जिसके बाद पड़ोसियों ने बीच-बचाव किया और सोनू अपनी मां के पास सो गए।

    बताया गया जिसके बाद पत्नी सुरभी ने अपने मायके (काशीपुर) फोन कर जानकारी दी। रात करीब 12 बजे सास, साला, साली और अन्य लोग सोनू के घर पहुंचे। हमलावरों ने सोनू को बाथरूम में ले जाकर बुरी तरह पीटा।जब मां संध्या शाह बचाने आईं, तो आरोपी उन्हें एक कमरे में ले गए और दरवाजा लॉक कर दिया।

    आरोप है कि कमरे के अंदर उनके साथ इतनी मारपीट की गई कि अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी डीआर वर्मा फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने अभियुक्त पक्ष के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    घर में लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है आगे की जांच जारी है।

  • RDX धमाके की धमकी के बाद नैनीताल के न्यायालयों में सर्च ऑपरेशन,,, पब्लिक की सुरक्षा किसके भरोसे ?

    RDX धमाके की धमकी के बाद नैनीताल के न्यायालयों में सर्च ऑपरेशन,,, पब्लिक की सुरक्षा किसके भरोसे ?

    उत्तराखंड—  नैनीताल जिले के न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया।

    माननीय जिला न्यायाधीश, नैनीताल के आधिकारिक ईमेल आईडी पर आए एक धमकी भरे संदेश के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय नैनीताल, रामनगर कोर्ट और Haldwani स्थित जजी कोर्ट को एहतियातन खाली करा लिया गया।

    धमकी की सूचना मिलते ही Nainital Police ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी न्यायालय परिसरों में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। बम निरोधक दस्ते (BDS) और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली।

    एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र और एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। पुलिस द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत फ्रिस्किंग और सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

    बार एसोसिएशन हल्द्वानी के अध्यक्ष के.के. पंत के अनुसार, धमकी भरा ईमेल सुबह 8:41 बजे जिला जज नैनीताल के आधिकारिक मेल पर प्राप्त हुआ। मेल में दावा किया गया कि न्यायाधीश के चैंबर में आरडीएक्स आधारित आईईडी लगाए गए हैं और दोपहर 12:15 बजे तक परिसर खाली करने की चेतावनी दी गई। कथित ईमेल में एलटीटीई और पाकिस्तान आईएसआई का भी उल्लेख किया गया है।

    सूचना मिलते ही दोपहर तक सभी न्यायालय परिसरों को खाली करा लिया गया। दोपहर 1:30 बजे तक तलाशी अभियान जारी रहा। हल्द्वानी कोर्ट परिसर में कोतवाल विजय मेहता और एसपी क्राइम मनोज कुमार कत्याल ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

    फिलहाल किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता और अधिवक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। साथ ही आश्वासन दिया गया है कि धमकी भरे संदेश की गहन जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी न्यायालय परिसरों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

    पब्लिक सुरक्षा किसके भरोसे…

    हल्द्वानी जजी कोर्ट में बम की धमकी पर पुलिस के अधिकारी खाली हाथ आए थे, क्योंकि बम और डॉग स्क्वाड नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायालय गया था। अगर हल्द्वानी में बम मिल जाता तो उसे डिफ्यूज कैसे करते। वैसे, धमकी में दिए समय के बाद वो कोर्ट पहुंचे।

  • गरमपानी से युवती लापता,, युवक पर बहला-फुसलाकर ले जाने व धर्म परिवर्तन का आरोप।

    गरमपानी से युवती लापता,, युवक पर बहला-फुसलाकर ले जाने व धर्म परिवर्तन का आरोप।

    भवाली—   गरमपानी क्षेत्र से युवती के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला प्रकाश में आया है।

    युवती के पिता ने बारबर की दुकान में कार्यरत युवक पर बहला फुसलाकर भगा ले जाने तथा धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है ।

    शनिवार को पीड़ित के पिता भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ भवाली कोतवाली पहुंचे और मामले में तहरीर सौंपी, पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के अनुसार युवती पिछले तीन महीनों से लापता है, हाल ही में मिली जानकारी के आधार पर परिवार ने बताया कि विशेष समुदाय का युवक उनकी पुत्री को अपने साथ ले गया है, युवती की मां का कहना है कि उनकी बेटी का फोन आया था जिसमें उसने जबरन साथ ले जाने और मारपीट किए जाने की बात कही।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा कार्यकर्ता भावना मेहरा व मनोज भट्ट ने युवतीेे के परिजनों के साथ भवाली कोतवाली पहुच पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की ।

    उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं चिंताजनक हैं और यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो इससे क्षेत्र की सामाजिक संरचना प्रभावित हो सकती है ,नेताओं ने आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय द्वारा सुनियोजित तरीके से क्षेत्र की युवतियों को निशाना बनाकर जनसांख्यिकीय परिवर्तन (डेमोग्राफी चेंज) की कोशिश की जा रही है,

    उन्होंने प्रशासन से मामले की भी गंभीरता से जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की ,साथ ही भाजपा प्रतिनिधियों ने बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन और उनके संबंधित थानों से आपराधिक रिकॉर्ड मंगाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की, जिससे उनके आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच सुनिश्चित की जा सके।

    कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर युवती की बरामदगी के लिए दो पुलिस टीमें गठित कर संभावित स्थानों पर रवाना किया गया है ।

    उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस दौरान मण्डल उपाध्यक्ष शुभम कुमार रवि कुमार वैभव आनंद योगेश ढेला रजत गुणवंत मोहित कुमार सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • उत्तराखंड में आईपीएस के तबादले,,,, कई जिलों के कप्तान बदले गए।

    उत्तराखंड में आईपीएस के तबादले,,,, कई जिलों के कप्तान बदले गए।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड पुलिस में बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के कई वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

    इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल में कई महत्वपूर्ण जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बदले गए हैं, जिनमें देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और अल्मोड़ा शामिल हैं। साथ ही एसटीएफ, सतर्कता, अभिसूचना, सीबीसीआईडी, एसडीआरएफ तथा विभिन्न वाहिनियों में भी नई तैनातियां की गई हैं।

    फेरबदल के तहत कुछ अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए उच्च दायित्व सौंपे गए हैं, जबकि कई को कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण जिलों में भेजा गया है।

    शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी अविलंब कार्यभार ग्रहण करें तथा कार्यभार ग्रहण प्रमाणक की प्रति पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराएं।

    यह प्रशासनिक बदलाव राज्य में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

    किसे कहां मिली तैनाती

    निवेदिता कुकरेती ➝ पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ

    प्रल्हाद नारायण मीणा ➝ पुलिस उपमहानिरीक्षक, सतर्कता मुख्यालय

    यशवंत सिंह ➝ प्रधानाचार्य, पीटीसी नरेंद्रनगर

    प्रमेन्द्र डोबाल ➝ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून

    अजय सिंह ➝ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ

    नवनीत सिंह ➝ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार

    अजय गणपति कुम्भार ➝ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधमसिंहनगर

    मणिकान्त मिश्रा ➝ पुलिस अधीक्षक, अभिसूचना

    प्रदीप कुमार राय ➝ पुलिस अधीक्षक, सीबीसीआईडी

    अमित श्रीवास्तव ➝ सेनानायक, आईआरबी प्रथम, रामनगर

    अक्षय प्रहलाद कोण्डे ➝ पुलिस अधीक्षक, पिथौरागढ़

    चन्द्रशेखर आर. घोड़के ➝ पुलिस अधीक्षक, चम्पावत

    रेखा यादव ➝ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अल्मोड़ा

    देवेन्द्र पींचा ➝ सेनानायक, 31वीं वाहिनी पीएसी, रुद्रपुर

    निहारिका तोमर➝ पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग

    जितेन्द्र कुमार मेहरा ➝ पुलिस अधीक्षक, बागेश्वर

    जितेन्द्र चौधरी ➝ पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं यातायात, ऊधमसिंहनगर

    निशा यादव ➝ पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं यातायात, हरिद्वार

    मनोज ठाकुर ➝ अपर पुलिस अधीक्षक, कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल

    चन्द्रमोहन सिंह ➝ पुलिस अधीक्षक (क्षेत्रीय), अभिसूचना, देहरादून

  • देहरादून में फिर चली गोलियां :- मॉल के अंदर कारोबारी की हत्या.,,,

    देहरादून में फिर चली गोलियां :- मॉल के अंदर कारोबारी की हत्या.,,,

    उत्तराखंड—-  राजधानी देहरादून एक बार फिर गोलियों की आवाज़ से दहल उठी। शहर के बीचों-बीच स्थित सिल्वर सिटी मॉल में दिनदहाड़े एक कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है—क्योंकि महज़ 16 दिनों में यह पांचवीं हत्या है।

    मॉल की सीढ़ियों पर मौत

    सुबह करीब 10:30 बजे, जिम से नीचे उतरते समय 45 वर्षीय विक्रम शर्मा पर तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। तीन राउंड गोलियां चलीं, जिनमें दो सीधे उन्हें लगीं। पुलिस के मुताबिक हमलावर पूरी प्लानिंग के साथ आए थे। दो शूटर अंदर दाखिल हुए, जबकि तीसरा साथी मुख्य सड़क पर बाइक लेकर तैयार खड़ा रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों फरार हो गए।

    घटना के बाद मॉल परिसर को सील कर दिया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है, फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और एसटीएफ को जांच में लगाया गया है। वरिष्ठ अधिकारी खुद निगरानी कर रहे हैं।

    ‘जान का खतरा’ और जेब में पिस्टल

    प्राप्त हो रही प्रारंभिक जानकारी में बताया जा रहा है कि मृतक को पहले से खतरे की आशंका थी। उनके पास एक पिस्टल भी मिली, लेकिन हमलावरों ने उन्हें हथियार निकालने का मौका तक नहीं दिया। यह तथ्य इस वारदात को और भी संगठित और पूर्व-नियोजित बनाता है।

    विक्रम शर्मा मूल रूप से झारखंड के निवासी थे और काशीपुर में स्टोन क्रशर का व्यवसाय करते थे। हाल के दिनों में उनके व्यावसायिक संबंधों और संभावित रंजिशों की जांच की जा रही है। पुलिस व्यक्तिगत दुश्मनी, कारोबारी विवाद और अन्य एंगल से पड़ताल कर रही है।

    16 दिन में 5 मर्डर – डर का बढ़ता ग्राफ

    देहरादून और आसपास के इलाकों में हालिया घटनाएं चिंताजनक पैटर्न दिखाती हैं-

    29 जनवरी, विकासनगर – 18 वर्षीय छात्रा की हत्या।

    31 जनवरी, ऋषिकेश – घर में घुसकर महिला को गोली मारी गई।

    02 फरवरी, पलटन बाजार – 23 वर्षीय युवती की गला काटकर हत्या।

    11 फरवरी, तिब्बती मार्केट – कारोबारी अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या।

    13 फरवरी, सिल्वर सिटी मॉल – दिनदहाड़े फायरिंग में विक्रम शर्मा की मौत।

    लगातार हो रही इन वारदातों ने आम लोगों के मन में असुरक्षा की भावना गहरी कर दी है। बाजारों में दहशत है, व्यापारियों में आक्रोश है और आम नागरिकों के मन में सवाल,, क्या राजधानी सुरक्षित है ?

    सवाल सिर्फ एक घटना का नहीं

    राजधानी में इस तरह की आये दिन फायरिंग यह इशारा है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

  • अर्जुन की हत्या का मां ने 12 लाख में तय किया था सौदा,,,,सब पकड़े गए.।

    अर्जुन की हत्या का मां ने 12 लाख में तय किया था सौदा,,,,सब पकड़े गए.।

    उत्तराखंड–  देहरादून में हुए गैस संचालक के मर्डर के खुलासे ने लोगों को सन्न कर दिया है। संपत्ति विवाद के चलते एक मां ने अपने ही बेटे की मौत 12 लाख रुपये में सुपारी दे दी।

    हत्यारोपियों ने तीन लाख रुपये एडवांस लेकर युवक को मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मामले के मास्टरमाइंड तक पहुंच गई और मृतक की मां बीना शर्मा सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।

    देहरादून के कोतवाली डालनवाला क्षेत्र में तिब्बती बाजार के पास बुधवार को 10:30 बजे एक व्यक्ति को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा निवासी इंदिरा नगर, थाना बसंत विहार देहरादून के रूप में हुई थी।

    जो जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के स्वामी थे। इस घटना को लेकर अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर अपनी सास बीना शर्मा, उनके परिचित विनोद उनियाल, संगीता उनियाल पत्नी विनोद उनियाल, एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अजय खन्ना के साथ विवाद के बारे में जानकारी दी।

    पैसे के लेनदेन में हुई हत्या

    अभिलाषा शर्मा ने बताया था कि उनके पति अर्जुन शर्मा का अपनी मां बीना शर्मा के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था और यह मामला कोर्ट में है। अभिलाषा शर्मा ने इन सभी पर अपने पति की हत्या कराए जाने का संदेह जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। राजधानी में हुई इस हत्या को लेकर जहां पुलिस की किरकिरी हो रही थी तो वहीं घटना का जल्द खुलासे का दबाव भी पुलिस पर था।

    देहरादून पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया

    एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने तत्काल अलग-अलग टीमों का गठन कर नाकाबंदी करवा कर सघन चेकिंग अभियान चलवाया और देर रात मुठभेड़ में दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लाडपुर क्षेत्र में घायल बदमाश ने अपना नाम राजीव उर्फ राजू पुत्र अभय राम सिंह निवासी इंदिरा कॉलोनी चुक्खूवाला बताया, जबकि लाल थप्पड़ क्षेत्र में घायल बदमाश ने अपना नाम पंकज राणा पुत्र अभय सिंह निवास इंदिरा कॉलोनी बताया।

    पूछताछ में पुलिस को मिले इनपुट

    इन दोनों ने तिब्बती मार्केट के पास अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या करना स्वीकार किया। दोनों सगे भाइयों के कबूलनामे के बाद पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो पता चला कि पंकज राणा, विनोद उनियाल के पास ड्राइवर का काम करता है, जबकि राजीव ऑटो चलाता है। विनोद उनियाल, उनके परिचित डॉक्टर अजय खन्ना और मृतक अर्जुन की मां बीना शर्मा का अर्जुन शर्मा से प्रॉपर्टी और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था और पूर्व में भी इन लोगों ने एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

    मां ने बेचा बेटा कोर्ट पहुंच गया।

    डॉ. अजय खन्ना जो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं और एसके मेमोरियल नाम से अस्पताल चलाते हैं, ने बीना शर्मा से जीएमएस रोड स्थित उनकी संपत्ति को खरीदने की एवज में 14 करोड़ रुपये में डील की थी, जिसमें से अब तक 8 करोड़ रुपये बीना शर्मा को दे दिए गए थे, लेकिन अर्जुन ने इस प्रॉपर्टी पर कोर्ट से स्टे ले लिया था।

    न मानने पर रास्ते से हटाने का प्लान बनाया

    प्रॉपर्टी पर कब्जा न मिलने के कारण डॉ. अजय खन्ना काफी परेशान चल रहा था और बीना शर्मा पर अपने पैसों के लिए दबाव बना रहा था। जिसके कारण मां-बेटे के बीच अक्सर झगड़ा हो रहा था। इसी झगड़े के चलते मृतक की मां बीना शर्मा ने अपने पुत्र से खुद को खतरा बताते हुए हाई कोर्ट से सुरक्षा भी ली थी। इस मामले में अर्जुन शर्मा के किसी भी तरह न मानने के बाद इन लोगों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

    बाकी पैसे काम होने के बाद मिलने थे

    इन लोगों ने पंकज और राजीव से 12 लाख रुपये में अर्जुन शर्मा की हत्या करने का सौदा तय किया, जिसमें से तीन लाख दोनों आरोपियों को एडवांस में दिए गए, जबकि बाकी पैसे काम होने के बाद दिए जाने थे। दोनों आरोपियों ने 11 फरवरी की सुबह तिब्बती मार्केट के पास अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी, लेकिन यह लोग ज्यादा देर तक पुलिस से बच नहीं सके और देर रात मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

    हत्या से पहले मां ने ली थी पूरी जानकारी

    इन दोनों के बयान के बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला कि मृतक अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा ने अर्जुन शर्मा के मैनेजर विजय से कुछ दिन पहले उसकी दिनचर्या के बारे में जानकारी ली थी। मां से झगड़े के कारण अर्जुन शर्मा अपने परिवार के साथ इंदिरा नगर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। इन सभी तथ्यों के सामने आने पर पुलिस ने मुकदमे में नामजद बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना को गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है।

  • राजधानी में स्कूल के बाहर किडनैपिंग की अफवाह,,, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों से पैनिक।

    राजधानी में स्कूल के बाहर किडनैपिंग की अफवाह,,, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों से पैनिक।

    देहरादून—  राजधानी देहरादून में स्कूल के बाहर छात्रा के अपहरण की कोशिश की अफवाह ने सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा दिया। वायरल पोस्ट और वीडियो के चलते कई अभिभावक दहशत में आ गए, हालांकि पुलिस जांच में इस तरह की किसी भी घटना की पुष्टि नहीं हुई है।

    मामला शनिवार 7 फरवरी का बताया जा रहा है, लेकिन मंगलवार को सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए यह खबर फैली। दावा किया गया कि एक निजी स्कूल के बाहर बच्ची को जबरन वैन में बैठाने और इंजेक्शन लगाने की कोशिश की गई, लेकिन स्कूल प्रबंधन और पुलिस दोनों ने इसे फर्जी बताया है।

    स्कूल और पुलिस का साफ बयान

    दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरपर्सन डी.एस. मान ने स्पष्ट कहा कि स्कूल परिसर या बाहर कोई अपहरण की घटना नहीं हुई, न ही स्कूल की ओर से कोई लिखित एडवाइजरी जारी की गई। उन्होंने कहा कि केवल सामान्य सतर्कता की अपील की गई थी।

    CCTV में दिखी महिला का पक्ष

    वायरल सीसीटीवी फुटेज में दिख रही महिला और उसके पति से पुलिस ने पूछताछ की। महिला ने बताया कि वह पास स्थित गांधी शताब्दी अस्पताल में इलाज के लिए आई थी और स्कूल छुट्टी के समय बाहर बैठी थी। उसने किसी छात्रा से केवल स्कूल की फीस और पढ़ाई को लेकर सामान्य बातचीत की थी।
    पुलिस ने अस्पताल और डॉक्टर से भी क्रॉस-वेरिफिकेशन किया।

    एसएसपी का बयान: कोई गैंग सक्रिय नहीं

    एसएसपीअजय सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि बच्चों के बीच हुई सामान्य बातचीत को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे अफवाह फैली।

    उन्होंने साफ कहा कि देहरादून में किसी किडनैपिंग गैंग की कोई जानकारी नहीं है और अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई।

    पुलिस की अपील

    पुलिस ने अभिभावकों और आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें, ऐसी अफवाहें समाज में डर और भ्रम पैदा करती हैं।

  • भवाली में बाईपास के जंगलों की खाई से मिली लावारिस बाइक ,,, आशंकाओं का बाजार गर्म…  साजिश या हादसा..?

    भवाली में बाईपास के जंगलों की खाई से मिली लावारिस बाइक ,,, आशंकाओं का बाजार गर्म… साजिश या हादसा..?

    उत्तराखंड—  उत्तराखण्ड में नैनीताल के भवाली बाई पास में एक लावारिस मोटर साइकिल संदिग्ध हालात में राहगीरों की सूचना पर पुलिस को मिली है। कोतवाल अब मध्य प्रदेश के नंबर की इस बाइक की जानकारी जुटाने में लगे हैं।

    नैनीताल जिले में भवाली से भीमताल को जाने वाले बाईपास में आज राहगीरों को एक बाइक खाई में गिरी हुई दिखी। उन्होंने, इसकी जानकारी भवाली कोतवाली पुलिस को दी, जिसके बाद कोतवाल प्रकाश मेहरा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

    खाई में उतारने के बाद पुलिस जवानों को काफी नीचे मध्य प्रदेश के नंबर की एक बाइक मिली। बाइक खाई की झाड़ीयों में फंसने के कारण बहुत नीचे गिरने से बच गई।

    पुलिसकर्मियों ने एक तरफ बाइक को रस्सी से बांधा और दूसरी तरफ पुलिस की स्कार्पियो से बांधकर उसे मानवीय मदद से सड़क तक खींचा। बाइक कई दिनों से खाई में पड़ी नजर आ रही थी। ग्रे कलर की टी.वी.एस.अपाची जैसी दिखने वाली बाइक संख्या MP53MB6501 को सड़क तक लाया गया, जिसके बाद उसे लावारिस खाते में जमा कर दिया गया है।

    कोतवाल प्रकाश मेहरा ने बताया कि बाइक 15 भी दिन से खाई में गिरी होने की जानकारी मिली है। बाइक के स्वामी का नाम जानने के लिए जांच चल रही है।

    अब सवाल ये उठ रहे हैं कि बाइक के साथ कोई सवार भी तो नहीं थे ? कहीं किसी ने बाइक सवार को अपहृत कर बाइक खाई में तो नहीं फैंक दी ? कहीं आपसी दुश्मनी या खुंदक के चलते बाइक को इस सुनसान जगह लाकर ठिकाने तो नहीं लगाया गया है।

    मध्य प्रदेश के नंबर की बाइक ऊत्तराखण्ड और उसमें भवली जैसे दुर्गम क्षेत्र तक आखिर पहुंची कैसे ? इस बाइक की गुमशुदगी कहीं आसपास के थानों में लिखी तो नहीं है ?

  • शर्मनाक – सौतेले पिता की हैवानियत से डर के मारे घर से भागी बच्ची,,, सुनाई आपबीती…..।

    शर्मनाक – सौतेले पिता की हैवानियत से डर के मारे घर से भागी बच्ची,,, सुनाई आपबीती…..।

    कोटद्वार—   बेहद शर्मसार और झागजोर देने वाली खबर कोटद्वार से सामने आ रही है। जहां एक सौतेले पिता ने अपनी ही नाबालिग बच्ची के साथ रेप किया।

    घटना के बाद डरी-सहमी बच्ची घर से निकल गई थी, जिसके बाद परिजनों ने उसके लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पौड़ी एसएसपी ने तत्काल पुलिस टीम गठित कर बालिका की तलाश के निर्देश दिए। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर आसपास के इलाकों में सर्च अभियान शुरू किया और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले।

    बालिका को सकुशल बरामद किए जाने के बाद जब उसे सुरक्षित माहौल में काउंसलिंग के लिए रखा गया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। बालिका ने बताया कि उसके साथ सौतेले पिता ने दुष्कर्म किया था, जिसके डर से वह घर से भाग गई थी।

    पूरा मामला जानिए – बालिका लापता होने पर पुलिस ने शुरू की तलाश

    6 फरवरी को कोटद्वार कोतवाली में एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि उसकी बेटी सुबह घर से बिना बताए निकल गई थी और देर शाम तक वापस नहीं लौटी।
    शिकायत मिलते ही पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की। पुलिस टीमों ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की और दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले ताकि बालिका की लोकेशन का पता लगाया जा सके।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बालिका 6 फरवरी की सुबह अपनी नानी के पास पहुंची थी। पूछताछ में नानी ने बताया कि बालिका डरी हुई थी और उसने माता-पिता के साथ न रहने की इच्छा जताई थी।

    इसके बाद नानी ने बालिका को सिगड़ी क्षेत्र में एक परिचित के यहां छोड़ दिया था। पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर सिगड़ी और कलालघाटी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया और बालिका को सकुशल बरामद कर लिया।

    काउंसलिंग में हुआ दुष्कर्म का खुलासा
    बालिका को सुरक्षित माहौल में काउंसलिंग के लिए रखा गया। इसी दौरान उसने पुलिस को बताया कि 5 फरवरी की रात उसके सौतेले पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। घटना के बाद वह इतनी डर गई कि घर से निकल गई।

    बालिका की तहरीर के आधार पर कोटद्वार कोतवाली में आरोपी सौतेले पिता के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

    मामला दर्ज होते ही पुलिस ने और तेज़ कार्रवाई की। टीम ने आरोपी को नजीबाबाद रोड क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।