Tag: उत्तराखंड पुलिस

  • दून में कश्मीरी युवकों को रॉड से पीटा,आरोपी हिरासत में,,, पुलिस ने क्या बताया..।

    दून में कश्मीरी युवकों को रॉड से पीटा,आरोपी हिरासत में,,, पुलिस ने क्या बताया..।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में दो कश्मीरी युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में 18 वर्षीय दानिश और उसका नाबालिग रिश्तेदार घायल हुए हैं।

    नाबालिग युवक के हाथ में फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि दानिश को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें लगी हैं। दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

    घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है, जब दोनों युवक बाजार में एक दुकान से सामान खरीदने पहुंचे थे।

    घायलों का आरोप है कि दुकानदार को युवकों की पहचान और कश्मीर से होने की जानकारी मिलने के बाद वह भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतर आया। आरोप है कि इसके बाद मौके पर मौजूद कुछ अन्य लोग भी इकट्ठा हो गए और लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से दोनों युवकों पर हमला किया गया। पीड़ितों ने मारपीट में एक महिला की मौजूदगी का भी दावा किया है।

    पुलिस ने बताया : व्यक्तिगत विवाद, आरोपी हिरासत में

    पीड़ितों की शिकायत पर कोतवाली विकासनगर में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मुख्य आरोपी दुकानदार संजय यादव को हिरासत में ले लिया।

    देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया – “प्राथमिक जांच में यह मामला दुकान पर हुए आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। इसका किसी धर्म, जाति या क्षेत्रीय पहचान से संबंध नहीं पाया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।”

    एसएसपी के अनुसार, दोनों युवक अपने पिता के साथ पोंटा साहिब में किराए पर रहते हैं और छुट्टियों में वहीं आए हुए थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराया, जिसमें सभी जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गईं।

    पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और हमलावर को हिरासत में लेकर मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सुसंगत धाराओं में न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से भी यह स्पष्ट हुआ है कि घटना में कोई और व्यक्ति शामिल नहीं था और यह एक व्यक्तिगत विवाद था।

     

    छुट्टियों में कश्मीर से आए थे युवक

    जानकारी के अनुसार, दोनों युवक छुट्टियों में कश्मीर से अपने पिता के पास आए थे जो पोंटा साहिब में किराए पर रहते हैं और फेरी लगाने का काम करते हैं। युवक अपने पिता के काम में सहायता कर रहे थे।

    घटना सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं।

    उमर अब्दुल्ला की कड़ी प्रतिक्रिया

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में कश्मीरियों के साथ हो रही ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से मामले में एफआईआर और कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उत्तराखंड में रह रहे जम्मू-कश्मीर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया है।

    JKSA ने सख्त कार्रवाई की मांग की

    जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन (JKSA) ने घटना को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि युवकों से पहले उनकी पहचान को लेकर पूछताछ की गई और बाद में हमला किया गया। संगठन ने सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    घटना के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है।

    कांग्रेस ने इसे बिगड़ती कानून व्यवस्था का उदाहरण बताते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

    वहीं बीजेपी ने कहा कि पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की है और किसी भी प्रकार की हिंसा या नफरत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    कश्मीरी युवकों के साथ मारपीट के मामले पर सियासत

    विपक्षी दल कांग्रेस इसे बिगड़ती कानून व्यवस्था बता रही. कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गारिमा ने बताया कि इस तरह के सांप्रदायिक मामले प्रदेश में लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जो की चिंतनीय और शर्मनाक है।

    कानून व्यवस्था चरमारा चुकी है और सरकार केवल ऐसे मामलों कठोर कार्रवाई ना करते हुऐ केवल लीपापोती करने का काम करती है।

    बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर किया पलटवार

    वहीं BJP विधायक विनोद चमोली ने इस मामले में अपनी बात कहते हुए कहा इस तरह के सांप्रदायिक हिंसा के मुद्दों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही इस मामले पर पुलिस द्वारा विधिवत कार्रवाई की जा चुकी है।

    इम मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने X पर लिखा

    यह विरोधाभास चौंकाने वाला है। यही कश्मीरी शॉल पीएम और उनके करीबी लोगों के कंधों पर सार्वजनिक मंचों पर संस्कृति और विरासत के प्रतीक बनकर दिखाई देती हैं।

    कश्मीरी कारीगरी की प्रशंसा होती है, कश्मीरी सौंदर्य को अपनाया जाता है। लेकिन उस कारीगरी के पीछे खड़े लोग, बुनकर और विक्रेता- गरिमा, सुरक्षा और सम्मान से वंचित रह जाते हैं। यह कैसा संदेश देता है? कश्मीरी सुंदरता की कीमत है। कश्मीरी श्रम उपयोगी है। लेकिन कश्मीरी जिंदगियां महत्वहीन समझी जाती हैं। और फिर हमसे कहा जाता है कि “कश्मीर अब सामान्य है”, जबकि हकीकत यह है कि भारत में कहीं भी कश्मीरी होना ही असामान्य बना दिया गया है।

  • उत्तराखंड- क्रूर हत्या : खून से लथपथ मिला 12वीं की छात्रा का शव, , सीसीटीवी में दिखा चचेरा भाई_ फरार..।

    उत्तराखंड- क्रूर हत्या : खून से लथपथ मिला 12वीं की छात्रा का शव, , सीसीटीवी में दिखा चचेरा भाई_ फरार..।

    उत्तराखंड—-   उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक दिल दहला देने वाली और समाज को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। विकासनगर क्षेत्र में 12वीं कक्षा की छात्रा मनीषा तोमर (18 वर्ष) की अत्यंत क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बुधवार शाम मनीषा अपने चचेरे भाई सुरेंद्र (30) के साथ दांत की दवा दिलाने के बहाने घर से निकली थी, लेकिन इसके बाद वह कभी लौटकर नहीं आई।

    झाड़ियों में मिला शव, हालत ने झकझोर दिया

    जब देर रात तक मनीषा घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे, जहां गांव से करीब 300–400 मीटर दूर ढालीपुर शक्ति नहर के किनारे झाड़ियों में छात्रा का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला।

    पुलिस के अनुसार हत्या अत्यंत निर्ममता से की गई,, गले पर धारदार हथियार से कई वार, हाथों की उंगलियां और नाक कटी हुई,सिर पर भारी पत्थर से वार कर चेहरा कुचला गया।

    शव की स्थिति से स्पष्ट है कि हत्या उसी स्थान पर की गई थी।

    CCTV फुटेज में साथ दिखे, फिर गायब

    परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि मनीषा और उसका चचेरा भाई एक पेट्रोल पंप के CCTV कैमरे में बाइक से जाते हुए कैद हुए हैं। इसके बाद दोनों की कोई लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी।

    घटनास्थल से – एक मोटरसाइकिल (HP17B6147) धारदार हथियार (हंसिया) बरामद किया गया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि यह हथियार आरोपी ने कुछ दिन पहले ही खरीदा था।

    आरोपी फरार – नहर में कूदने की आशंका

    हत्या के बाद से चचेरा भाई सुरेंद्र उर्फ माडू फरार है। घटनास्थल के पास शक्ति नहर होने के कारण पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद आरोपी नहर में कूद गया हो सकता है। इसी के चलते SDRF की टीम को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है।

    SSP अजय सिं – हर पहलू से हो रही जांच

    देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया- रात करीब 12 बजे छात्रा का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई। आरोपी अभी ट्रेस नहीं हुआ है। हत्या के पीछे की वजहों की गहन जांच की जा रही है। गांव में CCTV की सीमित उपलब्धता और पास में नहर होने के कारण जांच चुनौतीपूर्ण है, लेकिन पुलिस हर एंगल से काम कर रही है।

    इस जघन्य वारदात के बाद शोक का माहौल है। परिजन गहरे सदमे में हैं, वहीं लोग आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले में सभी तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी गई है।

  • न्याय, समानता और बंधुत्व का संकल्प, संविधान की ताक़त, कुमायूँ पुलिस की प्रतिबद्धता : आई जी रिधिम

    न्याय, समानता और बंधुत्व का संकल्प, संविधान की ताक़त, कुमायूँ पुलिस की प्रतिबद्धता : आई जी रिधिम

    नैनिताल–   77वें गणतंत्र दिवस के शुभ एवं गौरवमयी अवसर पर कुमायूँ परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने कुमायूँ परिक्षेत्र की समस्त जनता, पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

    अपने संदेश में आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारे संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानों तथा भारत की एकता और अखंडता के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह दिवस प्रत्येक नागरिक को यह स्मरण कराता है कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के साथ-साथ हमारे कर्तव्य भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

    उन्होंने कहा कि कुमायूँ परिक्षेत्र की पुलिस जनता की सेवा, सुरक्षा और विश्वास को सर्वोपरि मानते हुए कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा समाज के कमजोर वर्गों की रक्षा हेतु निरंतर सजग एवं प्रतिबद्ध है। विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी पुलिस बल द्वारा कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और साहस के साथ किए जा रहे प्रयास प्रशंसनीय हैं।

    आईजी अग्रवाल ने कहा कि आज के इस पावन अवसर पर यह आवश्यक है कि सभी नागरिक अपने आचरण, कार्यशैली और निर्णयों में संवैधानिक मूल्यों—न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व—को आत्मसात करें तथा एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

    अंत में उन्होंने आह्वान किया कि इस गणतंत्र दिवस पर हम सभी राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा हेतु पूर्ण निष्ठा से कार्य करने तथा जनसेवा को अपना सर्वोच्च धर्म मानने का संकल्प लें।

  • गणतंत्र दिवस पर पुलिस के जवानों को बड़ा तोहफा..।

    गणतंत्र दिवस पर पुलिस के जवानों को बड़ा तोहफा..।

    उत्तराखंड—   गणतंत्र दिवस से पहले उत्तराखंड पुलिस के जवानों को बड़ी सौगात मिली है। पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड ने 46 अपर उपनिरीक्षक (सशस्त्र पुलिस) एवं अपर गुल्मनायक पीएसी/आईआरबी को पदोन्नत करते हुए गुल्मनायक पीएसी/आईआरबी के पद पर नियुक्ति प्रदान की है।

    पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह पदोन्नति लंबे समय से प्रतीक्षित थी, जिससे पदोन्नत कार्मिकों में उत्साह और मनोबल में वृद्धि देखने को मिल रही है। सभी पदोन्नत जवान प्रदेश के विभिन्न जिलों, पीएसी वाहिनियों और आईआरबी इकाइयों में तैनात रहे हैं, जहां उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और कार्यकुशलता का उत्कृष्ट परिचय दिया।

    प्रदेशभर से हैं पदोन्नत अधिकारी–

    पदोन्नति पाने वालों में देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर सहित कई जिलों तथा आईआरबी द्वितीय देहरादून, 31वीं, 40वीं और 46वीं पीएसी जैसी प्रमुख इकाइयों के कार्मिक शामिल हैं।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पदोन्नति विभागीय नियमों और वरिष्ठता के आधार पर की गई है। इससे न केवल जवानों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि पुलिस बल की नेतृत्व क्षमता और कार्यकुशलता को भी नई मजबूती मिलेगी।

  • हाईकोर्ट – नकल माफिया हाकम सिंह की जमानत मंजूर..।

    हाईकोर्ट – नकल माफिया हाकम सिंह की जमानत मंजूर..।

    नैनीताल—   उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने नकल माफिया के नाम से चर्चित हाकम सिंह को जमानत दे दी है। जबकि हाकिम के सहयोगी पंकज गौड़ की जमानत 14 जनवरी को न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ में मंजूर हुई थी।

    न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने बुधवार को हाकम सिंह की जमानत अर्जी पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने न्यायालय को बताया कि हाकम सिंह के खिलाफ नकल कराने के साक्ष्य नहीं हैं। उसे पूर्व के रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

    इसके अलावा इस मामले के एक अन्य आरोपी को जमानत दे दी गई है। इन तर्कों के आधार पर एकलपीठ ने हाकम सिंह की जमानत मंजूर कर ली।

    मामले के अनुसार, पटवारी भर्ती परीक्षा से एक दिन पूर्व यानी 20 सितम्बर 2025 को देहरादून पुलिस और एस.टी.एफ.उत्तराखंड ने संयुक्त कार्रवाई कर हाकम सिंह और उसके सहयोगी पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया था।

    उनपर आरोप लगाया गया था कि ये दोनों, अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर 12 से 15 लाख रुपये तक की मांग कर रहे थे।

  • किसान आत्महत्या केस :- एसएसपी समेत पांच पुलिस अधिकारियों को नोटिस..

    किसान आत्महत्या केस :- एसएसपी समेत पांच पुलिस अधिकारियों को नोटिस..

    उत्तराखंड—  काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या से जुड़े मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने एसएसपी उधम सिंह नगर सहित पांच पुलिस अधिकारियों को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए हैं।

    नोटिस सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और मृतक के परिजनों द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर जारी किए गए हैं।

    बताते चलें उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत ने 10 जनवरी 2026 की रात काठगोदाम थाना क्षेत्र के गौलापार स्थित एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वह अपनी पत्नी और 12 वर्षीय बेटे के साथ घूमने आए थे।

    आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने फेसबुक लाइव वीडियो बनाकर जमीन से जुड़े चार करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड और उत्तराखंड पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

    वीडियो में उन्होंने बताया कि कई महीनों तक शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जिससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। किसान की मौत ने पूरा सिस्टम हिला दिया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को सौंपी गई, जिन्होंने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। इससे पहले, प्रकरण से जुड़े पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जिले से बाहर स्थानांतरित भी किया जा चुका है।

    SIT चीफ IG STF को कमान-

    सच सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष SIT का गठन किया गया है। इस टीम की कमान आईजी एसटीएफ को सौंपी गई है। हाल ही में आईजी एसटीएफ नीलश आनंद भरणे ने काठगोदाम थाना क्षेत्र में घटनास्थल का निरीक्षण किया और टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही मामले की एफआईआर को थाना काठगोदाम शिफ्ट किया जा रहा है।

    बैंकिंग और भूमि रिकॉर्ड खंगाले जा रहे-

    SIT ने मृतक किसान द्वारा लगाए गए भूमि धोखाधड़ी के आरोपों की गहन जांच के लिए रजिस्ट्रार, तहसील कार्यालय और संबंधित बैंकों को नोटिस जारी किए हैं। इन संस्थानों से बैंकिंग ट्रांजेक्शन और दस्तावेजी रिकॉर्ड प्राप्त कर लेन-देन की सत्यता और कागजातों की प्रामाणिकता की जांच की जाएगी।

    तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण जारी-

    SIT सदस्य एवं पुलिस अधीक्षक, चंपावत अजय गणपति ने बताया कि घटनाक्रम से जुड़े अभिलेखों को कब्जे में लेकर सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही तकनीकी सर्विलांस के जरिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी इनपुट्स का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि घटनाक्रम की हर कड़ी स्पष्ट हो सके।

    निष्पक्ष जांच पर निगाहें-

    यह मामला एक किसान की दुखद मौत से जुड़ा है, मामले को गंभीरता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। अब सबकी निगाहें SIT की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे सच सामने आए और दोषियों को सजा मिल सके।

  • सनसनी:– सड़क किनारे खड़ी यूपी नंबर की पिकअप में मिले दो शव,, जांच जारी,,,।

    सनसनी:– सड़क किनारे खड़ी यूपी नंबर की पिकअप में मिले दो शव,, जांच जारी,,,।

    उत्तराखंड—-  अल्मोड़ा जनपद के भिकियासैंण क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप वाहन में दो शव मिलने की सूचना सामने आई।

    पिकअप वाहन उत्तर प्रदेश (बिजनौर) में पंजीकृत बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने वाहन के भीतर संदिग्ध हालत में पड़े लोगों को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही भिकियासैंण पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू की। एसएसपी अल्मोड़ा देवेन्द्र पींचा के अनुसार, भिकियासैंण से करीब 5 किलोमीटर दूर जैनल क्षेत्र में पिकअप (UP20CT0048) दिन से खड़ी थी,

    जबकि ग्रामीणों के अनुसार वाहन एक दिन पहले रात करीब 3 बजे से वहीं खड़ा था। सोमवार शाम करीब6:30 बजे जब ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो दोनों युवक बेहोशी की हालत में मिले।

    पुलिस ने तत्काल108 एंबुलेंस की मदद से दोनों को सीएचसी भिकियासैंण पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच के दौरान पिकअप के केबिन से दो कट्टे गेहूं भी बरामद हुए हैं।

    तलाशी के दौरान पुलिस को दोनों मृतकों की जेब से करीब ₹52 हजार नकद मिले हैं। इसके अलावा एक पहचान पत्र भी मिला है, जिसमें नाम अलाउद्दीन पुत्र जमालउद्दीन, निवासी थाना ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद दर्ज है। मृतकों की उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पिकअप वाहन बिजनौर (यूपी) के किसी व्यक्ति के नाम पंजीकृत बताया गया है।

    फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों और वाहन को कब्जे में लेकर सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी और तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।

  • सुखवंत आत्महत्या केस :- एसआईटी चीफ IG STF ने किया क्राइम सीन निरीक्षण, FIR काठगोदाम होगी शिफ्ट..।

    सुखवंत आत्महत्या केस :- एसआईटी चीफ IG STF ने किया क्राइम सीन निरीक्षण, FIR काठगोदाम होगी शिफ्ट..।

    काठगोदाम–  सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण की जांच को निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यपरक बनाए रखने के उद्देश्य से गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने शनिवार को अहम कदम उठाए।

    SIT के अध्यक्ष एवं IG STF  नीलेश आनन्द भरणे अपनी टीम के साथ काठगोदाम पहुंचे, जहां उन्होंने घटनास्थल (क्राइम सीन) का गहन निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान एफएसएल टीम के माध्यम से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए गए, वहीं प्रकरण से जुड़े स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। IG STF ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि SIT जांच के प्रत्येक पहलू पर गंभीरता से कार्य कर रही है।

    साक्ष्यों के संरक्षण पर विशेष जोर–

    SIT प्रमुख ने स्पष्ट किया कि ऊधमसिंहनगर पुलिस कार्यालय, थाना ITI, चौकी पैगा सहित अन्य संबंधित शाखाओं में उपलब्ध सभी अभिलेखों व दस्तावेजों को तत्काल प्रभाव से संरक्षित किया जा रहा है, ताकि साक्ष्यों की शुचिता और विश्वसनीयता बनी रहे।

    पीड़ित परिवार को सुरक्षा, स्थानीय पुलिस के संपर्क पर रोक–

    जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय पुलिस को पीड़ित परिवार अथवा गवाहों से अनावश्यक संपर्क न करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पीड़ित परिजनों की सुरक्षा के दृष्टिगत अन्य जनपदों से पुलिस गार्द तैनात की जा रही है।

    तकनीकी जांच के लिए SIT का विस्तार–

    प्रकरण के तकनीकी विश्लेषण को मजबूत करने हेतु SIT में 6 पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है, जिनमें—

    उप निरीक्षक हेमन्त कठैत (थाना लोहाघाट),
    उप निरीक्षक सोनू सिंह (ANTF),
    उप निरीक्षक राधिका भण्डारी (थाना चम्पावत),
    हेड कांस्टेबल विनोद यादव (थाना बनबसा),
    हेड कांस्टेबल कमल कुमार (थाना टनकपुर),
    कांस्टेबल गिरीश भट्ट (सर्विलांस सेल, टनकपुर) शामिल हैं।

    FIR काठगोदाम स्थानांतरित–

    देर सायं SIT टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान IG STF श्री भरणे ने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील मामला है, जिसकी जांच तथ्यों, साक्ष्यों और विधिक प्रावधानों के आधार पर निष्पक्ष रूप से की जा रही है। इसी क्रम में थाना ITI में पंजीकृत FIR को थाना काठगोदाम स्थानांतरित किया जा रहा है।

    SIT ने भरोसा दिलाया कि विवेचना के दौरान विधिसम्मत और सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके और न्याय सुनिश्चित हो।

  • किसान आत्महत्या मामला:– हाई-लेवल एसआईटी गठित,,, 12 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर।

    किसान आत्महत्या मामला:– हाई-लेवल एसआईटी गठित,,, 12 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर।

    हल्द्वानी—  काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या से जुड़े मामले में पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। किसान द्वारा आत्महत्या से पहले पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोपों को देखते हुए मामले की नई उच्चस्तरीय एसआईटी (विशेष जांच टीम) का गठन किया गया है। इस पांच सदस्यीय एसआईटी की अध्यक्षता आईजी एसटीएफ करेंगे।

    नई एसआईटी में पुलिस अधीक्षक चम्पावत अजय गणपति, क्षेत्राधिकारी टनकपुर वंदना वर्मा, निरीक्षक दीवान सिंह बिष्ट (जनपद चम्पावत) और उपनिरीक्षक मनीष खत्री (जनपद चम्पावत) को शामिल किया गया है। एसआईटी को पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और गहन जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    26 नामजदों पर पहले से मुकदमा दर्ज—

    गौरतलब है कि सुखवंत सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य गंभीर धाराओं में कोतवाली आईटीआई काशीपुर में पहले ही 26 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। यह कार्रवाई मृतक के परिजनों की तहरीर पर की गई थी।

    पहले भी गठित हुई थी एसआईटी—

    इससे पहले मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया था, जिसकी अगुवाई एसपी अपराध एवं यातायात नीहारिका तोमर कर रही थीं। उस जांच टीम में आईटीआई थाना, काशीपुर, कुंडा और एसओजी से जुड़े कई अधिकारी शामिल थे। हालांकि अब जांच की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए नई उच्चस्तरीय एसआईटी गठित की गई है।

    12 पुलिसकर्मियों का गढ़वाल रेंज में ट्रांसफर—

    मामले से जुड़े जिन 12 पुलिसकर्मियों को पहले लाइनहाजिर या निलंबित किया गया था, उन्हें अब कुमाऊं रेंज से गढ़वाल रेंज में ट्रांसफर कर दिया गया है।

    इनमें चमोली और रुद्रप्रयाग जनपदों में भेजे गए उपनिरीक्षक, अपर उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी और आरक्षी शामिल हैं। यह कदम जांच को प्रभावित होने से बचाने और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    किसान आत्महत्या प्रकरण ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नई एसआईटी के गठन और बड़े पैमाने पर ट्रांसफर को सरकार और पुलिस प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।

    अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच से पीड़ित परिवार को न्याय और मामले की सच्चाई सामने आ सके।

  • किसान की मौत ने सिस्टम की लापरवाही,,,, एसओ और एसआई निलंबित, पूरी चौकी लाइन हाजिर..।

    किसान की मौत ने सिस्टम की लापरवाही,,,, एसओ और एसआई निलंबित, पूरी चौकी लाइन हाजिर..।

    उत्तराखंड—   हल्द्वानी में किसान द्वारा आत्महत्या और पुलिस प्रताड़ना के गंभीर आरोपों से जुड़े प्रकरण में एसएसपी उधम सिंह नगर ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।

    मृतक सुखवंत सिंह पुत्र तेजा सिंह, निवासी पैगा, के आत्महत्या मामले में घोर लापरवाही और उदासीनता सामने आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर ने सख्त कदम उठाए हैं।

    पहले ही इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए जा चुके हैं। अब जांच की निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कोतवाली आईटीआई के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक कुन्दन सिंह रौतेला एवं उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित/प्रचलित है।

    निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मूल नियम-53 के तहत अर्द्ध औसत वेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, साथ ही पुलिस लाइन्स में रहना अनिवार्य किया गया है।

    यह भत्ता इस शर्त पर दिया जाएगा कि संबंधित अधिकारी किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार या व्यवसाय में संलग्न न हों,जिसका प्रमाण उन्हें प्रस्तुत करना होगा।

    मामले की गहन और विस्तृत प्रारंभिक जांच के लिए एसपी क्राइम एवं टीआरजी, ऊधमसिंहनगर को निर्देशित किया गया है। उन्हें निर्धारित समयसीमा में तथ्यात्मक और स्पष्ट जांच आख्या प्रस्तुत करनी होगी।

    इसके अतिरिक्त, चौकी पैगा, कोतवाली आईटीआई में तैनात कुल 10 अधिकारी एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर पुलिस लाइन्स, रुद्रपुर में आमद के निर्देश दिए गए हैं। लाइन हाजिर किए गए कर्मियों में शामिल हैं-

    उपनिरीक्षक/चौकी प्रभारी जितेन्द्र कुमार,अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह,मुख्य आरक्षी 154 ना०पु० शेखर बनकोटी,आरक्षी 327 ना०पु० भूपेन्द्र सिंह,आरक्षी 690 ना०पु० दिनेश तिवारी
    आरक्षी 501 ना०पु० सुरेश चन्द्र,आरक्षी 392 ना०पु० योगेश चौधरी,आरक्षी 60 ना०पु० राजेन्द्र गिरी,आरक्षी 298 ना०पु० दीपक प्रसाद, आरक्षी 159 ना०पु० संजय कुमार,,,

    एसएसपी ऊधमसिंहनगर ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।