नैनीताल/हल्द्वानी— खनन प्रभावित क्षेत्रों में जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) की धनराशि का वास्तविक लाभ स्थानीय जनता तक पहुंचाने की मांग को लेकर किसान मंच उत्तराखंड ने राजकीय इंटर कॉलेज हरिपुर ज़मन सिंह के नए भवन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है।

किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष किसान पुत्र कार्तिक उपाध्याय ने प्रभारी जिला खान अधिकारी नैनीताल नवीन सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और आगामी DMF बैठक में रा.इ.का. हरिपुर ज़मन सिंह के लिए लगभग ₹3 करोड़ की लागत से प्रस्तावित तीन मंजिला नवीन भवन के निर्माण हेतु धनराशि का प्रस्ताव रखने की मांग की।
400 से अधिक बच्चों के भविष्य का सवाल-
किसान मंच ने बताया कि विद्यालय में छात्र संख्या लगातार बड़ी रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में 364, 2023 में 386, 2024 में 424, 2025 में 429 और 2026 में 406 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत रहे हैं।
प्रदेश में एक ओर सरकारी विद्यालयों में घटती छात्र संख्या चिंता का विषय है, वहीं हरिपुर ज़मन सिंह में 400 से अधिक छात्र संख्या के बावजूद पर्याप्त कक्षाओं और सुरक्षित भवन की कमी गंभीर विषय है।
खनन प्रभावित क्षेत्र है हरिपुर ज़मन सिंह-
किसान मंच ने कहा कि हरिपुर ज़मन सिंह और आसपास का क्षेत्र स्टोन क्रेशर, खड़िया भंडारण एवं अन्य खनन गतिविधियों से प्रभावित है। स्थानीय जनता खनन से उत्पन्न धूल, भारी वाहनों के आवागमन और पर्यावरणीय प्रभावों को झेलती है।
कार्तिक उपाध्याय ने कहा, “खनिज हमारे क्षेत्र से निकले, खनन और स्टोन क्रेशरों का प्रभाव हमारे गांव और बच्चे झेलें, लेकिन जब शिक्षा के लिए धन की आवश्यकता हो तो उन्हें इंतजार करना पड़े – यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। खनन हमारे क्षेत्र में है तो DMF से शिक्षा पर पहला हक भी इसी क्षेत्र का है।”
अंतिम निर्णय जिलाधिकारी स्तर से, जल्द DM से मिलेगा किसान मंच-
मुलाकात के दौरान प्रभारी जिला खान अधिकारी नवीन सिंह ने अवगत कराया कि DMF से प्रस्तावों पर धनराशि उपलब्ध कराने का अंतिम निर्णय जिलाधिकारी स्तर से किया जाता है। किसान मंच ने अनुरोध किया कि संगठन का ज्ञापन जिलाधिकारी नैनीताल तक पहुंचाया जाए और विद्यालय भवन की आवश्यकता को आगामी DMF बैठक में प्रस्तावित किया जाए।
किसान मंच ने घोषणा की है कि संगठन का प्रतिनिधिमंडल जल्द जिलाधिकारी नैनीताल से मुलाकात कर ₹3 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने की मांग सीधे उनके समक्ष रखेगा।
नैनीताल DMF का हिसाब हमारे पास’-
कार्तिक उपाध्याय ने कहा, “किसान मंच ने नैनीताल DMF का हिसाब-किताब निकाला हुआ है। हमें जानकारी है कि किस प्रकार के कार्यों पर धनराशि खर्च की गई है। इसलिए प्रशासन से हमारा सीधा प्रश्न है – जब DMF से विभिन्न कार्यों पर लाखों रुपये खर्च हो सकते हैं तो खनन प्रभावित क्षेत्र के 400 से अधिक बच्चों के लिए लगभग ₹3 करोड़ का विद्यालय भवन प्राथमिकता क्यों नहीं बन सकता?”
उन्होंने स्पष्ट किया कि मंच का उद्देश्य किसी विकास कार्य का विरोध करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि DMF की मूल भावना के अनुरूप खनन प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता मिले तथा फंड के इस्तेमाल में पूर्ण पारदर्शिता रहे।
ग्राम प्रधानों से एकजुट होने की अपील-
किसान मंच ने हरिपुर ज़मन सिंह सहित आसपास के ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और युवाओं से विद्यालय भवन की मांग पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील की है।

कार्तिक उपाध्याय ने कहा, “स्कूल किसी पार्टी का नहीं, हमारे बच्चों का है। राजनीति चुनाव के समय करिए, लेकिन बच्चों के भविष्य और क्षेत्र के अधिकार की लड़ाई में सभी एक मंच पर आएं।”
