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रुद्रपुरआहुजा धर्मशाला रुद्रपुर में इंक़लाबी मजदूर केंद्र का शहर सम्मेलन जोशो-खरोश के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ किया गया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हुई और करीब दस प्रस्ताव पारित किए गए।

सम्मेलन में गज़ा में जारी नरसंहार, नई श्रम संहिताओं, आपराधिक कानूनों, मजदूर विरोधी नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व स्वास्थ्य की लचर व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए। अंत में छह सदस्यीय शहर कमेटी का गठन किया गया, जिसमें कैलाश चंद्र को सचिव और दिनेश चंद्र को कोषाध्यक्ष चुना गया।

खुले सत्र में वक्ताओं ने कहा कि मजदूर, किसान, छात्र और नौजवान लगातार दमन का शिकार हो रहे हैं। सिडकुल पंतनगर की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा गया कि मजदूरों की आवाज़ दबाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने श्रम कानूनों को लागू कराने, रोजगार सृजन करने और शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग उठाई।

कार्यक्रम के अंत में जियोनवादी इजराइल और अमेरिकी साम्राज्यवाद का पुतला दहन किया गया और गज़ा की जनता के साथ एकजुटता जताई गई। साथ ही मोदी सरकार से इजराइल के साथ संबंध तोड़ने की मांग भी की गई।

सम्मेलन को इंक़लाबी मजदूर केंद्र के कैलाश भट्ट, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के शिवदेव सिंह, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की वंदना, इंटरार्क मजदूर संगठन पंतनगर के एस.एन. मिश्रा, CSTU के शंभू, यजाकी वर्कर यूनियन के रविंद्र कुमार, वैलराइज वर्कर्स यूनियन के कृष्ण कुमार, डालफिन मजदूर संगठन की सुनीता व पिंकी गंगवार, एरा श्रमिक संगठन के दिनेश कुमार, परिवर्तनकामी छात्र संगठन की खुशी, ठेका मजदूर कल्याण समिति के मनोज व मजदूर नेता सुदर्शन शर्मा सहित कई संगठनों के नेताओं ने संबोधित किया।

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