24 अप्रैल से 25 मई तक हर उत्तराखंडी को अपने मूल निवास पर पहुंचने की अपील।

उत्तराखंड—  उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी जोत सिंह बिष्ट ने ‘अपनी गणना अपने गांव’ अभियान के तहत उत्तराखंड में 24 अप्रैल से 25 मई के बीच होनी वाली जनगणना में ‘बाहरी राज्यों’ में कार्य कर रहे उत्तराखंडियों को अपने मूल निवास पहुँचने की अपील की है।

नैनीताल के राज्य अतिथि गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जोत सिंह बिष्ट ने बताया की पहाड़ से लगातार हो रहे पलायन के चलते उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र जैसे उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, अल्मोड़ा, चम्पावत, बागेश्वर सहित कई इलाकों में आंकड़ों के हिसाब से जनसंख्या में भारी गिरावट देखने को मिली है।

जनगणना के बाद राज्य के पर्वतीय जिलों में जनसंख्या में कमी से केंद्र व राज्य सरकार, ग्रामीण क्षेत्रों को मिलने देने वाली मूलभूत सुविधाओं में कमी कर सकती है।

इससे, पहाड़ी क्षेत्रों का विकास अवरुद्ध हो जाएगा। उन्होंने कहा की आगामी जनगणना के बाद राज्य के पर्वतीय जिलों का जो परिदृश्य उभरकर आना संभावित है, उसपर अभी से चर्चा करना और राज्य के एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हम सभी को सजग रहना होगा।