रुद्रपुर— एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात गैंगस्टर योगेश भदौड़ा की गिरफ्तारी अब विवादों में घिर गई है। गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष विक्रम राठौड़ को लाइन हाजिर कर दिया, जबकि पैगा चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह को भी उनके पद से हटा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात गैंगस्टर योगेश भदौड़ा लंबे समय से उत्तर प्रदेश पुलिस और यूपी एसटीएफ की वांछित सूची में शामिल था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसकी छवि एक ऐसे अपराधी की रही है जो भारी सुरक्षा और हथियारबंद साथियों के साथ चलता था।
लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी एक खंडहर के पास पेड़ के नीचे से दिखाई। पुलिस का दावा है कि उसके पास से केवल एक जंग लगा तमंचा और तीन कारतूस बरामद हुए। यही तथ्य अब सवालों के केंद्र में हैं और गिरफ्तारी की पूरी कहानी पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के तरीके और उससे जुड़े तथ्यों को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच जानकारी साझा की गई इसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष विक्रम राठौड़ को लाइन हाजिर कर दिया गया और चौकी इंचार्ज को भी हटा दिया गया।
बताया जा रहा है कि पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि गिरफ्तारी किन परिस्थितियों में हुई, पुलिस की कार्रवाई नियमानुसार थी या नहीं, और क्या किसी स्तर पर कोई चूक हुई।
हालांकि, अब तक किसी भी अधिकारी ने यह आधिकारिक रूप से नहीं कहा है कि पुलिसकर्मियों की किसी अपराधी से मिलीभगत थी। ऐसे दावों की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का विस्तृत आधिकारिक बयान और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।
